डेविस कप: पाकिस्तान के खिलाफ भारत की क्या हैं उम्मीदें

भारतीय टेनिस टीम में सुमित नागल और लिएंडर पेस पर होंगी सभी की नजरें।

लेखक रितेश जायसवाल ·

डेविस कप में लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले का इंतज़ार अब खत्म होने को है। दोनों पड़ोसी देश इस सप्ताह के अंत में 29 नवंबर को तीसरे देश कज़ाकिस्तान के सर्द मौसम में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे करेंगे। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से पसंदीदा टेनिस सितारे लिएंडर पेस और सुमित नागल पाकिस्तान से मुकाबला करने के लिए उतरेंगे। जबकि पाकिस्तान के शीर्ष स्तर के खिलाड़ी ऐसाम-उल-हक कुरैशी ने कुछ हफ़्ते पहले ही इस प्रतियोगिता से अपना नाम वापस ले लिया है।

सुमित नागल पर होंगी निगाहें

22 वर्षीय सुमित नागल भारतीय टेनिस के दिल की धड़कन बन गए हैं, जब से उन्होंने स्विस दिग्गज रोजर फेडरर को यूएस ओपन 2019 में कांटे की टक्कर दी। उन्होंने इसके बाद सराहनीय प्रदर्शन करते हुए फाइनल में 6-4, 6-2 से फाकुंडो बैगनिस को हराते हुए ब्यूनस आयर्स चैलेंजर का खिताब जीता।

यही नहीं, इस भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने हालिया दिनों में अन्य प्रतियोगिताओं में भी काफी उम्दा प्रदर्शन किया है। वह कैंपिनास चैलेंजर के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ-साथ इटली के एस्परिया टेनिस कप में भी पहुंचने में सफल रहे। नागल वर्तमान में दुनिया में 131वें स्थान पर हैं और पाकिस्तान के खिलाफ डेविस कप में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक होंगे।

लिएंडर पेस की होगी वापसी

भारत के 18 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता लिएंडर पेस ने कुछ सप्ताह पहले ही खुलासा किया है कि वह अपने रिकॉर्ड आठवें ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए टोक्यो 2020 में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। इस ओलंपिक सपने को साकार करने के मकसद से वह पाकिस्तान के खिलाफ डेविस कप में कोर्ट में क़दम रखेंगे। जहां 46 वर्षीय यह भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी साकेत मायनेनी के साथ साझेदारी करते हुए पुरुष युगल वर्ग में मुकाबला करेगा।

पेस ने कहा, “भारतीय टेनिस दल में मुझको लेकर कई अटकलें चल रही हैं, जैसे कि यह मेरा आख़िरी डेविस कप होगा। लेकिन मेरे लिए हमेशा से ही अपने देश के लिए खेलना सबसे बड़ा सम्मान रहा है।मेरा ध्यान खुद को देश के लिए खेलने के लिए तैयार करना और जीतना है।”

यह बयान उन्होंने स्क्रॉल.इन को दिए गए एक साक्षात्कार में इटली के खिलाफ डेविस कप में असफल रहने के बाद भारतीय टेनिस टीम में वापसी करने पर दिया।

पेस और नागल के अलावा, भारत की ओर से रामकुमार रामनाथन, साकेत मायनेनी और जीवन नेदुनचेझियान भी प्रतियोगिता में शामिल होंगे।

विपक्षी दल का हाल

पाकिस्तानी टेनिस टीम इस डेविस कप मुकाबले में छुपी रुस्तम साबित हो सकती है, क्योंकि शीर्ष 1000 रैंकिंग में उनके कोई भी एथलीट नहीं हैं। वे अपने दिग्गज खिलाड़ी कुरैशी और अकील खान के प्रतियोगिता से बाहर होने के कारण कमज़ोर नज़र आ रहे हैं।

ऐसे में यूसुफ खलील और 17 वर्षीय मुहम्मद शोएब पाकिस्तान की मुख्य उम्मीद होंगे। ये दोनों टेनिस के दृष्टिकोण से नए खिलाड़ी हैं और डेविस कप में सभी को अपने खेल से हैरान कर सकते हैं।

पाकिस्तान के अलावा, भारत के टेनिस खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती कज़ाकिस्तान का सर्द मौसम भी होगा। अपने टेनिस सीज़न के अधिकांश हिस्से में भारतीय खिलाड़ियों ने उष्णकटिबंधीय जलवायु में प्रशिक्षण लिया है, लेकिन कज़ाकिस्तान की धरती पर कदम रखते ही सभी को विपरीत जलवायु में प्रतिद्वंदी खिलाड़ियों का सामना करना होगा। उम्मीद की जा रही है कि वहां का तापमान -20 डिग्री सेल्सियस से भी कम जा सकता है।

टीम के कोच जीशान अली ने स्क्रॉल.इन को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा, “सबसे बड़ा मुद्दा मौसम है, ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों को जलवायु के अनुकूल खुद को ढ़ालने में काफी मुश्किल होगी, खासकर चोटों के मामले में काफी ध्यान रखना होगा। वार्म-अप और कूलडाउन की प्रक्रिया बेहद जरूरी होगी।"

आपको बता दें, अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (ITF) के स्वतंत्र सुरक्षा सलाहकारों की सलाह पर एशिया/ ओशिनिया ग्रुप मुकाबलों को इस्लामाबाद के मूल स्थल से स्थानांतरित कर दिया गया है।

पहले दिन के मुकाबले 29 नवंबर को भारतीय समयानुसार 13:30 पर शुरू होंगे। भारत ने पाकिस्तान के साथ हुए अपने पिछले छह डेविस कप मुकाबलों में जीत हासिल की है।