उम्र की बाधा तोड़ शारीरिक ट्रेनिंग पर तरुणदीप राय का ध्यान

युवा खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तरुणदीप राय अब शारीरिक ट्रेनिंग पर ध्यान दे रहे हैं ।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने जाने के बाद से दुनियाभर के एथलीट्स को अपने प्लान में बदलाव करना पड़ रहा है, लेकिन बढ़ती उम्र ने कईयों के लिए परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं।

भारतीय तीरदांज़ तरुणदीप राय (Tarundeep Rai) पहले अगस्त 2021 में संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे लेकिन अब उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया है। 36 साल के इस एथलीट ने 2021 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक तक अपने करियर को बढ़ाने का प्लान बनाया है।

भविष्य में होने वाले इवेंट को ध्यान में रखते हुए सिक्किम के ये तीरंदाज शारीरिक फ़िटनेस पर फ़ोकस कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “मैं ओलंपिक में मेडल जीतने के लिए काफ़ी मेहनत कर रहा हूं। मैं अपनी मांसपेशियों को मज़बूत बनाने में लगा हुआ हूं, अगर मैं ऐसा नहीं करूंगा तो चोटिल होने की संभावना बढ़ जाएगी।”

फ़िटनेस और शारीरिक ट्रेनिंग के अलावा इस खिलाड़ी का पूरा ध्यान युवा खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करने पर है। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से इस खिलाड़ी ने कहा कि “इस एक साल के अंतराल में कई 20-22 के खिलाड़ी टीम में आने के लिए चुनौती पेश करेंगे। मुझे लगता है कि मज़बूत कंधों की मदद से मैं उन्हें चुनौती दे पाउंगा”

शारीरिक मेहनत के साथ तरुणदीप राय ख़ुद को युवा और उभरते हुए तीरंदाज़ों की ही तरह फ़िट रखना चाह रहे हैं।

लॉकडाउन में घर से दूर

जहां लॉकडाउन के समय ज़्यादातर एथलीट्स अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं तो वहीं तरुणदीप उनसे अलग हैं। ये तीरंदाज अभी पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ठहरे हुए हैं और लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं, हालांकि लॉकडाउन खुलने के बाद वह अपने परिवार के पास जाना चाहते हैं। वह ओलंपिक की तैयारी में फिर से जुटने से पहले थोड़ा समय परिवार के साथ बिताना चाहते हैं।

तरुणदीप ने बताया कि, “ट्रेनिंग शेड्यूल की वजह से मैंने अपने बेटे के साथ केवल 6 महीने का समय ही बिताया है और वह 8 साल का है। मुझे घर पर समय बिताए अब काफ़ी समय हो गया है इसलिए अब जब लॉकडाउन खुलेगा तो मैं घर जाउँगा लेकिन इसके लिए फ़्लाइट का चलना भी ज़रूरी है”।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “जब चीज़ें सही हो जाएंगी, तब मैं और भी मेहनत से ट्रेनिंग करूंगा”।

साल 2004 और 2012 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले तरुणदीप भारतीय मेंस तीरंदाज़ी कैंप का नेतृत्व करेंगे। दो बार के वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर पदक विजेता को भी खुद से काफी उम्मीद है। तरुणदीप ने कहा,  “टोक्यो में भारत के लिए मेडल जीतने का यह अच्छा अवसर है”।