भारतीय एथलीटों के कई रंग, कोई कर रहा UPSC की तैयारी तो किसी को मॉडलिंग से हुआ प्यार

भारतीय खेल सितारे लॉकडाउन के दौरान अपने खेल को सुधारने के लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं।

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण मार्च से ही पूरे भारत में लॉकडाउन जारी है। जिसकी वजह से ज्यादातर भारतीय एथलीटों का ट्रेनिंग सेशन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। लेकिन इस दौर में भी खिलाड़ी अपने खेल को सुधारने के लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं।

कुछ एथलीट तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने खुद को व्यस्त रखने के लिए खाना पकाने और बाग़वानी करने जैसी गतिविधियाँ शुरू कर दी हैं। विजय कुमार (Vijay Kumar) और पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) जैसे खिलाड़ियों ने लॉकडाउन के दौरान किताबें पढ़ने और ऑनलाइन कोर्स करने की ओर रुख किया है।

क़ानून सीख रहे हैं शूटर विजय कुमार

पालमपुर के दारोह में एक ट्रेनिंग कॉलेज में रह रहे 2012 लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के साथ पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के रूप में अपनी भूमिका के लिए खुद को बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए ऑनलाइन लॉ क्लासेज ली हैं।

उन्होंने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से कहा कि, “मैंने अपना ट्रेनिंग रोक दिया है, लेकिन अभी भी ऑनलाइन कानून की क्लासेस ले रहा हूं। फिजिकल ट्रेनिंग फिलहाल संभव नहीं है क्योंकि हमें सामाजिक संतुलन बनाए रखना है।”

ऑयल कॉरपोरेशन के परीक्षण में व्यस्त है शटलर्स

विजय कुमार की तरह ही भारतीय बैडमिंटन स्टार परुपल्ली कश्यप, चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) और एन सिक्की रेड्डी (N Sikki Reddy) जैसे लोग इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के साथ काम करने के लिए अपने ज्ञान और जागरूकता को बेहतर बनाने में लगे हुए हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के साथ ग्रेड ए के अधिकारी चिराग शेट्टी ने PTI को बताया कि, "हम पहले पाठ्यक्रम पढ़ते हैं, फिर तुरंत एक मूल्यांकन परीक्षा देते हैं।"

“आपको कम से कम 80 प्रतिशत स्कोर करना होता है, जो बहुत कठिन है। इसलिए पास होने के लिए कई बार प्रयास करना पड़ता है। ये सुरक्षा, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रोडक्ट मेनटेनेंस जैसे कार्यों को करने से एथलीटों को खुद को मानसिक रूप से सक्रिय रखने में मदद करता है।’’

चिराग शेट्टी ने आगे कहा कि, "ये अच्छी बात है, हम अभी दो सत्रों में ट्रेनिंग करते हैं और इसके बीच में बहुत खाली समय भी मिलता है, इसलिए हम इन कोर्स को करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि एक एथलीट के लिए ये सब करना कभी आसान नहीं होता।’’

तो वहीं ओलंपियन पारुपल्ली कश्यप ने अपने जूनियर खिलाड़ी के साथ सहमति जताते हुए कहा, “पाठ्यक्रम सामग्री वास्तव में दिलचस्प होते हैं। ये हमें कंपनी के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी देते हैं। ये एक अच्छी पहल है क्योंकि एथलीट होने के नाते हमें इन पाठ्यक्रमों को करने के लिए समय नहीं मिलता है।”

गौरी श्योराण फैशन में ले रही हैं दिलचस्पी

पिस्टल शूटर गौरी श्योराण (Gauri Sheoran) इस समय का उपयोग अपने जुनून - फैशन स्टाइल को आगे बढ़ाने के लिए कर रही हैं।

2019 दक्षिण एशियन गेम्स की पदक विजेता ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि, "मैं इसके लिए कॉलेजों में आवेदन दे रही हूं और कुछ ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को ढूंढ रही हूं,"

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दिलचस्प बात ये है कि 22 वर्षीय पेशेवर शूटर फैशन में उसकी रुचि को और आगे ले जाने की कोशिश कर रही हैं।

“जब मैंने शूटिंग शुरू की थी, तब मैं मेरी हेयरस्टाइल लड़के की तरह हुआ करती थी। मैं बैगी टी-शर्ट और लोअर पहनती थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से एक्सपोज़र पाने और बाहर जाने के बाद, मुझे बस किसी तरह फैशन से प्यार हो गया।’’

हरियाणा की इस एथलीट ने बताया कि, “तब से मेरा खुद का बाल संवारने और मेकअप करने की ओर रूचि बढ़ती गई। इसी तरह मैं इस ओर आकर्षित हुई और मैं इसे करियर के रूप में आगे बढ़ाना चाहती हूं।”

UPSC पास करना चाहते हैं सिद्धार्थ रावत

टेनिस खिलाड़ी सिद्धार्थ रावत (Sidharth Rawat) लॉकडाउन के समय अपने लक्ष्यों का ध्यान में रखते हुए उसे वास्तविक रूप देने के लिए समय दे रहे हैं।

27 वर्षीय इस साल मई में UPSC- भारत की लोक सेवा परीक्षा में बाग लेने की योजना बना रहे थे, लेकिन टेनिस से ब्रेक के बाद, खुद को बेहतर बनाने और 2021 में परीक्षा देने के लिए समय का उपयोग करने का निर्णय लिया।

UPSC को एक कठिन परीक्षा के रूप में जाना जाता है और सिद्धार्थ रावत उम्मीद कर रहे हैं कि तैयारी का समय उन्हें सफलता दिला सकता है।

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि, "जब आप पूरे समय टेनिस खेल रहे हों और यात्रा कर रहे हों, तो आपकी पढ़ाई के साथ कुछ भी हासिल करना मुश्किल हो जाता है। अब मैं इसे लॉकडाउन से पहले जितना संभव हो पूरा करने की योजना बना रहा हूं। और जब मैं फिर से खेलना शुरू करूंगा, तो मेरे पास वो लय होगी जो मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।"

बैकअप योजनाएँ होनी ज़रूरी हैं

एक स्पोर्ट्स पर्सन के करियर में और एक एथलीट के जीवन के साथ आने वाली विभिन्न चुनौतियों और अनिश्चितताओं को देखते हुए एक बैकअप प्लान तैयार करना अनिवार्य हो गया है।

भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने हाल ही में एक ऑनलाइन सेशन के दौरान कहा था कि, "हमें एथलीटों की देखभाल करने की आवश्यकता है क्योंकि सबको सफलता नहीं मिलती है।"

उन्होंने कहा, "ये महत्वपूर्ण है कि एथलीटों के पास अपने खेल करियर के लिए बैकअप योजनाएँ हों।"

इसलिए, अभिनव बिंद्रा ने खेल के प्रशासकों से एथलीटों की देखभाल के लिए एक "वैकल्पिक कौशल विकास कार्यक्रम" बनाने का आग्रह किया था।

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