टेनिस

सानिया मिर्ज़ा होबार्ट इंटरनेशनल में करेंगी अपनी बहुप्रतीक्षित वापसी

यह भारतीय टेनिस स्टार 15 महीने के लम्बे अंतराल के बाद एक बार फिर एक्शन में लौटेंगी।

लेखक रितेश जायसवाल ·

छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सानिया मिर्ज़ा अगले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया के 2020 होबार्ट इंटरनेशनल में अपनी वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इस 33 वर्षीय टेनिस स्टार ने अक्टूबर 2017 से इस खेल से दूरी बनाई हुई है। शुरुआत में वह घुटने की चोट के कारण कोर्ट से बाहर रहीं, फिर ज़िंदगी के कुछ निजी पन्ने लिखने में खुद को व्यस्त कर लिया।

इस दौरान उन्होंने मां बनने के सुख को अनुभव किया। जिसकी वजह से मिर्ज़ा ने मातृत्व अवकाश पर जाते हुए खेल से पर्याप्त दूरी बना ली। मिर्ज़ा का मुकाबला महिला युगल में यूक्रेन की नाडिया किचेनोक से होगा और मिश्रित युगल में अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी राजीव राम के साथ होगा।

अपनी प्रेरणा की तलाश में मिर्ज़ा

सानिया मिर्ज़ा ओलंपिक के साथ-साथ सभी चार ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं। हालांकि उन्होंने शुरू में संभावित वापसी के लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं की थी। Wtatennis.com के साथ एक साक्षात्कार में, 33 वर्षीय मिर्ज़ा ने खुलासा किया कि उन्हें यकीन नहीं था कि वह अपने बेटे इज़हान के जन्म के बाद खेल में वापसी कर पाएंगी।

सानिया मिर्जा ने कहा, ''मैंने वापसी के लिए सोचा जरूर था लेकिन यह तय नहीं किया था कि कब और कैसे वापसी करुंगी।”

"मैं सोचती थी कि अगर मुझे फिर से प्रेरणा और उस्ताह मिला तो मैं निश्चित रूप से वापसी कर सकती हूं, और अगर मुझे अगर सही लोग मिले और मेरी मदद कर सकें तो यह बिल्कुल तय है। एक बच्चे को पालने में काफी मेहनत और लोग लगते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति के लिए यह अकेले करना असंभव है। सौभाग्य से, मुझे वह प्रेरणा फिर से खेलने के लिए मिली। एक बार मैंने तय कर लिया (मैं प्रतिस्पर्धा करने जा रही), तो फिर पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं।”

एक अच्छा परीक्षण

मिर्ज़ा के करियर के शुरुआती वर्षों में होबार्ट इंटरनेशनल का मैदान उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। वह 2007 में एकल ड्रॉ में सेमीफाइनल में पहुंची और अगले वर्ष क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहीं। उन्होंने 2010 फ्रेंच ओपन चैंपियन फ्रांसिस्का शियावोन के साथ महिला युगल में क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में भी सफलता हासिल की।

मिर्ज़ा ने सभी चार ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं के साथ-साथ 2020 ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में होबार्ट इंटरनेशनल में प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों से मुक़ाबला करना भारत की इस टेनिस स्टार के लिए एक अच्छा परीक्षण होगा।

टूर्नामेंट में महिलाओं की युगल चैंपियन लतीशा और हाओ-चिंग चांग भी अपने खिताब की रक्षा करने के लिए लौट रही हैं। चीनी बहनों को ऑस्ट्रेलियन ओपन की महिला युगल चैंपियन झांग शुआई और उनकी साथी पेंग शुआई (दुनिया में 50वें पायदान पर काबिज़) से होगा। 2008 की ऑस्ट्रेलियन ओपन महिलाओं की युगल चैंपियन कतेयाना बोंडारेंको ने कनाडा के शेरोन फिचमैन के साथ भी ड्रॉ में प्रवेश किया।

मिर्ज़ा सक्रिय प्रतियोगिताओं में अपनी वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। उन्हें न केवल एक प्रतिभाशाली ड्रॉ लड़ना होगा, बल्कि लम्बे समय बाद वापसी करते हुए अपनी फॉर्म में भी लौटना होगा। उन्होंने अपना आखिरी मैच 8 अक्टूबर, 2017 को खेला था, जहां उन्हें और उनकी साथी पेंग शुआई को मिर्जा की पूर्व युगल जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस और लतीशा चान ने चाइना ओपन के सेमीफाइनल में हरा दिया था।