टेनिस

शानदार जीत के साथ होबार्ट इंटरनेशनल के फाइनल में पहुंची सानिया मिर्ज़ा

मिर्ज़ा- किचेनोक ने होबार्ट इंटरनेशनल में कोर्ट पर कब्ज़ा करते हुए फाइनल में प्रवेश किया।  

लेखक जतिन ऋषि राज ·

सानिया मिर्ज़ा और उनकी जोड़ी नाडिया किचेनोक ने जीत के साथ होबार्ट इंटरनेशनल के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अभी तक इस भारत-यूक्रेन की जोड़ी ने वूमेंस डबल्स में शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए अपने कारवां को आगे बढ़ाया।

सेमीफाइनल के दौरान मिर्ज़ाकिचेनोक जोड़ी का सामना स्लोविया की तमारा ज़िडैनसे और चेक की मैरी बुज़कोव से हुआ। दिलचस्प बात तो यह रही जब इस जोड़ी ने अपने प्रतिद्वंदियों को सीधे सेटों (7-6, 6-2) से मात दी। पहल सेट के 5वें गेम में मिर्ज़ा- किचेनो ने प्रतिद्वंदी की सर्व तोड़ खेल में दबदबा बनाया लेकिन अगले ही गेम में उनकी प्रतिद्वंदी जोड़ी ने मिर्ज़किचेनोक के सर्व का करारा जवाब दिया।

खेल की बढ़त के साथ टाई-ब्रेकर भी देखा गया, जिसे मिर्ज़ाकिचेनोक ने 4 अंकों के अंतर से अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी इंडिया-यूक्रेन की जोड़ी ने सर्व तोड़कर 3-2 से बढ़त बनाई और खेल को अपने हिसाब से चलाना शुरू किया। इस बार मिर्ज़ा- किच ने अपने प्रतिद्वंदियों को ज़्यादा मौके नहीं दिए और मुकाबले को अपने नाम कर फाइनल में अपनी जगह बनाई।

अब बारी है फाइनल की और मिर्ज़ा-किचेनोक को चीनी जोड़ी, झांग शुआ और पेंग शुआई से भिड़ना होगा। अब देखना यह होगा कि दोनों ही जोड़ियां किन रणनीतियों के साथ कोर्ट पर उतरतीं हैं।

ऑस्ट्रेलियन ओपन क्वालिफायर से बाहर हुए प्रजनेश

आने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन में शिरकत करने वाले इकलौते भारतीय सिंगल्स के खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन को क्वालिफायर में हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला गुणेश्वर को अर्नेस्ट्स गुलबिस ने 6-7 (2), 2-6 से धराशायी किया।

हालांकि भारतीय टेनिस स्टार ने पहले सेट में अच्छा प्रदर्शन किया और 4-2 से बढ़त अपने हाथ में ली अर्नेस्ट्स गुलबिस ने अपनी गलतियों को सुधार कर खेल में वापसी की और लगातार तीन गेम जीत कर बढ़त 5-4 की बढ़त बना लीदोनों ही तरफ से अब मुकाबला अच्छा चल रहा था और देखते ही देखते यह सेट टाई-ब्रेकर में चला गया। आख़िर में अपने तजुर्बे का इस्तेमाल कर दबाव में शानदार खेल दिखाते गुलबिस ने 7-6 से पहले सेट में जीत हासिल की।  

दूसरे सेट में गुलबिस ने आक्रामकता से शुरुआत कर 4-0 से बढ़त को अपने पाले में रखा। सही मायनों में उनका प्रदर्शन देखते ही बन रहा था।गुलबिस ने गुणेश्वरन को ज़्यादा मौके न देते हुए सेट और मुकाबले को जीत अपने कारवां को आगे बढ़ाया।