दुती चंद और रोहन बोपन्ना समेत लॉकडाउन में ढील के बाद ट्रैक पर वापस लौटे भारत के शीर्ष एथलीट

केंद्र सरकार द्वारा 18 मई को लॉकडाउन बढ़ाए जाने के साथ ही मानदंडों में थोड़ी ढील दे दी गई है। जिसके बाद देशभर के विभिन्न केंद्रों पर एथलीट ट्रेनिंग के लिए वापस लौट आए हैं।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी लॉकडाउन मानदंडों में छूट के बाद भारत के शीर्ष एथलीट इस सप्ताह लगभग दो महीने तक खेल के मैदान से दूर रहने के बाद अपने-अपने ट्रेनिंग सेंटर पर वापस लौट आए हैं।

जहां एक ओर भारतीय तेज़ धावक दुती चंद (Dutee Chand) भुवनेश्वर में अपने ट्रैक पर वापस आ गई हैं, वहीं दूसरी ओर टेनिस में युगल दिग्गज रोहन बोपन्ना (Rohan Bopanna) थोड़ी बहुत ट्रेनिंग और कोचिंग के लिए कोर्ट पर लौट आए हैं।

भले ही इतने लंबे समय तक ट्रेनिंग के अभाव ने एथलीटों के प्रदर्शन पर प्रभाव डाला है, लेकिन वे बीते कुछ सप्ताह तक घर के अंदर रहने और अपनी फिटनेस दिनचर्या पर ध्यान न दे पाने के बाद एक बार फिर से मैदान पर वापस लौटकर खुश हैं।

ट्रैक पर वापस लौटने के बाद दुती चंद ने ESPN से बात करते हुए कहा, “मैं आमतौर पर 1 किमी का वार्म-अप रन के साथ अपना प्रशिक्षण शुरू करती हूं। इसे पूरा करने में मुझे 5 मिनट लगते हैं, लेकिन इस बार मुझे सात मिनट से अधिक समय लगा। यह ऐसा था जैसे कोई मुझे पीछे से खींच रहा था।”

उन्होंने आगे कहा, "मेरी मांसपेशियां इतनी कड़ी हो गई थीं कि मेरा शरीर इसे करने के लिए तैयार नहीं था... फिर से वैसा ही महसूस करने के लिए मुझे कम से कम 10 दिन लगेंगे। लेकिन मैं खुश हूं कि मैं फिर से ट्रेनिंग शुरू कर सकी हूं।”

सभी ट्रेनिंग एकेडमी में सुरक्षा को दी जा रही तरजीह

वहीं, बेंगलुरु में अपनी टेनिस अकादमी चला रहे रोहन बोपन्ना ने कहा कि अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कोच हर सावधानी बरत रहे हैं।

रोहन बोपन्ना ने कुछ दिन पहले स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कहा था, “कोच मास्क और दस्ताने पहने होंगे। केवल कोच ही गेंदों को खिलाएंगे और हर कोर्ट पर अधिकतम चार ही खिलाड़ी होंगे। दो घंटे के टेनिस के बाद थकान उतारने के लिए अभ्यास होगा। एक बैच जब चला जाएगा तो ही दूसरा बैच आएगा। माता-पिता अपने बच्चों को छोड़ देंगे और अपनी-अपनी कार में प्रतीक्षा करेंगे।”

बेंगलुरु में 18 मई को जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शहर में कुछ समय के लिए गोल्फ कोर्स भी खुले देखे गए।

गार्डन सिटी में तीन गोल्फ कोर्स हैं, जो नियमित रूप से पूरे साल में विभिन्न पीजीटीआई इवेंट की मेज़बानी करते हैं। भले ही अधिकारियों ने इस सप्ताह थोड़े गोल्फ एक्शन के लिए अपने दरवाज़े खोल दिए हैं, लेकिन फिर भी किसी इवेंट की मेज़बानी करना अभी भी मुश्किल दिखाई दे रहा है।

कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन के सचिव पृथ्वीराज उर्स न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “अगर इवेंट होंगे तो बहुत सारे लोग होंगे। इसलिए अभी कोई भी टूर्नामेंट नहीं होगा। मैं इस बात की पुष्टि करता हूं।”

इसके अलावा भारतीय तीरंदाज़ी की उम्मीद भवानी देवी (Bhavani Devi) भी गुरुवार को अपनी ट्रेनिंग शुरू करने के लिए चेन्नई के नेहरू स्टेडियम लौट आएंगी। जबकि भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) को प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए खेल मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का इंतजार है।

हालांकि, दिशा-निर्देश में स्टेडियम और खेल के मैदानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए क्या व्यवस्था होगी। हैदराबाद में

गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी, जो कि एक नेशनल कैम्प भी है। यह सरकार द्वारा प्रशिक्षण सुविधा केंद्र के रूप में सूचीबद्ध है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए गोपीचंद ने कहा, “स्टेडियम खोले दिए गए हैं, लेकिन हमें अभी भी सरकार से कोई निर्देश नहीं मिला है कि हम अपनी प्रशिक्षण सुविधाओं को कब शुरू करें। हमारा व्यक्तिगत टेनिस (इंडिविज़ुअल टेनिस) गैर-संपर्क खेल का हिस्सा है। मुझे इस सप्ताह के भीतर एसओपी (SOP) मिल जाने की उम्मीद है और उसके बाद मैं प्रशिक्षण शुरू कर सकता हूं।”

इस बीच जब गैर-संपर्क वाले खेलों को ट्रेंनिग केंद्रो पर शूरू कर सकने के दिशा-निर्देश दिए गए तो केरल में भारतीय एथलेटिक्स की महान खिलाड़ी पीटी उषा (PT Usha) द्वारा संचालित ऊषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स में भी एथलीट ट्रैक पर वापस लौट आए हैं।

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