साउथ एशियन गेम्स के 5वें दिन भारत ने लगाई पदकों की झड़ी

वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स में मेडल की झड़ी लगाकर अपने कड़े प्रदर्शन का प्रमाण दिया। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

काठमांडू, नेपाल में चल रहे 2019 साउथ एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी की चमक बरकरार रही। श्रीलंका के खिलाफ हुए मुकाबले में भारतीय कबड्डी टीम ने 49-16 से जीत हासिल कर अपने सर्वश्रेष्ठ होने का प्रमाण पेश किया। भारतीय टीम का अगला मुकाबला अब पाकिस्तान से होगा और दोनों ही टीमों की नज़र जीत कर अपने कारवां को आगे बढ़ाने पर होगी। 

दिलों में रेड

भारत ने आक्रामक शुरुआत कर अपने प्रतिद्वंदियों पर हमला किया और अंक चुराने में सफल हुए। पवन सहरावत और नवीन कुमार ने अपनी उम्दा फॉर्म को जारी रखा और कुछ बेहतरीन रेड दर्ज कर अपने दल को मज़बूत स्थिति में डाल दिया। मध्य समय तक भारतीय कबड्डी टीम को 25-9 की बढ़त मिल चुकी थी। 

खेल के दोबारा शुरू होने पर अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में उतरे दर्शन कादियान ने अपनी रफ़्तार द्वारा भारतीय कबड्डी टीम का बखूबी साथ दिया। अंत तक भारतीय टीम ने खेल को अपने खेमे में रखा और 33 अंकों के अंतर से जीत हासिल की और खुद को पाकिस्तान के साथ होने वाले अपने अगले मुकाबले के लिए तैयार भी किया।

ट्रैक एंड फील्ड में उम्दा प्रदर्शन

कबड्डी के अलावा साउथ एशियन गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में भी भारत का बोल-बाला रहा। मेंस ट्रिपल जंप वर्ग में कार्तिक उन्नीकृष्णन ने गोल्ड मेडल जीत कर पूरे देश में खुशियों की लहर दौड़ाई। वहीं दूसरी तरफ मोहम्मद सलाहुद्दीन के हाथ सिल्वर मेडल आया। इस प्रदर्शन की वजह से भारतीय खेमा बेहद उत्साहित है और ज़ाहिर तौर पर हर खिलाड़ी का मनोबल सातवें आसमान पर होगा।

मेंस 400 मीटर रेस में एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुके केएस जीवन ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीतते हुए भारत की शान में चार चांद लगा दिए। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी फील्ड पर शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय खेल प्रेमियों को यह सुनिश्चित किया कि भारत के खेल की कमान सुरक्षित हाथों में है। मेंस और वूमेंस हर्डल रेस में सुरेंधर जय और अपर्णा रॉय ने भी अपना जलवा दिखाते हुए सिल्वर मेडल हासिल किए।

वेटलिफ्टिंग में भारत ने उठाए गोल्ड मेडल

एशियन गेम्स 2019 में भारत के हाथ वेटलिफ्टिंग का पहला मेडल आया। झिल्ली डालाबेहेरा ने 45 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतते हुए अपनी ताकत का मुज़ाहिरा पेश किया। डालाबेहेरा ने कुल मिलाकर 151 किग्रा (66 स्नैच और 85 क्लीन एंड जर्क) वेट उठाया और आसानी से वह पोडियम के सबसे ऊपरी हिस्से पर कदम रखने में सफल हुईं। श्रीलंका की श्रीमाली समाराकून ने भी अच्छा खेल दिखाया और 139 किग्रा वेट उठाकर सिल्वर मेडल अपने हक़ में किया।

वर्ग बदल गया लेकिन भारतीय खिलाड़ियों का परिणाम वही रहा। 49 किग्रा वर्ग में स्नेहा सोरेन ने कुल 157 किग्रा (68 + 89) वेट उठाया और भारत को एक और गोल्ड मेडल की चमक तोहफे में दी। भारत के अलावा श्रीलंका ने भी कसा हुआ खेल दिखाया और उनकी गोमस बोमिरियागे दिनुषा हंसानी ने सिल्वर मेडल जीता।

फुटबॉल और बैडमिंटन में भी किया कमाल

नेपाल को मानो भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी जीत का गढ़ बना लिया है। 2019 साउथ  एशियन गेम्स में एक के बाद एक शानदार प्रदर्शन दिख रहा है। अब बात करते हैं भारतीय वूमेंस फुटबॉल टीम की जिन्होंने 2019 साउथ एशियन गेम्स में श्रीलंका को आसानी से मात देते हुए फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय वूमेंस फुटबॉल टीम ने श्रीलंका के खिलाफ कुल 6 गोल दागे और उन्हें एक गोल करने का एक भी मौका नहीं दिया। संध्या आर रतनबाला देवी ने दो-दो गोल कर भारत की जीत में अहम किरदार निभाया।

बैडमिंटन के हवाले से अगर बात करें तो भारत की अश्मिता चलिहा ने श्रीलंका की रत्नसिरि कपुरु मुदियंसेलागे को 21-5, 21-7 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पुख्ता की। जिस प्रकार का खेल चलिहा ने दिखाया उसे देखकर आने वाले मुकाबलों के लिए उनसे जीत की उम्मीद लगाई जा सकती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि साउथ एशियन गेम्स 2019 में भारत का प्रदर्शन अभी तक लाजवाब रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भारतीय प्रशंसकों को उनसे कुछ ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी।