किर्गिस्तान करेगा 2020 ओलंपिक के लिए एशियन रेसलिंग क्वालिफ़ायर्स की मेज़बानी

हालांकि चीनी पहलवानों को एशियाई क्वालिफ़ायर्स में हिस्सा लेने की अनुमति होगी। इस इवेंट का आयोजन अब चीन की बजाए किर्गिस्तान में होगा।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

चीन में कोरोना वायरस (Corona Virus) के प्रकोप के कारण एक और इवेंट को स्थानांतरित कर दिया गया है। 2020 ओलंपिक के लिए एशियन रेसलिंग क्वालिफ़ायर्स (2020 Asian Wrestling Qualifiers) अब किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) के बिश्केक (Bishkek) में होंगे। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने गुरुवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की।

शासी निकाय के अध्यक्ष नेनाड लालोविच (Nenad Lalovic) ने कहा, "हमें यह जानकर बेहद खुशी हुई कि किर्गिस्तान सरकार और किर्गिस्तान कुश्ती महासंघ इस महत्वपूर्ण इवेंट को अपने देश में आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार थे”।

उन्होंने आगे कहा, “किसी इवेंट के आयोजन स्थल को उसके आयोजन की तारीख के इतने करीब पहुंचकर बदलना आदर्श बात नहीं है। इसलिए हमें एथलीटों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो भी एथलीट क्वालिफ़ायर्स में प्रतिस्पर्धा करना चाहता है, उसे मौका मिले”।

आपको बता दें, एशियाई कुश्ती क्वालीफ़ायर्स शुरुआत में चीन के जियान में आयोजित होने वाले थे, लेकिन देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इस पर संशय बना हुआ था, जो अब तक 2000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है।

टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई कर चुके चीनी पहलवानों को इस इवेंट में प्रतिभागिता लेने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि उससे पहले इन सभी खिलाड़ियों को अपने देश में जांच की प्रक्रिया से गुज़रने के बाद सर्बिया के बेलग्रेड में भी एक और जांच प्रक्रिया से गुज़रना होगा। उन्हें बिश्केक के लिए रवाना होने से पहले सर्बिया में एक प्रशिक्षण शिविर के लिए सभी आवश्यक उपकरण भी प्रदान किए जाएंगे।

भारतीय पहलवानों का दल तय होना बाकी

यह इवेंट विनेश फोगाट (Vinesh Phogat), बजरंग पुनिया (Bajrang Punia), रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) और दीपक पुनिया (Deepak Punia) के अलावा अन्य भारतीय पहलवानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा, जो पहले से ही 2020 ओलंपिक में अपना हुनर आजमाने के लिए तैयार हैं।

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) इस इवेंट में भेजने वाली टीम का फैसला करने से पहले, दिल्ली में खेली जा रही एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2020 में सभी पहलवानों का आकलन करना चाहता है।

भारतीय पहलवानों ने अब तक विभिन्न श्रेणियों में प्रत्येक में चार स्वर्ण और कांस्य पदक जीते हैं। ऐसे में आने वाले समय में पहलवानों को देश की झोली में अन्य कई मेडल डालने का अवसर मिलेगा।