पैरा एथलीट संदीप चौधरी और देविका मलिक फ़ोर्ब्स की लिस्ट में शामिल

शीर्ष जेवेलिन थ्रोअर संदीप चौधरी को मनोरंजन और खेल श्रेणी में शामिल किया गया है, मलिक को सामाजिक सोशल आंत्रेप्रेन्योर श्रेणी के तहत चुना गया है।

भारतीय पैरा एथलीट संदीप चौधरी (Sandeep Chaudhary) और देविका मलिक (Devika Malik) को साल 2020 के लिए फॉर्ब्स-30 ने अंडर-30 एशिया लिस्ट में शामिल किया गया है। संदीप चौधरी का नाम मनोरंजन और खेल श्रेणी में शामिल किया गया है और देविका मलिक को सोशल आंत्रेप्रेन्योर श्रेणी के तहत चुना गया है।

23 वर्षीय संदीप एक भाला फेंक एथलीट हैं, जिनके नाम F44 (वो श्रेणी जिनके पैर में समस्या हो) श्रेणी में विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। भारत के शीर्ष एथलीट ने पिछले साल दुबई में 2019 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 66.18 मीटर के थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

संदीप चौधरी भारत में अपने घर पर ही हैं और टोक्यो पैरालंपिक खेलों की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, COVID-19 महामारी ने आयोजकों को ओलंपिक खेलों को 2021 तक के लिए स्थगित करने को मज़बूर कर दिया। इस भारतीय को पहले इस खबर ने निराशा किया लेकिन अब लगता है कि उन्होंने इसे अपने लिए सकारात्मक तौर पर ले लिया है और उनकी नज़रें टोक्यो 2020 पर टिकी हुई हैं।

उन्होंने एनपीसी इंडिया को बताया कि, "एक पैरा एथलीट के रूप में मेरी उपलब्धियों के लिए पहचाना जाना मुझे अपने अगले लक्ष्य को और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है, जो कि टोक्यो 2020 है। हालांकि हमें अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। लेकिन अगले साल पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण जीतना ही मेरा लक्ष्य होगा।”

देविका ने जीता दिल

सोशल आंत्रेप्रेन्योर की श्रेणी में देविका को फ़ोर्ब्स की सूची में शामिल किया गया है। वह T37 श्रेणी में 100 मीटर और 200 मीटर की धावक हैं और उन्होंने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में कई पदक जीते हैं।

वह व्हीलिंग हैप्पीनेस फाउंडेशन की सह-संस्थापक हैं। यह संस्था विकलांगता के खेलों को बढ़ावा देने का काम करती है। इसके अलावा यह संस्था विकलांग महिलाओं और खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए यह धन भी इकठ्ठा करती है। इस धन के ज़रिए शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करने वाले लोगों की सहायता की जाती है।

रियो पैरालंपिक खेलों की रजत पदक विजेता दीपा मलिक की बेटी देविका एक मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता और अंतरराष्ट्रीय विकलांगता समावेशन की अधिवक्ता भी हैं।

फ़ोर्ब्स की सूची में शामिल किए जाने पर देविका ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए कहा: “फोर्ब्स-30 अंडर एशिया-30 सूची में मेरा नाम शामिल किए जाने से मुझे वास्तव में बहुत खुशी हुई है। व्हीलिंग हैप्पीनेस कई लोगों के सहयोग का नतीज़ा है। मैं इस संकट की घड़ी में अपने देश के लिए थोड़ा सा सहयोग देकर अच्छा महसूस करती हूं।”

कोरोना वायरस महामारी के दौरान उनका फाउंडेशन सक्रिय रूप से दैनिक मज़दूरों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है।

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