संन्यास के बारे में सोचने वाले दिग्गज एथलीट अब रिटायरमेंट को टालने की बना रहे हैं योजना

तीरंदाज तरुणदीप राय, पैडलर शरत कमल और दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस जैसे भारतीय खिलाड़ियों को अब अपने संन्यास लेने की योजना के बारे फिर से सोचने की ज़रुरत है।  

लेखक ओलंपिक चैनल ·

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण टोक्यो खेलों को स्थगित करने से सभी एथलीट अलग-अलग तरीकों से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में भारत के दिग्गज एथलीट जो साल 2020 में संन्यास लेने की सोच रहे थे, उन्हें ओलंपिक खेलों को 2021 तक के लिए टाले जाने के निर्णय ने अपनी योजनाओं पर फिर से विचार करने पर मजबूर कर दिया है।

अनुभवी भारतीय तीरंदाज तरुणदीप राय (Tarundeep Rai) एक ऐसी ही मिसाल हैं, जो दो बार विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद अगले साल होने वाले खेलों में एक नई चुनौती पेश कर सकते हैं।

सिक्किम के तीरंदाज ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को बताया, "मेरे लिए ओलंपिक के स्थगित होने का मतलब है कि मेरा एक साल और गुजर गया, इसलिए ये एक नई चुनौती होगी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अनुभव के मामले में मैं थोड़ा आगे हूं, लेकिन असली चुनौती फिट रहने और युवा प्रतिभाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने की होगी।"

तीरंदाज़ तरुणदीप राय ने 2004 एथेंस और 2012 लंदन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है

खेलों का स्थगन एक सकारात्मक पहलू

जहां युवा और आने वाले तीरंदाज 36 वर्षीय के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकते हैं, तरुणदीप राय अभी भी चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने कंधे की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए अतिरिक्त समय लेकर इसकी तैयारी कर रहे हैं।

"इसका (टोक्यो 2020 का स्थगन) एक साकारात्मक पक्ष है।" प्रतियोगिता होगी और हम ओलंपिक के लिए एक मजबूत टीम बनाएंगे और उम्मीद है कि महिलाओं की टीम भी क्वालिफाई करेगी, जिससे हमें अगले साल पदक की ज्यादा उम्मीद होगी।

टेबल टेनिस स्टार शरत कमल (Sharath Kamal) एक और दिग्गज हैं, जो 37 साल की उम्र में खुद को एक समान स्थिति में पाते हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के साथ हुए टेलीफ़ोनिक इंटरव्यू में शरत कमल ने कहा, “मैं एक ऐसे दौर से गुज़र रहा हूं जहां पानी भी मेरे शरीर पर असर कर रहा है।”

ओलंपिक में खेलना किसी प्रेरणा से कम नहीं

इस साल टोक्यो 2020 के बाद संन्यास लेने के बारे में विचार करने वाले भारतीय पैडलर का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद, ओलंपिक में भाग लेने का ज़ज़्बा ही एथलीटों के लिए पर्याप्त प्रेरणा के रूप में काम करना चाहिए।

शरत कमल ने कहा, "मुख्य बात यह है कि यह ओलंपिक है। भले ही मैं फाइनल या क्वार्टर फाइनल खेल रहा हूं, इसमें खेलना ही बहुत बड़ी बात है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये एक साल में हो या चार साल बाद। यही वो चीज है जो मुझे आगे ले जाती है।”

शरत कमल को नहीं लगता कि अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों में उनकी उम्र के कारण अलग चुनौती होगी।

शरत कमल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उम्र बहुत मायने रखती है। ये सिर्फ आपके फॉर्म का समय है, मुझे लगता है। हर कोई मेरी उम्र की बात कर रहा है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि मैं अब अपना सर्वश्रेष्ठ टेबल टेनिस खेल रहा हूं।” आपको बता दें, शरत कमल इस साल जुलाई में 38 साल के हो जाएंगे।

लिएंडर पेस की योजनाओं में हो सकता है बदलाव

उम्र को सिर्फ एक संख्या बताते हुए, शायद कोई भी खिलाड़ी ऐसा नहीं है जो सदाबहार लिएंडर पेस (Leander Paes) से बेहतर हो।

अटलांटा 1996 के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने घोषणा की थी कि 2020 के पेशेवर टेनिस सर्किट में उनका आखिरी वर्ष होगा क्योंकि उन्होंने टोक्यो में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की थी, लेकिन खेलों का स्थगन उनकी योजनाओं को बदल सकता था।

लिएंडर पेस ने ईएसपीएन को बताया, "यह वो निर्णय है जिसके बारे में मैं और मेरी टीम बहुत सोच रही है। हम जल्द ही इस पर फैसला करेंगे कि क्या इस सफर को जारी रखना है या जितना खेलना था उतना खेल चुका हूं।"

खेलों के स्थगित होने से पहले म्यूनिख 1972 में भारतीय हॉकी टीम के साथ कांस्य पदक जीतने वाले और लिएंडर पेस के पिता वीसी पेस (Vece Paes) से साख पूर्व युगल जोड़ीदार महेश भूपति (Mahesh Bhupati) का मानना ​​था कि लिएंडर पेस एक और साल खेल सकते हैं।

ओलंपिक के लिए लिएंडर पेस का प्यार देखते हुए, उन्हें टोक्यो खेलों में कोर्ट से दूर रखना मुश्किल लग रहा है।

वो तरुणदीप राय, शरत कमल और छह बार के मुक्केबाज़ी विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) के साथ टोक्यो 2021 के साल 37 साल या उससे अधिक के हो जाएंगे।