कूलहोफ़ के साथ क़तर ओपन के फ़ाइनल में पहुंचे रोहन बोपन्ना 

रोहन बोपन्ना और वेसले कूलहोफ़ की जोड़ी ने सीधे सेटों में सेमीफ़ाइनल में दर्ज की धमाकेदार जीत

लेखक सैयद हुसैन ·

भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने साल की शुरुआत में अपनी शानदार फ़ॉर्म जारी रखते हुए अपने डच जोड़ीदार वेसले कूलहोफ़ के साथ मिलकर बुधवार को क़तर ओपन 2020 के फ़ाइनल में जगह बना ली है। दोहा में चल रही इस प्रतियोगिता के युगल सेमीफ़ाइनल में इस जोड़ी ने स्विस-अमेरिकन जोड़ी स्टानिसलस वावरिंका और फ़्रांसिस टाईफ़ो को सीधे सेटों में (6-3, 6-4) से शिकस्त दी।

मैच जब शुरू हुआ तो लग रहा था कि मुक़ाबला कड़ा होगा और दोनों ही प्रतिद्वंदी एक समान मज़बूत दिख रहे थे। जैसे जैसे मैच आगे बढ़ा बोपन्ना-कूलहोफ़ की जोड़ी कहीं आगे होती गई और उनका दबदबा कोर्ट पर बढ़ता गया। पहली सर्व में बोपन्ना-कूलहोफ़ को जहां 82% जीत मिली तो स्विस-अमेरिकन जोड़ी को 68% क़ामयाबी हासिल हुई।तीसरी वरीयता हासिल भारत-डच की इस जोड़ी ने सभी तीन ब्रेक प्वाइंट्स भी अपने नाम किए और अपनी सर्विस में ये दोनों बेहद मज़बूत नज़र आ रहे थे, प्रतिद्वंदी के 24 अंक के बदले बोपन्ना-कूलहोफ़ ने 37 प्वाइंट्स जीते। पिछले मैच की ही तरह इस मैच में भी बोपन्ना-कूलहोफ़ ने शुरुआत से ही ब्रेक प्वाइंट्स हासिल करने का सिलसिला जारी रखा और एक वक़्त लगातार पांच गेम जीत चुके थे।

सिर्फ़ एक ही ऐसा विभाग था जहां बोपन्ना-कूलहोफ़ की जोड़ी पीछे रही और वह था एस, वारविंका-टाईफ़ो की जोड़ी ने जहां 4 ऐस लगाए तो भारत-डच की जोड़ी ने 3 ऐस हासिल किए, लेकिन मैच के नतीजे में इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ा।

ऑस्ट्रेलियन ओपन का अभ्यास

बोपन्ना के लिए ओलंपिक साल की शुरुआत धमाकेदार रही है, और इससे इससे अच्छा और क्या होता कि वह क़तर ओपन 2020 के फ़ाइनल में एंट्री ले चुके हैं। क्योंकि टोक्यो 2020 से पहले इन्हें तीन ग्रैंड स्लैम्स खेलने हैं, जिसमें से एक यानि ऑस्ट्रेलियन ओपन इसी महीने होना है।

हालांकि भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने अभी यह नहीं बताया है कि ऑस्ट्रेलियन ओपन में उनके साथ कौन जोड़ीदार होगा, लेकिन यह तो तय है कि वे साल के पहले ग्रैंड स्लैम में शिरकत करेंगे। बोपन्ना की नज़र होगी कि वह अपने करियर में दूसरा ग्रैंड स्लैम ख़िताब अपने नाम करें।

पहली बार उन्होंने कोई ग्रैंड स्लैम 2017 फ़्रेंच ओपन के रूप में जीता था। जहां उन्होंने मिश्रित वर्ग का ख़िताब हासिल किया था, उस वक़्त उनकी जोड़ीदार कनाडा की गैब्रिएला दाब्रोस्की थीं। ग्रैंड स्लैम जीतने वाली फ़हरिस्त में अपना नाम लिखवाने वाले वह सिर्फ़ चौथे भारतीय बने थे, उनसे पहले सानिया मिर्ज़ा, लिएंडर पेस और महेश भूपति ने इस कारनामे को अंजाम दिया था।

ऑस्ट्रेलियन ओपन के रूप में बोपन्ना 2018 में एक और ग्रैंड स्लैम जीत सकते थे। तब उनकी जोड़ीदार टिमिया बाबोस को बोपन्ना की एक पूर्व जोड़ीदार दाब्रोस्की और मैट पेविक की मिश्रित जोड़ी से हार मिली थी।.