अम्फ़ान चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिए भगवान का रूप बनें तीरंदाज़ राहुल बनर्जी, कुछ इस तरह कर रहें है मदद

तीरंदाज़ और उनके दोस्तों ने चक्रवात अम्फ़ान के बाद में तिरपाल, खाद्य सामग्री और दवाएं प्रदान करने के लिए कई गांवों का दौरा किया।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

इस समय पूरा देश मुसीबतों में घिरा हुआ है। एक तरफ कोरोना वायरस (COVID-19) ने सभी की मुश्किल बढ़ा रखा है तो दूसरी तरफ बंगाल में अम्फान चक्रवात ने सबकुछ तबाह कर दिया। इस मुश्किल घड़ी में कई भारतीय एथलीट्स ने मदद के लिए हाथ बढाए हैं, इन्हीं में से एक हैं तीरदांज राहुल बनर्जी (Rahul Banerjee)।

आर्चर राहुल बनर्जी ने चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कई गांवों का दौरा किया, इस दौरान उन्होंने बंगाल यात्रा करने का प्लान भी बनाया है।।

चक्रवात ने पूर्वी भारत और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में तबाही मचाई थी, जिससे कई लोगों की जान गई तो कई लोग बेघर हो गए। इसके अलावा भारी बारिश के कारण जलजमाव और बिजली की परेशानी से भी लोगों को दिक्कत हो रही है।

कोरोना वायरस के साथ साथ इस प्राकृतिक आपदा को झेल रहे लोगों की मदद के लिए राहुल बनर्जी दूर दराज़ के गांवों में आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवा रहे हैं

भारतीय तीरंदाज ने ओलंपिक चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि “वहां पर कुछ लोगों ने अपने घर गंवा दिए हैं, लोगों को खाना नहीं मिल पा रहा है, इसलिए मैंने फैसला किया मैं फंड इकट्ठा कर तिरपाल और सूखे खाद्य पदार्थ मुहैया करवाउंगा।

राहुल अपने दोस्त फैशन डिज़ाइनर अभिषेक रॉय से प्रेरित हुए,  जो प्रवासी श्रमिकों को शहरों से घर लौटने में मदद कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने दो करीबी दोस्तों टैटू कलाकार निलोय दास (Niloy Das )और डांसर प्रियम मिड्डी (Priyam Middey) को इस मुहिम में जोड़ा।

इसके बाद सभी ने कंधे से कंधा मिलाकर ज़रूरतमंदों की मदद की। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कोरोना वायरस महामारी के कारण लोगों को दवाईयां मिलने में कठिनाई हो रही है।

राहुल बनर्जी ने बताया कि “उनमें से बहुत से लोग सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे थे इसलिए हमने मास्क वितरित करने का फैसला किया और अब तक हम करीब 1500 मास्क दान कर चुके हैं। इसके अलावा हमने लोगों को खांसी की दवाई जैसी बुनियादी दवा दी। इसके अलावा हमने महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन भी बांटे।”

हाल ही में पिता बने इस तीरंदाज ने अपनी पत्नी और बच्चे को कोलकाता स्थित अपने ससुराल में छोड़ दिया है ताकि वह अच्छे से पूरी यात्रा कर सके। इसके अलावा उनके द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट के बाद उन्हें ना केवल देश से बल्कि विदेश से भी काफी मदद मिल रही है। इस मदद की बदौलत वह अपनी कार के साथ छोटे ट्रक में भी सामान की आपूर्ति कर रहे हैं।

साल 2012 लंदन ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके राहुल ने कहा कि “कुछ जगहों पर स्थिति विकट है और स्थानीय लोगों ने एक बड़ी मदद की है, हमें अपनी मोटरसाइकिलों पर ले जा रहे हैं जहाँ कोई कार प्रवेश नहीं कर सकती है। इससे हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच पा रहे हैं।

राहुल बनर्जी ने अपने राहत कार्य में अगला कदम कुछ कस्बों में स्वयंसेवकों और पंचायत प्रमुखों की मदद से सामुदायिक रसोई स्थापित करना है जबकि वह ज़मीनी तौर पर ही मदद को जारी रखेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम अब तक 900 पैकेट बांट चुके हैं, अब हमारा लक्ष्य इसे डबल करने का है, जल्दी ही हम 2000 पैकेट बांटेंगे।