दुबई टेनिस चैंपियनशिप में सानिया मिर्ज़ा को मिली वाइल्ड कार्ड एंट्री

वह दुबई टेनिस चैंपियनशिप में 2013 के अपने खेल को दोहराने की सोच रही होंगी, जब उन्होंने बेथानी माटेक-सैंड्स के साथ मिलकर युगल खिताब जीता था।

सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) को दुबई टेनिस चैंपियनशिप के लिए महिला युगल में वाइल्ड कार्ड एंट्री (Wildcard Entry) दी गई है। जहां भारतीय महिला टेनिस की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी सभी को अपने शानदार प्रदर्शन से प्रभावित करने के लिए उत्सुक होंगी। इस टूर्नामेंट में वह मंगलवार को अपने पहले मैच के लिए कोर्ट में कदम रखेंगी।

दुबई टेनिस चैंपियनशिप (Dubai Tennis Championships) के राउंड ऑफ-32 में वह अपनी फ्रांसीसी साथी कैरोलिन गार्सिया (Caroline Garcia) के साथ अल्ला कुदरीवत्सेवा (Alla Kudryavtseva) और कैटरीना श्रीबोटनिक (Katarina Srebotnik) की जोड़ी का सामना करेंगी।

महिला टेनिस संघ (WTA) की सबसे सफल खिलाडियों में से एक, और 42 युगल खिताब अपने नाम दर्ज करने वाली सफल टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने इस वर्ष की शुरुआत में टेनिस में सफल वापसी की है। वह अपने बेटे को जन्म देने के बाद खेल से दो साल से अधिक समय तक दूरी बनाए हुईं थीं।

सानिया मिर्ज़ा ने पिछले महीने होबार्ट इंटरनेशनल में नादिया किचेनोक के साथ मिलकर अपना पहला टूर्नामेंट जीता था। उससे कुछ दिनों बाद वह चोट की वजह से ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा नहीं ले पाईं थीं।

भारत की शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी अब एक और जीत हासिल करने के लिए उत्सुक होंगी और वह इसके लिए इसी टूर्नामेंट को अपने नाम करने वाले प्रदर्शन को दोहराने के लिए बेताब होंगी। गौरतलब है कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की बेथानी माटेक-सैंड्स (Bethanie Mattek-Sands) के साथ मिलकर 2013 में दुबई टेनिस चैंपियनशिप युगल खिताब जीता था।

वह निःसंदेह दुबई में और अधिक सफलता की उम्मीद कर रही होंगी, क्योंकि वह इस साल जुलाई में होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने के इरादे से अपनी रैंकिंग में सुधार करना चाहेंगी।

सानिया मिर्ज़ा 2016 के रियो ओलंपिक में भारतीय टेनिस प्रतियोगिता का हिस्सा थीं। वह और उनके मिश्रित युगल साथी रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मेडल हासिल करने के बेहद करीब पहुंच गए थे। लेकिन अंततः यह जोड़ी पोडियम स्थान हासिल करने में असफल रही।

यह भारतीय जोड़ी चेक गणराज्य के लुसी हेडेक (Lucie Hradecká) और राडेक स्टीपैनेक (Radek Štěpánek) के खिलाफ कांस्य पदक के प्ले-ऑफ मैच में पहुंची थी, लेकिन एक रोमांचक मुक़ाबले में उन्हें आखिरकार हार का सामना करना पड़ा।

सानिया मिर्ज़ा, रोहन बोपन्ना के साथ मिश्रित युगल में एक बार फिर से टोक्यो में हिस्सा लेना चाहेंगी, क्योंकि उनकी इस जोड़ी ने रियो ओलंपिक में काफी बेहतर प्रदर्शन किया था। वे रियो में मिलने वाली सफलता की तुलना में बेहतर फिनिश के लिए उत्सुक होंगे। ऐसे में सानिया मिर्ज़ा टोक्यो ओलंपिक से पहले अधिक से अधिक मुक़ाबले जीतना चाहेंगी। इसके अलावा वह खेल के इस महाकुंभ से पहले खुद को पूरी तरह फिट करने का भी लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं।

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