भारतीय घुड़सवार फवाद मिर्ज़ा ने रचा इतिहास, हासिल किया ओलंपिक कोटा

भारत का यह 27 वर्षीय स्टार घुड़सवार सिडनी 2000 के बाद घुड़सवारी में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाला पहला भारतीय बन गया है।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय घुड़सवार फवाद मिर्ज़ा ने दो दशकों बाद घुड़सवारी में ओलंपिक कोटा हासिल कर इतिहास रच दिया है। इससे पहले सिडनी 2000 में इम्तियाज़ अनीस ने यह कारनामा किया था। फवाद दक्षिण पूर्व एशिया और ओसियाना ग्रुप जी की व्यक्तिगत स्पर्धा वर्ग में शीर्ष रैंकिंग के घुड़सवार रहे। जिसके चलते उन्होंने 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए कोटा स्थान हासिल करने में कामयाबी हासिल कर ली।

27 वर्षीय इस घुड़सवार ने छह क्वालीफाइंग स्पर्धाओं में से 64 अंक हासिल किए, जिनमें से 34 अंक अपने पहले घोड़े फर्नाहिल फेसटाइम के साथ, और अन्य 30 अंक अपने दूसरे घोड़े टचिंगवुड के साथ बनाए।

रचा नया इतिहास

एशियाई खेलों में 2018 में दो सिल्वर मेडल जीत चुक मिर्ज़ा इंद्रजीत लांबा (अटलांटा 1996) और इम्तियाज अनीस (सिडनी 2000) के बाद ओलंपिक में शामिल होने वाले भारत के तीसरे घुड़सवार प्रतिभागी बन सकते हैं।

बेंगलुरु के रहने वाले मिर्ज़ा ने चार स्टार वाले स्तर के ओलंपिक क्वालीफायर टूर्नामेंट में भाग लिया था, जहां वह अच्छे अंक हासिल करते हुए सभी प्रतिभागियों के बीच शीर्ष 25 फीसदी घुड़सवारों में शामिल रहे। मिर्ज़ा के प्रदर्शन को यह तथ्य और भी खास बना देता है, जिसे जानकार आपको औप भी हैरानी होगी।

दरअसल, मिर्ज़ा ने अपने दूसरे घोड़े के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए यह ओलंपिक कोटा सुरक्षित करने में कामयाबी हासिल की है। उनके मुख्य और पहले घोड़े फेर्नहिल फेसटाइम को चोट लगने की वजह से बाहर कर दिया गया।

हालांकि मिर्ज़ा ने ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया है, इसके बावजूद उन्हें अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी महासंघ (FEI) से आधिकारिक पुष्टि होने तक प्रतीक्षा करनी होगी। यह घोषणा 20 फरवरी को की जाएगी।