साउथ एशियन गेम्स में भारत ने रचा इतिहास, अपने ही रिकॉर्ड को किया ध्वस्त

भारत ने अपने ही 309 मेडल के रिकॉर्ड को तोड़ बनाया नया कीर्तिमान 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

काठमांडू में चल रहे 2019 साउथ एशियन गेम्स में भारत ने मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया। 2016 के संस्करण के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 312 मेडल जीत कर पूरे देश के गौरव को बढ़ाया था। अब यह आंकड़े बदल गए हैं या यूं कहें कि और बेहतर हो गए हैं। इस बार की प्रतियोगिता में भारत के हाथ कुल 312 मेडल आए और यह भारतीय खेल के उज्जवल भविष्य को दर्शाने के लिए काफी है। इसी के साथ भारत ने साउथ एशियन गेम्स में अपने ही 309 मेडल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इतिहास रभारत ने 172 गोल्ड, 93 सिल्वर और 45 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ साउथ एशियन गेम्स में अव्वल पायदान को पुख्ता कर लिया है।

भारत ने 172 गोल्ड, 93 सिल्वर और 45 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ साउथ एशियन गेम्स में अव्वल पायदान को पुख्ता कर लिया है।

बास्केटबॉल में भी गोल्ड

आखिरी दिन की शुरुआत भारत ने 281 मेडल के साथ की और जल्द ही इसमें 2 मेडल और जोड़ लिए गए। यह जीत भारतीय पुरुष और महिला बास्केटबॉल टीम द्वारा आई।

भारतीय पुरुष बास्केटबॉल टीम ने श्रीलंका को 101-62 के बड़े अंतर से मात दी और गोल्ड मेडल पर तिरंगे की मुहर लगा दी। वहीं दूसरी तरफ भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम ने नेपाल को 127-46 से हराकर गोल्ड मेडल की चमक अपने नाम की।

मुक्केबाज़ी में भी किया कमाल

साउथ एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सरों ने भी जीत के साथ अपने मनोबल को बढ़ाया। 91 किग्रा वर्ग में खेलते हुए भारतीय बॉक्सर नरेंदर ने नेपाल के आशीष दुवादी को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा किया। इतना ही नहीं 69 किग्रा वर्ग में भारत के विकास क्रिशन ने पाकिस्तान के ज़ैबी गुल को धराशाई कर एक और गोल्ड मेडल अपने देश को तोहफे के रूप में दिया।

अभी भी कारवां रुका नहीं बल्कि तेज़ी के साथ बढ़ता जा रहा था। भारतीय बॉक्सर स्पर्श कुमार तीसरे पुरुष बॉक्सर बनें जिन्होंने आखिरी दिन के खेल के समय गोल्ड मेडल जीता। हम आपको बता दें कि 60 किग्रा वर्ग में नेपाल के सनिल शाही ने गोल्ड पर धावा बोला और भारत के वरिंदर सिंह के हाथ सिल्वर मेडल आया। 81 किग्रा वर्ग की बात की जाए तो सचिन कुमार के हाथ ब्रॉन्ज़ मेडल लगा।

पुरुष तो पुरुष, भारतीय महिला बॉक्सरों ने भी शानदार प्रदर्शन दिखाया और एक नहीं बल्कि तीन गोल्ड जीतने में सफल रहीं। पिंकी रानी (51 किग्रा), सोनिया लाथर (57 किग्रा) और मंजू बोम्बरिया (64 किग्रा) बनें पोडियम की शान।

जूडो में लगी पदकों की झड़ी

हर खेल की तरह जूडो में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन दिखाया और कुल 15 मेडल जीते। इस मेडल तालिका में 10 गोल्ड, 4 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल है।

बात करें अगर पुरुष खिलाड़ियों कि तो विजय कुमार यादव (60 किग्रा) जसलीन सिंह (66 किग्रा), अनमोलदीप सिंह (81 किग्रा) और प्रमोद कुमार (90 किग्रा) ने गोल्ड जीत कर सुर्खियां बटोरी। दूसरी तरफ अजय (100 किग्रा), सुरेंदर (100+ किग्रा) ने सिल्वर अपने नाम किया और विशाल रूहिल (73 किग्रा) ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने में सफल रहे।

वहीं भारतीय महिला जूडो खिलाड़ियों ने भी जमकर प्रदर्शन दिखाया और जीत की देहलीज़ पर अपने कदम रखे। सुशीला लिक्माबम (48 किग्रा), सूचिका तरियाल (57 किग्रा), लैश्रम निरुपमा देवी (63 किग्रा), गरिमा चौधरी (70 किग्रा) और तुलिका मान (78+ किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीत भारत को गौरांवित किया। वहीं नवनीत कौर (78 किग्रा) और गायत्री टोकस (52 किग्रा) ने सिल्वर जीत कर अपने हुनर का प्रमाण दिया।

इन सभी रोमांचक मुकाबलों के अलावा भारतीय जूडो टीम ने भी गोल्ड मेडल जीत कर देश को सम्मानित किया।

2019 साउथ एशियन गेम्स में भारत ने जूडो में जीते कुल 15 मेडल 

स्क्वाश में गोल्ड और सिल्वर

साउथ एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी स्क्वाश में भी पीछे नहीं रहें। तनवी खन्ना, सुनयना सारा कुरुविल्ला, सान्या वत्स और उर्वशी जोशी से बनीं टीम ने तीनों मुकाबलों को जीत गोल्ड मेडल हासिल किया। वहीं दूसरी तरफ हरिंदर पाल सिंह, अभय सिंह, अभिषेक ध्रुवा प्रधान और अभिषेक अग्रवाल से बनीं टीम ने 4 में से 3 मुकाबलों को जीत सिल्वर मेडल पर हक जमाया।

ऐतिहासिक दिन

साल 1984 से लेकर 2019 तक यह मेडल तालिका किसी भी देश के लिए सबसे अच्छी है। 2019 साउथ एशियन गेम्स में 312 के आकंड़े के साथ भारत प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे ज़्यादा मेडल जीतने में कामयाब हुआ।