हॉकी

डच टीम को दूसरे मैच में हराने के लिए भारतीय टीम ने दिखाया दम

मैच में पिछड़ने के बाद मेज़बान टीम ने वापसी करते हुए पहले स्कोर बराबर किया, उसके बाद शूटआउट में अपने धमाकेदार प्रदर्शन ने मैच जीत लिया।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने 2020 एफआईएच प्रो लीग के अपने दूसरे मैच में नीदरलैंड के खिलाफ लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। रविवार को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शूटआउट में डच टीम को 3-1 से हराया।

पहला हाफ

शनिवार को मिली जीत से उत्साहित भारतीय टीम ने इस मैच में भी उसी अंदाज़ में शुरूआत करने की कोशिश की। भारत ने आक्रामक खेल जारी रखा, जिससे जल्दी ही भारतीय टीम को पेनल्टी मिली, जिसपर रूपिंदर पाल सिंह ने ड्रैग किया, हालाकि कप्तान मनप्रीत सिंह उसे गोल पोस्ट में नहीं भेज सके, इसके साथ ही पहला क्वार्टर बिना गोल के समाप्त हो गया।

दूसरे क्वार्टर में नीदरलैंड ने सावधानी से खेलना शुरू किया, डायरेक्ट आक्रमण के बजाय वो छोटे-छोटे पास में खेलने लगे। दूसरी ओर भारतीय टीम लगातार गोल करने के मौके तलाश रही थी। इसके बाद भारतीय टीम ने कई मौके बनाए लेकिन गोल करने में सफल नहीं हो पाई।

पहले हाफ में भारत ने कई मौके बनाए इसके बावजूद खेल का पहला गोल डच टीम ने 24वें मिनट में किया। मिरेको प्रुइजर ने पेनल्टी कार्नर हासिल किया, जब उन्होंने गेंद को सुरेंद्र कुमार के पैर में मारा, सुरेंद्र ने उसे दो बार बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन दोनों बार असफल रहे और इस तरह 24वें मिनट में पहला गोल विपक्षी टीम ने कर 0-1 की बढ़त बना ली।

पहले हाफ में एसवी सुनील ने शानदार मौका बनाया, वो दाईं ओर से घेरे में गए और मंदीप सिंह को पास दिया लेकिन वो गेंद पर सही से पकड़ नहीं बना सके। इसके बाद भारत ने दो और शानदार मौके बनाए, जिससे भारतीय टीम को बढ़त मिल सकती थी लेकिन दोनों मौके व्यर्थ गए।

खेल के 25वें मिनट में पिछले मैच के स्टार ललित उपाध्याय ने टीम के लिए पहला गोल कर 1-1 की बराबरी पर ला दिया। कुछ समय बाद ही भरतीय टीम फिर पिछड़ गई। नीदरलैंड ने 26वें और 27वें मिनट में एक के बाद एक गोल कर बढ़त 1-3 की कर ली।

दूसरा हाफ

डच कोच मैक्स कैलडस को लगा कि भारतीय टीम से गेंद को दूर रखने के लिए छोटे पास कारगर साबित हो रहे हैं, उन्होंने अपनी टीम से इसी रणनीति के साथ तीसरे क्वार्टर में उतरने का निर्देश दिया।

तीसरे क्वार्टर में भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह 10 मिनट के लिए बाहर बैठना पड़ा, जब उन्होंने गेंद को रिसिव करने का प्रयास किया और रेफरी को ये खतरनाक तरीका लगा, जिसके कारण वो 10 मिनट मैदान से बाहर रहे।

ओरंजे ने डच के लिए जल्द ही एक पेनल्टी कार्नर हासिल किया, जिसे चालाकी से अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने बचा लिया, जो भारत के लिए अपना 230वां मैच खेल रहे थे। इस क्वार्टर में कोई प्रयास देखने को नहीं मिला और तीसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका।

चौथे और आखिरी क्वार्टर में मनदीप सिंह ने 51वें मिनट में गोल कर भारतीय फैंस को झूमने का मौका दिया। थोड़ी देर बाद ही रूपिन्दर पाल सिंह ने 55वें मिनट में एक और गोल कर भारतीय टीम को बराबरी पर ला खड़ा किया। इस गोल ने जहां भारतीय टीम के हौसले बुलंद किए वहीं विरोधी टीम पर दबाव बना दिया।

शूटआउट में भारत की जीत

मैच बराबरी में पहुंच चुका था जिसका परिणाम अब शूटआउट से होने वाला था। भारतीय टीम ने यहां अपना बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया और मुकाबला 3-1 से अपना नाम कर लिया। विवेक, गुरजंत सिंह और आकाशदीप सिंह ने भारत की ओर से गोल किया, वहीं डच टीम की ओर से सैम वान डर वेन एक मात्र गोल करने में कामयाब रहे।

हरमनप्रीत सिंह और रूपिंदर पाल सिंह के शॉट को नीदरलैंड के कीपर बचाने में कामयाब रहे लेकिन उससे बेतर प्रदर्शन करते हुए पीआर श्रीजेश सिर्फ एक गोल होने दिया और इस तरह से शूटआउट मुकाबले में भारतीय टीम ने जीत हासिल की। अब दो मैचों में भारतीय टीम के पास पांच अंक हो गए हैं जिसकी मदद से वो अब शीर्ष पर आ गई है।