हॉकी

एफ़आईएच प्रो लीग में भारत का जीत के साथ आग़ाज़

मेज़बान टीम ने आसानी के साथ नीदरलैंड पर दर्ज की धमाकेदार जीत

लेखक सैयद हुसैन ·

शनिवार की शाम भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेले गए एफ़आईएच प्रो लीग के पहले मुक़ाबले को भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने यादगार बना दिया और डेब्यू मैच में ही नीदरलैंड को 5-2 से शिकस्त दी।

भारतीय टीम ने मैच के पहले मिनट में ही बढ़त ले ली थी, जब 28वें सेकंड्स में गोल करते हुए टीम इंडिया ने फ़ैंस को झूमने का मौक़ा दे दिया था। मनदीप सिंह ने शुरू में ही गेंद अपने पाले में कर ली थी और उनके ड्रैग को गुरजंत सिंह ने ख़ूबसूरती के साथ गोल पोस्ट में दिशा दिखा दी।

शुरुआती गोल खाने के बाद नीदरलैंड हैरान रह गए थे, इसके बाद बराबरी करने के इरादे के साथ उन्होंने कुछ आक्रामक शॉट लगाए। एक वक़्त वह बराबरी करने के बेहद क़रीब भी आ गए थे लेकिन फ़ॉर्वर्ड मिर्को प्रुईज्सर गोल में तब्दील करने से चूक गए।

मुक़ाबला कांटे का चल रहा था और दोनों ही टीमें एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहीं थीं, लेकिन तभी 11वें मिनट में भारत को एक पेनल्टी कॉर्नर मिल गया। जिसे अनुभवी ड्रैग फ़्लिकर रूपिन्दर पाल सिंह ने अपने नाम के मुताबिक़ भुनाते हुए एक और गोल दागा और अब भारत 2-0 से आगे हो गया था।

हालांकि बस तीन मिनट बाद ही डच टीम ने इस बढ़त को कम कर दिया था, ये ग़लती भारत की ओर से हुई जब कृषण पाठक जिन्हें पी आर श्रीजेश से पहले गोल पोस्ट की ज़िम्मेदारी दी गई थी, उनसे गेंद पास देने के दौरान मनप्रीत सिंह के पैर पर जा लगी जिसके बाद नीदरलैंड को पेनल्टी कॉर्नर मिल गया था।

उन्होंने इसका फ़ायदा उठाया और डिफ़ेंडर जिप जैन्सेन ने डच टीम को मैच में वापस ला दिया था। पहले क्वार्टर में इसके बाद फिर और कोई गोल देखने को नहीं मिला, लेकिन दूसरे क्वार्टर में नीदरलैंड शुरू से ही आक्रामक रूख अख़्तियार कर चुकी थी।

20वें मिनट में डच टीम को एक के बाद एक तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने सभी के सभी मौक़ों को मेहमान टीम के पक्ष में नहीं जाने दिया और स्कोर बराबर करने से नीदरलैंड चूक गई। हालांकि कुछ ही देर बाद जेरॉन हर्ट्ज़बर्गर और डीड वैन पफ़ेलेन की तालमेल के दम पर डच टीम ने स्कोर बराबर कर दिया था।

और इस तरह से पहला हाफ़ धमाकेदार रहा और दोनों ही टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।

दूसरे हाफ़ में रहा भारत का दबदबा

दूसरे हाफ़ की शुरुआत में ही टीम इंडिया ने मैच अपनी ओर मोड़ने का दम दिखा दिया था, भारतीय उप-कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने आक्रमकता दिखाते हुए दो बार डच रक्षापंक्ति को भेदने की कोशिश की जिसमें एक बार क़ामयाब रहे।

कप्तान मनप्रीत सिंह ने इसके बाद गेंद मनदीप सिंह को पास की, और उन्होंने ख़ूबसूरती के साथ भारत को अब एक बार फिर बढ़त दिला दी थी। इसके बाद टीम इंडिया ने वीडियो रेफ़रल का अच्छा इस्तेमाल किया और पेनल्टी कॉर्नर जीत लिया था लेकिन इस बार रूपिन्दर पाल सिंह का ड्रैग फ़्लिक थोड़ा बाहर चला गया।

भारत के लिए चौथा गोल और दो गोलों की बढ़त 42वें मिनट में आई, जब हरमनप्रीत सिंह ने तीन डच खिलाड़ियों को छकाते हुए गेंद को ललित उपाध्याय को पास कर दिया जहां से उन्होंने गेंद को नेट्स में पहुंचाय दिया था।

अभी गोलों की बारिश थमी नहीं थी, भारत ने शनिवार की शाम कुल 6 वीडियो रेफ़रल लिए और सभी के सभी सही साबित हुए, चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही इसके ज़रिए टीम इंडिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार रूपिन्दर पाल सिंह ने कोई ग़लती नहीं की और अपना दूसरा और टीम इंडिया का पांचवां गोल कर दिया और भारत अब 5-2 से बढ़त दिला दी थी।

तीन गोल की बढ़त के बाद अब भारत ने कोई ज़्यादा कोशिश नहीं की और चालाकी के साथ खेलते हुए बचे हुए क्वार्टर में कोई और गोल नहीं ज़ाया किया।

नीदरलैंड के पास अब रविवार को मौक़ा होगा कि भारत से इस हार का बदला लिया जाए, जब ये दोनों देश फिर एक दूसरे के सामने होंगे।