टेनिस

रोपन बोपन्ना ने वेस्ली कूलहॉफ के साथ जीता क़तर ओपन

इंडो-डच युगल जोड़ी ने कतर ओपन को जीतने के लिए दिन में दो मैच खेले।

लेखक रितेश जायसवाल ·

रोहन बोपन्ना और वेस्ले कूलहॉफ ने शनिवार देर रात दोहा में कतर ओपन के फाइनल में जीत हासिल की। युगल ट्रॉफी जीतने के लिए ल्यूक बैम्ब्रिज और सैंटियागो गोंजालेज की इंग्लिश-मैक्सिकन जोड़ी को 3-6, 6-2, 10-6 से हराया।

पहले दौर के सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त हेनरी कॉटन और फ्रेंको स्कोगोर को हराने के बाद रोहन बोपन्ना और वेस्ले कूलहॉफ़ ने अपने दिन का दूसरा मैच खेला।

दोहा में बारिश के बाद गुरुवार को सेमी-फाइनल निलंबित कर दिए जाने के बाद उनका यह मुक़ाबला शुक्रवार को पूरा हुआ। उन्होंने अपना सेमी-फाइनल मैच पहले ही समाप्त कर लिया लेकिन फाइनल में अनुभवी जोड़ी को बाहर नहीं कर सके।

इंडो-डच जोड़ी के लिए भी चीजें अच्छी तरह से शुरू नहीं हुईं, हालांकि उन्होंने बिना किसी मुक़ाबले के पहले सेट को गंवा दिया। बैम्ब्रिज और गोंजालेज़ के साथ एकमात्र ब्रेक प्वाइंट काउंट हासिल करते हुए उन्होंने उस सेट को बचाने के लिए 6-3 से जीत हासिल की।

हालांकि, रोहन बोपन्ना और वेस्ले कूलहॉफ ने दूसरे सेट में वापसी की, अपने प्रतिद्वंदियों की सर्विस को ब्रेक करते हुए चौथे गेम में फायदा उठाया और फिर आठवें गेम में भी ठीक ऐसा ही करते हुए 6-2 से सेट को जीता।

पर टाई-ब्रेकर ने तय की जीत

मैच तब सुपर टाई-ब्रेकर में चला गया, जिसका मतलब था कि 10 अंक तक पहुंचने वाली पहली टीम को विजेता घोषित किया जाएगा। इसी तरह से बैम्ब्रिज-गोंजालेज की जोड़ी फाइनल में पहुंची थी, लेकिन वे ट्रॉफी के लिए अपना बेहतर प्रदर्शन दोहराने में नाकाम रहे।

टीमों ने शुरुआती चरणों में नियमित रूप से अंक का आदान-प्रदान किया, लेकिन वे अपनी सर्विस पर पकड़ बनाए रखने में नकाम रहे। 4-4 के स्कोर बराबर रहने के बाद बोपन्ना और कूलहॉफ ने अपनी पूरी ताक़त और अनुभव का इस्तेमाल अपने विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया, और इंडो-डच जोड़ी पर दबाव बनाने के लिए 9-4 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद बैम्ब्रिज और गोंजालेज ने दो सफल सर्विस कराते हुए बोपन्ना-कूलहोफ पर 9-6 बढ़त हासिल कर ली। लेकिन बोपन्ना की जोड़ी को जीत के लिए सिर्फ एक अंक ही चाहिए था और विरोधी जोड़ी के पास बचाव करना मुश्किल था। नतीजतन हुआ भी कुछ ऐसा ही, वह चाहते हुए भी मुक़ाबले में वापसी करने में नाकाम रहे।