मैं नेशनल रिकॉर्ड तोड़ना चाहता हूं:  अमिया मलिक

2016 नेशनल कप के दौरान नेशनल रिकॉर्ड (10.26 सेकंड) बनाने वाले भारतीय धावक अमिया मलिक की नज़र टोक्यो 2020 पर है।

खेल में मिली सफलता जैसे आपको और बेहतर करने की प्रेरणा देती है, ठीक वैसे ही चोट किसी भी खिलाड़ी के करियर को काफी प्रभावित करती है।नेशनल रिकॉर्ड धारक (100 मीटर) अमिया मलिक (Amiya Mallick) अपनी पुरानी चोट से उबर चुके हैं। वे अपना ही पुराना रिकॉर्ड (10.26 सेकंड) को तोड़ 2020 ओलंपिक गेम्स में दाखिला लेने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले साल अक्टूबर में हुए नेशनल ओपन (National Open) के दौरान इस भारतीय स्प्रिंटर ने 10.46 की बेहतरीन टाइमिंग द्वारा गोल्ड मेडल पर अपने नाम की मुहर लगाई। इनके जोश और जज़्बे को देख पूरा भारत इनसे हर कदम पर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद बांधे बैठा है।

स्पोर्टस्टार से बात करते हुए मलिक ने बताया “इस साल मुझे नेशनल रिकॉर्ड तोड़ना है और साथ ही टोक्यो 2020 में भी हिस्सा लेने के लिए मैं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा हूं।

2016 फेडरेशन कप के दौरान अमिया मलिक ने 10.26 की बेहतरीन टाइमिंग द्वारा बनाया था नेशनल रिकॉर्ड। 
2016 फेडरेशन कप के दौरान अमिया मलिक ने 10.26 की बेहतरीन टाइमिंग द्वारा बनाया था नेशनल रिकॉर्ड। 2016 फेडरेशन कप के दौरान अमिया मलिक ने 10.26 की बेहतरीन टाइमिंग द्वारा बनाया था नेशनल रिकॉर्ड। 

देश का सबसे तेज़ पुरुष धावक

अमिया मलिक ने खेल की दुनिया में अपना नाम साल 2006 में किया, जहां जूनियर एशियन के दौरान उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 2008 कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स 2008 (Commonwealth Youth Games) में उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल कर अपने मज़बूत होने का एक और प्रमाण पेश किया।

इस खिलाड़ी का सफ़र भी चोट से भरा हुआ है। जहां साल 2011 और 2012 में यह चोट से जूझ रहे थे वहीं अगले ही साल इस खिलाड़ी ने एक बार फिर अपने नाम का डंका बजाएं। साल 2013 में हुई नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (National Open Athletics Championships) में इस भारतीय स्प्रिंटर ने एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

इस धावक के दृढ संकल्प को देखते हुए स्टेट एसोसिएशन और स्पॉन्सर्स ने इन्हें कोच ग्‍लेन मिल्‍स (Glen Mills) के साथ किंग्स्टन में 4 महीनों की ट्रेनिंग की। यह वही जगह है जहां दिग्गज उसैन बोल्ट (Usain Bolt) और महान धावक योहान ब्लेक (Yohan Blake) ने ट्रेनिंग की है। इसे देख कहना गलत नहीं होगा कि इरादों में अगर दम हो तो मंजिल मिल ही जाती है।

इस भारतीय खिलाड़ी को ट्रेनिंग ने पहले से बेहतर बनाया। जिसका सबूत नई दिल्ली में आयोजित 2016 नेशनल फेडरेशन कप (2016 National Federation Cup) बना। प्रतियोगिता में इन्होने 100 मीटर रेस को 10.26 सेकंड की बेहतरीन टाइमिंग से ख़त्म किया। आपको बता दें अमिया के नाम 'द फास्टेस्ट मैन' इन इंडिया” का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

चोट के बाद वापसी

रियो 2016 के लिए अमिया भारत की ओर से मुख्य दावेदार माने जा रहे थे लेकिन वे उस साल को अपने नाम नहीं कर पाए। 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान अमिया को गलत शुरुआत करने का दोषी मान बाहर किया गया था। यह गलती उनसे सेमीफाइनल के दौरान हुई जिसका खामियाज़ा उन्हें रेस छोड़ कर देना पड़ा। इसी प्रतियोगिता में अमिया 4x100 मीटर रिले रेस का भी हिस्सा थे लेकिन इस गलती के कारण फिर से इस खिलाड़ी को डिस्क्वालिफाई किया गया।

यह सिलसिला भारतीय अमिया मलिक के खिलाफ जा रहा था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इस खिलाड़ी ने ताईवो अरिओ (Taiwo Ariyo) का रुख किया और अपने कौशल को बेहतर करने में जुट गए। हालांकि अगले साल चोट (groin tear) की वजह इस खिलाड़ी का नाम ज़्यादा चर्चा में नही आया।

अमिया मलिक कैसे कर सकते हैं टोक्यो 2020 में क्वालिफाई

2020 ओलंपिक खेलों की बात करें तो अमिया मलिक के पास कई सुनहरे अवसर हैं। टोक्यो 2020 में अपनी जगह पक्की करने के लिए इस इस धावक को 100 मीटर रेस को 10.05 सेकंड से भी कम समय में खत्म करना होगा। ऐसा करके वे आना नाम दुनिया के टॉप 56 धावकों में शामिल कर लेंगे, जिस वजह से उन्हें टोक्यो 2020 का टिकट मिल सकता है।

2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने की आखिरी तारीख 6 जुलाई है। अमिया ने कहा, "फिलहाल मैं 56वें स्थान पर काबिज़ हूं और मेरा सर्वश्रेष्ठ समय 10.17-18 सेकंड है, अगर मैं इससे बेहतर करता हूं तो टोक्यो 2020 में अपनी जगह पक्की कर पाऊंगा। अभी मैं पूरी तैयारी के साथ मार्च में होने वाले इवेंट में भाग लेना चाहता हूं और उसके बाद चीज़ों को परख उनमें बदलाव कर बेहतरी हासिल करने पर ध्यान दूंगा।”

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