साउथ एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का जीत का सफर जारी

महिला टीम ने फुटबॉल में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीता, जबकि पहलवानों और मुक्केबाज़ों ने अपने-अपने खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते।

लेखक रितेश जायसवाल ·

नेपाल के काठमांडू में चल रहे 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों में सोमवार को भी भारतीय टुकड़ी ने अपना विजय अभियान जारी रखा। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के चलते मेडल टैली में भारत 149 गोल्ड, 89 सिल्वर और 43 ब्रॉन्ज़ के साथ शीर्ष पर है।

भारतीय महिलाओं की टीम ने फुटबॉल में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतना सुनिश्चित किया और मेज़बान जापान को 2-0 के अंतर से हराया। टीम का नेतृत्व करने वाला कोई और नहीं बल्कि उनकी धुरंधर कप्तान बाला देवी रहीं, जिन्होंने भारत की झोली में गोल्ड मेडल डालने के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक प्रतियोगिता में खेले गए कुल चार मैचों में पांच गोल दागे। इसी के साथ वह भारतीय महिला टीम में शीर्ष स्कोरर रहीं।

हॉकी में हावी रहा भारत

भारतीय खिलाड़ियों ने हॉकी फाइनल में मिडफील्डर संगीता बसरोस और रतनबाला देवी के साथ टीम के लिए शानदार और आक्रामक शुरुआत की।

2019 दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय फुटबॉल टीम। चित्र साभार: एआईएफएफ मीडिया

हालांकि शुरुआती कुछ मिनटों में उन्होंने कुछ अवसर गंवा दिए। लेकिन भारतीय दल ने जल्द ही गोलकीपर अदिति चौहान के साथ मुकाबले पर पकड़ मजबूत की और अपनी कप्तान बाला देवी को एक लंबी गेंद के साथ एक मौका दिया। जिसे व्यर्थ किए बिना 18वें मिनट में एक शानदार गोल के रूप में बदल दिया।

इसके बाद दूसरे हाफ में भी रतनबाला ने बाला देवी को एक शानदार पास दिया, जिसे वह 56वें मिनट में गोल में बदलने में सफल रहीं।

दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्णिम सफर

अभी तक साउथ एशियन गेम्स में सभी भार वर्गों में गोल्ड पदक जीतने के बाद, भारतीय पहलवानों ने सुनिश्चित किया कि वे सोमवार को खेलों में खिताब पर क्लीन स्वीप करने के लिए भी अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखें।

पुरुषों के 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गौरव बालियान ने बिना किसी परेशानी के गोल्ड मेडल हासिल करने में सफलता हासिल की। जबकि अनीता श्योराण महिलाओं के 68 किग्रा वर्ग में शीर्ष पुरस्कार जीतने में सफल रहीं।

इस सीजन में शानदार फॉर्म में चल रहे बालियान ने बांग्लादेश और श्रीलंका के अपने विरोधियों को आसानी से हराते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया, जबकि श्योराण ने गोल्ड पर अपनी जीत पक्की करने के लिए श्रीलंका के प्रतिद्वंद्वी को चित करने में महज़ 48 सेकंड का समय लिया। इसी के साथ प्रतियोगिता में 14 भार वर्गों में हिस्सा लेते हुए भारत प्रत्येक वर्ग श्रेणी में गोल्ड जीतने में कामयाब रहा।

दक्षिण एशियाई खेलों में मायनेनी ने किया हैरान

टेनिस कोर्ट पर भारतीयों ने एकल में अपने वर्चस्व को एक बार फिर से दक्षिण एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन के साथ कायम रखा। हालांकि, पुरुष वर्ग में शीर्ष स्थान पर काबिज़ साकेत मायनेनी का प्रदर्शन कुछ आश्चर्यजनक रहा। जबकि उनके हमवतन मनीष सुरेश कुमार ने सोमवार को गोल्ड हासिल करने के लिए 6-4, 7-6 से शानदार जीत हासिल की।

महिला सिंगल्स के फाइनल में सात्विक सामा को अपनी हमवतन साथी सोवन्या बाविसेट्टी के तीसरे सेट के अंतिम दौर से हटने के बाद टाई सौंपा गया। प्रत्येक सेट को साझा करने के बाद बाविसेट्टी को 4-6, 6-2, 6-5 के स्कोर के बाद कलाई की चोट के कारण मैच से बाहर होना पड़ा।

कौशिक ने किया सिल्वर से संतोष

इस बीच 2019 विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता मनीष कौशिक को दक्षिण एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा। वह पुरुषों के 64 किलोग्राम में स्थानीय मशहूर खिलाड़ी भूपेंद्र थापा से अपना फाइनल हार गए।

जबकि महिला वर्ग में कलावनी श्रीनिवासन (48 किलोग्राम) ने नेपाल की ललिता महारजन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। वहीं, शिखा ने अपना दूसरा मुकाबला नेपाल की मुक्केबाज़ मीनू गुरुंग के साथ हारकर सिल्वर पर कब्ज़ा किया।

3x3 बास्केटबॉल टीमों को अपने विरोधियों पर जीत हासिल करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा करने में कोई स्वर्ण का दावा करने में कोई परेशानी नहीं हुई।