2019 साउथ एशियन गेम्स में भारत का सुनहरा सफ़र जारी

भारतीय पहलवानों का शानदार प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा, भारतीय टेनिस खिलाड़ियों ने भी भारत की झोली में पदकों की संख्या को बढ़ाया।

लेखक सैयद हुसैन ·

साउथ एशियन गेम्स में रविवार को भी भारतीय पहलवानों ने अपना दबदबा बनाए रखा और भारत की पदकों की संख्या में चार और गोल्ड मेडल जोड़े। इसके साथ ही रविवार तक भारतीय झोली में 132 स्वर्ण पदक, 79 रजत पदक और 41 कांस्य पदक आ चुके हैं।

रविवार को भारतीय पहलवानों की अगुवाई रियो ओलंपिक 2016 में गोल्ड मेडल विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भी अपना जौहर दिखाया। साक्षी को साउथ एशियन गेम्स में जीत के लिए शायद ही पसीना बहाना पड़ा। मलिक ने फ़ाइनल में अपनी प्रतिदंद्वी को आसानी से चारों खाने चित करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा किया।

27 वर्षीय इस पहलवान के साथ साथ भारत के एक और पहलवान रविंदर ने भी 61 किग्रा वर्ग फ़्री स्टाइल में स्वर्ण पदक हासिल किया।

अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले रविंदर ने फ़ाइनल तक का सफ़र तो आसानी से तय किया था। लेकिन स्वर्ण पदक के मुक़ाबले में रविंदर को पाकिस्तानी पहलवान एम बिलाल से कड़ी टक्कर मिली, जिसे पार पाते हुए उन्होंने भारत की झोली में एक और स्वर्ण डाला।

पुरुष वर्ग में एक और चैंपियन रविवार को रहे 86 किग्रा फ़्री स्टाइल में पवन कुमार, जबकि 59 किग्रा वर्ग में महिला पहलवान अंशु ने भी स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया। 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता पवन कुमार को गोल्ड मेडल मुक़ाबले में कड़ी चुनौती मिली थी तो अंशु ने 15 सेकंड के अंदर अपनी प्रतिद्वंदी को फ़ाइनल में शिकस्त देते हुए गोल्ड मेडल जीता।

पवन कुमार (दाएं) ने 2019 साउथ एशियन गेम्स में 86 किग्रा वर्ग फ़्री स्टाइल कुश्ती में जीता स्वर्ण पदक

साउथ एशियन गेम्स में अब तक सभी के सभी गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय पहलवानों की नज़र अब सोमवार को आख़िरी दिन भी इसी प्रदर्शन को जारी रखते हुए गोल्ड मेडल का क्लीन स्वीप करने पर होगी। सोमवार को गौरव बलियान (74 किग्रा) और अनिता श्योरॉण (68 किग्रा) मैट पर अपना अपना मुक़ाबला खेलते हुए नज़र आएंगी।

साउथ एशियन गेम्स में टेनिस में भी दबदबा

2019 साउथ एशियन गेम्स में रविवार को भारत का दबदबा सिर्फ़ कुश्ती तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि टेनिस और फ़ेंसिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने देश के लिए पदक हासिल किए।

टेनिस कोर्ट पर रविवार को डबल्स फ़ाइनल में आमने सामने भारतीय खिलाड़ी ही थे, डेविस कप खेल चुके साकेत मिनेनी और विष्णु वर्धन ने भारत के ही जीवन नेदुनचेज़ियां और श्रीराम बालाजी को हराते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया।

भारत की इन जोड़ियों के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला बेहद कांटे का रहा, जहां साकेत-विष्णु की जोड़ी ने 7-5, 3-6, 10-5 से जीवन-श्रीराम की जोड़ी को हराया।

महिला युगल में भी गोल्ड मेडल का मुक़ाबला भारतीय जोड़ियों के ही बीच था। जहां प्रेरणा भांबरी और प्रार्थना थोम्बारे की जोड़ी ने सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से श्रव्या नागपाल और भुवाना काल्वा को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया।

मिश्रित युगल में के फ़ाइनल में भी भारतीय जोड़ी ही आमने सामने थीं, यहां बालाजी और सौजन्या बावीसेत्ती ने जीवन और प्रार्थना की जोड़ी को 6-3, 6-7, 10-7 से हराकर भारत की झोली में गोल्ड मेडल का इज़ाफ़ा किया।