दोहा में बोपन्ना को मिली जीत तो कैनबरा में गुणेश्वरन की हार 

ओलंपिक गेम्स के साल में भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने जीत के साथ अपने कारवां की शुरुआत की है, वहीं बेंडिगो में प्रजनेश गुणेश्वरन झटका लगा है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

साल 2020 ओलंपिक खेलों का साल है और दुनिया का हर खिलाड़ी इसमें प्रदर्शन करने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहा है। टेनिस की बात की जाए तो क़तर एटीपी 250 इवेंट में भारत के रोहन बोपन्ना ने क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह बना ली है। गौरतलब है कि बोपन्ना 2020 ओलंपिक खेलों के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद हैं।

वहीं दूसरी तरफ बेंडिगो एटीपी चैलेंजर इवेंट में भारत के प्रजनेश गुणेश्वरन अपने दूसरे राउंड में हार गए। बोपन्ना की बात करें तो वह डच खिलाड़ी वेस्ली कूल्होफ़ के साथ जोड़ी बनाते हुए मैदान में उतरे और उन्होंने इटली के मार्को सेच्चिनाटो और लोरेंजो सोनेगो की जोड़ी को शिकस्त बोपन्ना की आसान जीमुकाबले से पहले ही बोपन्ना और कूल्होफ़ से जीत की उम्मीद लगाई जा रही थी और परिणाम भी ऐसा ही रहा। शुरुआती सेट के चौथे गेम में एक ब्रेक प्वाइंट जीतते हुए, इंडो-डच जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बनाए रखते हुए सेट को 6-3 से खत्म करने में सफलता हासिल की।

दूसरे सेट में भी बोपन्ना और कूल्होफ़ ने खेल पिछले सेट जैसे ही शुरू किया। मुकाबले की बढ़त के साथ-साथ इस इंडो–डच जोड़ी की मैच पर भी पकड़ मजबूत होती जा रही थी। अपनी तकनीकी कौशल को मद्दे नज़र रखते हुए इस जोड़ी ने वही खेल दिखाया जिसके लिए यह दोनों जाने जाते हैं और इस सेट को भी उन्होंने 6-2 से अपने नाम कर लिया।

रोहन बोपन्ना ने कहा कि घरेलू टेनिस को बढ़ावा देने का अभी सही समय।

आखिरी 8 में यह जोड़ी यूएसए–स्विट्जरलैंड की जोड़ी फ्रांसिस टियाफोए और स्टैन वावरिन्का के सामने उतरेगी और यह बता पाना काफी मुश्किल होगा कि इस मुकाबले में हार या जीत किसके हिस्से में आएगी।

डगमगाए गुणेश्वरन

एक तरफ जहां भारतीय खेल प्रेमी बोपन्ना की जीत से खुशियां मन रहे थे, वहीं बेंडिगो में गुणेश्वरन को 4-6, 6-7 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे सेट की तीसरी गेम में डेनियल ने गुणेश्वरन की सर्विस को ब्रेक करते हुए यह पुख्ता कर दिया कि वह इस खेल में उनपर भारी पड़ने वाले हैं।

हालांकि, गुणेश्वरन ने डेनियल को हमेशा सतर्क रहने पर मजबूर करने की पूरी कोशिश ज़ारी रखी। इस दौरान उन्हें कुछ सुनहरे मौके भी मिले, लेकिन वह उनका फायदा उठाने में असफल रहे। जिसके चलते वह स्कोर बोर्ड को अपने हक में नहीं रख सके।

तीसरी गेम में भी जापान के टारो डेनियल ने धावा बोला और 2-1 से खेल में बढ़त बनाई। इसके बाद देखते ही देखते डेनियल ने 3-1 से गेम में अपना पंजा और मज़बूत किया। अब गुणेश्वरन को कुछ अलग करने की ज़रूरत थी और उन्होंने अपनी तकनीक पर भरोसा जताया और इस स्कोर को 3-3 से बराबर किया।

यह सेट टाई ब्रेकर तक गया और इस बार भारतीय खिलाड़ी से उम्मीदें थोड़ी बढ़ गईं। इस बार गुणेश्वरन ने अपनी सर्व को भी जीतना शुरू कर दिया, लेकिन खेल का रोमांच तो वही है जब उसमें दिलचस्प मोड़ आए। डेनियल ने हार नहीं मानी और वापसी करते हुए वह इस सेट को 7-4 से जीतने में सफल रहे।।