टोक्यो ओलंपिक का एक साल टलना प्रजनेश गुणेश्वरन के लिए बड़ा मौक़ा, तो नीरज चोपड़ा के लिए तैयारी का भरपूर समय

भारतीय खिलाड़ी साक्षी मलिक और अमित पंघल ने अगले साल जुलाई में होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए खुशी जताई है। इससे खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस में सुधार के साथ साथ अपना माइंडसेट मजबूत करने का समय मिलेगा

इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (international olympic committee ) ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा कि टोक्यो ओलंपिक का आयोजन अब शुक्रवार 23 जुलाई 2021 से रविवार 8 अगस्त 2021 तक होगा। इससे पहले आईओसी ने कोरोना वायरस के कारण एक हफ्ते पहले ही टोक्यो ओलंपिक को टालने का फैसला लिया था।

अब ओलंपिक के एक साल के स्थगित होने के साथ ही कई एथलीट्स ने चैन की सांस ली है। अब वह नई तारीख के हिसाब से ट्रेनिंग करते हुए खुद को ओलंपिक के लिए तैयार करेंगे।

अमित पंघल (Amit Panghal) ने ओलंपिक चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि, “मैं इसके केवल सकारात्मक पक्ष ही देख सकता हूं। अब मुझे अपनी फिटनेस सुधारने के साथ ट्रेनिंग करने का और समय मिलेगा”।

इसके अलावा इसी महीने की शुरुआत में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले इस भारतीय बॉक्सर ने कहा कि “मुझे एक ये भी फायदा होगा कि मैं अपनी विरोधियों को और अच्छे से जान सकता हूं”।

साल 2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक (Sakshi Malik) के लिए भी ओलंपिक का अगले साथ तक स्थगित होना राहत की सांस देने वाला है। साक्षी अभी भी ओलंपिक में क्वालिफाई करने की कोशिश कर रही हैं।

साक्षी मलिक ने कहा कि “ये बहुत ही अच्छी खबर है। इसके कारण हम मानसिक तौर पर खुद को काफी मजबूत कर सकते हैं। अब हम क्वालिफिकेशन की तारीख आने का इंतजार कर रहे हैं और फिर उसी के अनुसार हम तैयारी करेंगे”

वहीं भारत के जेवलिन थ्रोइंग स्टार नीरज चोपड़ा ने कहा कि “ये सुनकर अच्छा लग रहा है क्योंकि हमें अगले लक्ष्य के बारे में पता चल गया है। हम नई तारीख के हिसाब से ही अब अपनी तैयारी शुरू करेंगे। अब मैं काफी खुश हूं।”

ओलंपिक के एक साल के टलना कई एथलीट्स के लिए अच्छी खबर साबित हो सकती है, खासकर उनके लिए जो इस साल तक ओलंपिक में क्वालिफाई के लिए मजबूत स्थिति में नहीं है।

नीरज चोपड़ा भारत में ला सकते हैं एथलेटिक्स का पहला ओलंपिक मेडल  
नीरज चोपड़ा भारत में ला सकते हैं एथलेटिक्स का पहला ओलंपिक मेडल  नीरज चोपड़ा भारत में ला सकते हैं एथलेटिक्स का पहला ओलंपिक मेडल  

प्रजनेश गुणेश्वरन के लिए एक और मौका

भारतीय टेनिस खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन (Prajnesh Gunneswaran) ने कहा कि इस वजह से मुझे एक और मौका मिला है। अगर इस साल मैं अच्छा करता हूं तो साल 2021 में होने वाले ओलंपिक में हिस्सा ले सकता हूं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं अपने को खुश किस्मत मान सकता हूं लेकिन मुझे नहीं लगता कि ये जश्न मनाने का सही तरीका है।

ऐसी ही कुछ कहानी भारतीय घुड़सवार फवाद मिर्जा (Fouaad Mirza) की भी है, जो भारत के तीसरे ओलंपिक के प्रतिभागी है, उन्होंने ये कारनामा पिछले नवंबर को किया था। बेंगलुरु का यह राइडर अपने घोड़े को फिट रख पाने में चुनौतियों का सामना कर रहा था अब ये समय उनके लिए काफी फ़ायदेमंद होगा।

फवाद ने बताया कि “इस स्थिति के हिसाब से मुझे फायदा हो सकता है क्योंकि एशियन सिल्वर जीतने वाला सिग्नॉरिटी  मेडिकॉट पिछले साल चोटिल हो गया था”। अब उसने ट्रेनिंग शुरू कर दी। मैं अभी ये नहीं बता सकता कि वह टोक्यो ओलंपिक तक फिट हो पाएगा या नहीं लेकिन हां अब मुझे अतिरिक्त समय जरूर मिल जाएगा। इसके अलावा दजारा 4 (नया अधिग्रहीत घोड़ा) युवा है और यह उसे विकसित होने के लिए और समय मिल जाएगा।

ओलंपिक का स्थगित हो जाना कई खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो सकता है तो कई एथलीट्स के लिए अच्छा मौका होगा कि वह क्वालिफाई कर पाएं। ये बात भारत के अनुभवी मुक्केबाज़ विकास कृष्ण यादव (Vikas Krishan Yadav) पर बिल्कुल सटीक बैठती है।

भारतीय बॉक्सर ने कहा कि अब ये तय हो गया है कि गेम्स जुलाई और अगस्त में होंगे तो मैं और कड़ी मेहनत करुंगा। अपने आखिरी दांव के लिए प्रोफेशनल बॉक्सिंग से एम्चोयर बॉक्सिंग में लौटे विकास ने कहा कि मैं पूरी कोशिश करुंगा कि जब मैं  अगस्त में गोल्ड जीतकर ही भारत आऊं।

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