भारतीय अधिकारियों का लॉकडाउन के दौरान एथलीटों को एक्टिव और स्वस्थ रखने का है लक्ष्य

निशानेबाज़ों के लिए ट्रेनिंग और जिम के उपकरणों के साथ बुलेट्स की डिलीवरी पर भी भारतीय खेल मंत्रालय विचार कर रहा है।

भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने देश में लॉकडाउन के दौरान एथलीटों को ट्रेनिंग मुहैया कराने के लिए उपाय करना शुरू कर दिया है।

अधिकांश एथलीट अपने घरों में रह रहे हैं और कुछ एथलीट ट्रेनिंग कैंप में फँस गए हैं। इस मुश्किल समय में खेल अधिकारियों ने सभी को शारीरिक और मानसिक रूप से व्यस्त रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

सभी एथलीटों के लिए अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक एथलीट को डिजिटल माध्यम से अपने कोच तक पहुँचना हैं ताकि उनके ट्रेनिंग और फिटनेस पर नजर रखी जा सके। परिस्थितियों को देखते हुए इस समय का सदुपयोग किया जा सके, उसी के लिए ये विचार किया जा रहा है।

ऑनलाइन वर्क शॉप जैसे कि खिलाड़ियों और विशेषज्ञों द्वारा की गई फेसबुक लाइव सेमिनार में विस्तार और SAI द्वारा दी जा रही सुविधाओं का विस्तार करने में मदद की जा रही है।

SAI और मंत्रालय द्वारा की गई सभी पहलुओं की समीक्षा किरन रिजिजू ने एक वीडियो कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से SAI केंद्रों के स्थानीय निदेशकों के साथ आयोजित बैठक में की है।

SAI के एक अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) को बताया कि, "ये बताने के लिए बैठक आयोजित की गई थी कि ये सेंटर एथलीटों का मनोबल ऊंचा रखने और उन्हें व्यस्त रखने के लिए क्या कर रहे हैं।"

भारतीय पुरुष हॉकी और महिला टीम को फिलहाल बेंगलुरु के SAI केंद्र में रखा गया है, जबकि कुछ अन्य एथलीट पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान में फँस गए हैं, जहाँ उन्हें लॉकडाउन प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है। ये ही केवल दो केंद्र हैं जहां एथलीट हैं।

जिम उपकरण, गोली और भत्ते

दिग्गज वर्ग के एथलीटों और ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत आने वाले उन एथलीटों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ये एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जो प्रतिभा की पहचान करता है और ओलंपिक खेलों के लिए संभावित पदक की संभावनाएं तैयार करता है। पिछले महीने की तरह, TOPS के पास इसके दायरे में 94 एथलीट हैं।

SAI के एक अधिकारी ने स्पोर्ट्स्टार से कहा कि, "मान लीजिए जिन एथलीटों के पास जिम उपकरण नहीं हैं, तो हम स्थानीय जिम के साथ बात कर रहे हैं और एथलीट के घर पर पोर्टेबल उपकरण पहुंचा रहे हैं।"

उन्होंने कहा, ''जिन निशानेबाज़ों को घर में रेंज मिली हुई है, हम उन्हें निशानेबाज़ी के लिए ज़रूरी उपकरण (गोली/बुलेट्स) मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे अपने ट्रेनिंग को जारी रख सकें।''

सेल्फ-आइसोलेशन की अवधि के दौरान उपकरणों के अलावा, मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

भारतीय खेल मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया कि देश के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सूचना में 10 प्रतिशत बजट कटौती के बावजूद मासिक भत्ते (अलाउंस) प्राप्त करने वाले एथलीट प्रभावित नहीं होंगे।

भारतीय खेल सचिव राधेश्याम जुलानिया ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, "खिलाड़ियों की मासिक सैलरी या भत्ता, वेतन, पेंशन और अन्य भुगतान सहित सभी गतिविधियों के लिए हमारे पास पर्याप्त फंड मौजूद है।"

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