ओलंपिक मेडल जीतने के सपने के साथ हिमा दास ने शुरू की ट्रेनिंग

मार्च से नेशनल इवेंट्स को एएफआई द्वारा रद्द कर दिया गया था, इसके साथ ही भारत ग्रां प्री का आयोजन नहीं हो पाया।

भारत की स्टार धावक हिमा दास (Hima Das) ने दो महीनों बाद बुधवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट मेंआउटडोर ट्रेनिंग शुरू कर दी है।

चोट से जूझने वाली लंबे समय बाद वापसी कर रही हिमा दास उन एथलीटों में से एक थीं, जो मार्च में इंडियन ग्रां प्री(Indian Grand Prix) में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पटियाला पहुंचे थे।

हालांकि, इसके बाद एथलीट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने कोरोना वायरस महामारी के कारण इस इवेंट को स्थगित कर दिया। वहीं एथलीटों को राष्ट्रीय लॉकडाउन में अपने होटल में रहने को कह दिया गया।

असम की ये धावक, जिसने 2018 विश्व अंडर -20 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था, उन्हें टोक्यो ओलंपिक से पहले 200 मीटर इवेंट में शिफ्ट कर दिया गया था, ताकि वह अपनी गति और धीरज पर काम कर सके।

समर गेम्स को अब 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है और विश्व एथलेटिक्स (IAAF) ने वर्ष के अंत तक सभी क्वालिफाइंग स्पर्धाओं को स्थगित कर दिया है। अब हिमा दास के पास अपने फेवरेट 400 मीटर रेस में वापसी करने का मौका है।

हिमा दास ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि एथलीट्स के करियर में तो उतार- चढ़ाव आते रहते हैं, मुझे लगता है कि जिंदगी में हमेशा वापसी की जा सकती है और अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “एक एथलीट के लिए जरूरी है कि वह अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए फोकस्ड रहे। निश्चित तौर पर ये सारी मेहनत ओलंपिक मेडल के लिए है।”

नीरज चोपड़ा ने भी पकड़ी राह

हिमा दास की तरह एनआईएस-पटियाला में नीरज चोपड़ा, तेजिंदर पाल सिंह और अन्य एथलीट भी तीन से चार के छोटे समूहों में लौट रहे है। इस दौरान सभी सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं और चेहरे को मास्क से ढक रहे हैं।

10 दिनों के ट्रेनिंग समय के पहले चरण में एथलीटों ने सामाजिक सुरक्षा जैसे कई सुरक्षा उपायों का अभ्यास किया, इसके अलावा ज़मीन पर थूकने से परहेज किया। वहीं जमीन पर रखे फुट-पेडल सैनिटाइटर का उपयोग भी किया।

पिछले दो महीने खुद को फिट रखने के लिए जिम का सहारा ले रहे भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने भी मैदान पर वापसी कर ली है। इस खिलाड़ी ने इसी साल जनवरी में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था।

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नीरज ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा कि “वापसी घास वाले मैदान पर आकर खुश हूं। हम हल्की दौड़ और ट्रेनिंग कर रहे थे।.पहले दिन हमने ज्यादा कोशिश नहीं की, फिलहाल हम हल्की ट्रेनिंग ही करेंगे।”

एनआईएस-पटियाला में खिलाड़ी भले ही एंट्री कर सकते हों लेकिन फिलहाल उनके कोचों को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली है।

सभी शीर्ष 4 कोच - मुख्य कोच बहादुर सिंह (Bahadur Singh), मध्य और लंबी दूरी के रनिंग कोच जेएस भाटिया (JS Bhatia), जर्मन बायोमैकेनिक विशेषज्ञ क्लाउस बार्टोनिएट्ज़ (Klaus Bartonietz) और स्प्रिंट कोच गैलिना बुखारीना (Galina Bukharina) की उम्र 65 साल से ज्यादा है और कोरोना महामारी के नियम के तहत उनका घर से बाहर निकलना मना है।

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