भारतीय स्पाइकर्स की नज़र है ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में बड़ी चुनौती को पार करने पर

मंगलवार को भारतीय वॉलीबॉल टीम ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में अपने अभियान का आग़ाज़ क़तर के ख़िलाफ़ करेगी, ग्रुप स्टेज में इसके बाद भारत के सामने दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया की चुनौती होगी।

लेखक सैयद हुसैन ·

एक ऐसा खेल जो हमेशा से ही अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपना नाम ऊपर रखने में असफल रहा है, एक बार फिर वही खेल यानी वॉलीबॉल फिर कोशिश करेगा कि इस बार ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में अपने प्रदर्शन से ओलंपिक का टिकट हासिल किया जाए। मंगलवार से चीन के जियांगमेन में पुरुष कॉन्टिनेन्टल टोक्यो वॉलीबॉल क्वालिफ़िकेशन इवेंट शुरू हो रहा है, जहां भारतीय वॉलीबॉल टीम की नज़र कठिन चुनौतियों को पार करते हुए टोक्यो 2020 में स्थान बनाने पर होगी।

भारतीय वॉलीबॉल टीम की कमान वीनित कुमार पर है, जो पहली बार ओलंपिक क्वालिफ़िकेशन इवेंट में शिरकत कर रहे हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि ये टीम लड़ने के लिए तैयार नहीं है। इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम 2019 साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर आ रही है, उससे पहले इन खिलाड़ियों के लिए चेन्नई में हुई सीनियर नेशनल चैंपियनशिप भी शानदार रही थी।

जियांगमेन में अगर भारतीय स्पाइकर्स को क्वालिफ़िकेशन की दौड़ में बने रहना है और एक उम्मीद जगानी है तो फिर इसके लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होगा।

ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स

ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में एशिया की सर्वोच्च 8 टीमों के बीच टोक्यो 2020 में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा होनी है। इस प्रतियोगिता में टीमों को ईरान की राजधानी तेहरान में खेली गई 2019 एशियन सीनियर मेंस वॉलीबॉल चैंपियनशिप में किए गए प्रदर्शन के आधार पर स्थान मिला है।

8 टीमों को 4-4 के दो ग्रुप में विभाजित किया गया है, जहां हर टीम को एक दूसरे के ख़िलाफ़ एक-एक मुक़ाबले खेलने हैं। इसमें से टॉप-2 टीमों को सेमीफ़ाइनल का टिकट मिलेगा और फिर सेमीफ़ाइनल में जीतने वाली टीम फ़ाइनल में पहुंचेगी, जो 12 जनवरी को खेला जाएगा।

ग्रुप ए में मौजूदा एशियाई चैंपियन ईरान, चीनी ताइपे, चीन और कज़ाकिस्तान की टीम है जिन्हें पाकिस्तान की जगह शामिल किया गया है। जबकि ग्रुप बी में एशियन चैंपियनशिप की रनर अप ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण कोरिया और क़तर की टीम है।

जापान जिन्होंने पिछले साल ईरान में हुई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था, वे मेज़बान होने के नाते पहले ही टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई कर चुका है।

भारतीय टीम अपने अभियान का आग़ाज़ मंगलवार को क़तर के ख़िलाफ़ करेगी, जबकि उसके अगले दिन भारत के सामने क़तर की चुनौती होगी। जी ई श्रीधरण की कोचिंग वाली टीम इंडिया के लिए ज़रूरी ये होगा कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भिड़ने से पहले क़तर और दक्षिण कोरिया के विरुद्ध वह कमाल का प्रदर्शन करें। भारत का मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया से 9 जनवरी को है, जिन्हें वॉलीबॉल की एक मज़बूत टीम माना जाता है।

भारतीय वॉलीबॉल टीम

कुछ दिनों पहले जब भारतीय दल की घोषणा हुई थी तो कुछ चौंकाने वाले फ़ैसले भी सामने आए थे, लेकिन अब टीम उन फ़ैसलों को सही साबित करते हुए भारत एशिया की बेहतरीन टीमों को हराने के लिए जी जान लगा देगा।

इस टीम में उनके सबसे अनुभवी खिलाड़ी मोहन उक्रापंदियन से सभी को उम्मीदें होंगी, जिनके साथ सी जेरोम वीनित और अशोक कार्तिक भी शामिल हैं। उक्रापंदियन ने 2010 में राष्ट्रीय टीम के लिए डेब्यू किया था, और तब से वह भारत के बेहतरीन सेटर्स में से एक हैं। टीम इंडिया को भी उम्मीद होगी कि वह अपनी इसी फ़ॉर्म को चीन में भी जारी रखें।

वीनित, जो एक प्रभावशाली और यूनिवर्सल खिलाड़ी हैं, उनके कंधों पर टीम की बड़ी ज़िम्मेदारी है। अटैक में वीनित होंगे जबकि कार्तिक और अश्वल राय ब्लॉकर्स होंगे। ये दोनों खिलाड़ी भी टीम के लिए बेहद मज़बूत कड़ी हैं।

हालांकि भारतीय टीम में दो दिग्गज और अनुभवी खिलाड़ी सिन्नाधु प्रभागरण और नवीन राजा जैकब की कमी खलेगी। ये दोनों ही खिलाड़ी भारतीय वॉलीबॉल टीम के लिए काफी अहम रहे हैं, अब ये देखना दिलचस्प होगा कि इनकी कमियों को भारतीय टीम कैसे दूर करती है।

कहां देख सकते हैं मुक़ाबले?

आप टूर्नामेंट मैच को आधिकारिक मैच सेंटर पर यहां देख सकते हैं।