लॉकडाउन में घर में बंद एथलीट व्हाट्सऐप, फ़ेसबुक और ज़ूम ऐप के ज़रिए कर रहे ट्रेनिंग

कोरोना वायरस के खिलाफ छिड़ी जंग में खिलाड़ियों ने डिजिटल मीडिया का सहारा लिया और अपना अभ्यास जारी रखा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कोरोना वायरस (COVID-19) के कहर के समय जहां सभी खिलाड़ी घर में सेल्फ-आइसोलेशन कर रहे हैं वहीं उन्होंने न केवल एक दूसरे से सोशल मीडिया के ज़रिए जुड़े रहने का प्रयास किया बल्कि टोक्यो गेम्स के लिए अपनी तैयारियाँ भी जारी रखी।

सोशल मीडिया के ज़रिए सभी एथलीट अपने कोच को रोज़ाना ट्रेनिंग की रिपोर्ट तो दे ही रहे हैं और साथ ही खेल के दांव पेच भी सीख रहे हैं। ग़ौरतलब है कि स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) ने खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन वर्कशॉप की शुरुआत की है, जहां सभी खिलाड़ियों को समय समय पर मार्गदर्शन मिलते रहते हैं।

बात करें अगर निशानेबाज़ तरुणदीप राय (Tarundeep Rai) की तो उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से बात करते हुए बताया कि “इंटरनेट के ज़माने में सब कुछ फोन पर उपलब्ध है। बाहर जा कर कोच से मिलना फिलहाल जोखिम भरा है, ऐसे में मैं यूट्यूब का सहारा लेता हूं।” सिक्किम के इस आर्चर ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा कि “मैं कुछ चैनलों पर वीडियो देखता हूं।''

ज़ूम ने दिया बैडमिंटन खिलाड़ियों को सहारभारतीय बैडमिंटन के चीफ नेशनल कोच पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) और फिटनेस ट्रेनर डिनाज़ वर्वतवाला (Dinaz Vervatwala) व्हाट्सऐप (WhatsApp) और ज़ूम एप का इस्तेमाल कर अपने खिलाड़ियों को फिट रखने की कोशिश कर रहे हैं।

यह दोनों गोपीचंद की अकादमी और टोक्यो में खेलने या उनके लिए तैयार होने वाले खिलाड़ियों पर ध्यान दे रहे हैं। प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) से बात करते हुए गोपीचंद ने कहा “इस समय हम केवल फिटनेस का ही पाठ पढ़ा सकते हैं क्योंकि कोई भी खिलाड़ी अभी कोर्ट पर जाकर अभ्यास नहीं कर सकता। मैं व्हाट्सऐप ग्रुप पर खिलाड़ियों को वीडियो भेजता हूं और सही गलत तरीकों के बारे में अवगत करता हूं।”

इस व्हाट्सऐप ग्रुप का सहारा सिक्की रेड्डी (Sikki Reddy), अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponnappa), बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth), गुरूसाई दत्त (Gurusai Dutt), पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap), एचएस प्रणॉय (HS Prannoy), सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) समेत अन्य खिलाड़ी भी ले रहे हैं। चिराग शेट्टी ने बताया कि गोपीचंद रोज़ ग्रुप पर हमें शेड्यूल भेजते हैं और ज़्यादातर उनमें मेडीटेशन और वाँल प्रेकटिस होती है। डिनाज़ हमसे ज़ूम एप के ज़रिए वीडियो कॉल करते हैं और फिर हम साथ में ट्रेनिंग करते हैं।

इतना ही नहीं भारतीय शूटर दुती चंद (Dutee Chand) भी व्हाट्सऐप से सीख ले रही हैं। द हिंदू से बात करते हुए दुती के कोच एन रमेश ने बताया “दुती मुझे अपनी 30 मीटर रेस की टाइमिंग जैसी सुर्खियां देती हैं और फिर मैं उन्हें आगे के लिए तैयार करता हूं।”

जारी है ऑनलाइन स्पर्धा

जहां खिलाड़ी सेल्फ आइसोलेशन कर अपने अच्छे नागरिक होने का सबूत दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ वे ऑनलाइन वर्कशॉप के ज़रिए एक कठिन एथलीट होने का भी प्रमाण पेश कर रहे हैं। अभी तक 60 शूटरों ने इस सुविधा का इस्तेमाल कर अपने कमान में तरकश में कुछ और तीर हासिल कर लिए हैं। यह वर्कशॉप ISSF प्रमाणित अधिकारी वेद प्रकाश शर्मा द्वारा उनके दिल्ली के घर से कराई जा रही है। इस वर्कशॉप में खिलाड़ियों को ऑनलाइन लक्ष्य पर निशाना लगाना होता है और उन्हें अंक भी ऑनलाइन ही मिलते हैं।

वेद प्रकाश शर्मा ने स्पोर्ट्सस्टार को बताया “मैंने इस स्पर्धा का ऐलान फेसबुक, ट्विटर और इन्स्टाग्राम द्वारा किया था।” ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि हर खिलाड़ी अभी भी टोक्यो गेम्स पर नज़र बनाए बैठा है और रोज़ाना अपने तौर तरीकों को अपनाकर अभ्यास में जुटा है।