वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शी ज़ियोंग ने जीता ख़िताब, भारत को मिली निराशा 

युवा लिफ्टर अचिंता शयूली ने 73 किग्रो में 25वें स्थान पर कदम जमाए और शी ज़ियोंग ने हासिल किया मेडल 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

युवा लिफ्टर अचिंता शयूली ने 73 किग्रो में 25वें स्थान पर कदम जमाए और शी ज़ियोंग ने हासिल किया मेडल

पटाया, थाईलैंड में चल रहे 2019 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाया। 73 किग्रो में खेल रहे भारतीय वेटलिफ्टर अचिंता शयूली ज़्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए। 18 वर्षीय नेशनल चैंपियन ने कुल मिलाकर 301 किग्रो भार उठाया और 25वें स्थान पर प्रतियोगिता समाप्त की। आपको बता दें कि ओलंपिक चैंपियन शी ज़ियोंग से 61 किग्री पीछे रहे। भारत की हालिया फॉर्म चिंता का विषय ज़रूर है लेकिन ओलंपिक टोक्यो 2020 में क्वालीफाई करने की उसकी कोशिश जारी रहेगी।

शयूली जूझे और शी ने दिखाया दम

दिन की शुरुआत शयूली ने कामयाबी के साथ 130 किग्रो भार को उठाकर की। लेकिन कहते हैं न कि हर खिलाड़ी के जीवन में हार जीत का सिलसिला चलता रहता है। शयूली के साथ भी कुछ ऐसा हुआ और वो 135 किग्रो भार उठाने में असमर्थ रहते हुए प्रतियोगिता में पीछे रह गए। 

क्लीन एंड जर्क कैटेगरी में भी शयूली का प्रदर्शन कम ज़्यादा होता रहा। 162 और 166 किग्रो वेट तो उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता पूर्वक उठाया लेकिन वो 170 किग्रो में तीसरे प्रयास में नाकामयाब रहे। शयूली प्रदर्शन से जूझ रहे थे और उन्होंने शी को अच्छे मौके दे दिए। यही वजह रही कि उन्होंने अंत में जाकर बाज़ी मार ली। आपको बता दें यह शी का तीसरा विश्व ख़िताब है। 

स्नैच में शी ने अपने प्रतिद्वंदी के ऊपर 9 किग्रो की बढ़त लेने के बाद क्लीन एंड जर्क कैटेगरी में उन्होंने लाजवाब खेल दिखाया और अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शी ने 197 किग्रो वेट उठाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जो किसी भी खिलाड़ी के लिए पार करना आसान नहीं होगा। इतना ही नहीं, शी ने 363 किग्रो वज़न उठाकर एक और नया रिकॉर्ड बनाया, यह कारनामा उन्होंने कोरिया के ओ कांग चोल के खिलाफ किया। इस गोल्ड के साथ शी के हौंसले चरम पर हैं और वह अपनी मौजूदा फॉर्म को ज़रूर बरकरार रखना चाहेंगे।