किडनी एक लेकिन जिगर बड़ा: अंजू बॉबी जॉर्ज एक मिसाल

भारतीय दिग्गज लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज केवल एक ही किडनी के साथ जन्मीं थी और इस बात से वह वाकिफ 2001 में हुई थी। इन हालातों ने इस एथलीट के रिकवरी टाइम को बढ़ा दिया था।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

जब भारतीय एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज (Anju Bobby George) ने 2003 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप (2003 World Athletics Championships) में 6.70 मीटर की लॉन्ग जंप लगाकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था और उसी समय यह जीत इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।

आज तक अंजू बॉबी जॉर्ज एकमात्र भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेडल जीता हो।

ओलंपिक चैनल से बात करते हुए बॉबी ने बताया “मेरे पास एक ही किडनी है। यही एक चीज़ है जिससे में बचपन से जूझ रही हूं।”

“2001 में मैं बहुत शारीरिक समस्याओं से जूझ रही थी। शरीर सूज जाता था और बहुत मुझे बहुत दर्द होता था। उस दौरान में पूरे शरीर का चेक अप कराया और तब मुझे इस बात का पता लगा।”

इस भारतीय दिग्गज ने कॉमनवेल्थ 2002 में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था और और साथ ही इनके हाथ 2002 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल भी आया था। अब अंजू बॉबी को उन खिलाड़ियों के साथ स्पर्धा करनी थी जिनके पास दो किडनियां थी और साथ ही डॉक्टरों ने इन्हें 6 महीने के लिए आराम करने की भी सलाह दे दी।

अंजू बॉबी ने आगे कहा “उस समय मैं बस स्पर्धा करना चाहती थी और मैंने वैसा ही किया और जब मुझे 6 महीने की छुट्टी लेने की सलाह दी थी तो उसी के 20 दिन बाद मैंने ब्रॉन्ज़ मेडल जीत लिया।”

ग़ौरतलब है कि भारतीय लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (Athletics Federation of India – AFI) की उपाध्यक्ष हैं और इतिहास में इस पद पर विराजमान होने वाली वह पहली महिला हैं।

“मुझे लगता है कि मैं इससे कुछ लोगों को प्रेरित कर पाउंगी। जब भी मैं किसी खिलाड़ी से मिलूं और वह किसी दिक्कत की वजह से अच्छा महसूस नहीं कर रहा तो मैं उसे यह सच्चाई बताकर उसे प्रेरित कर सकूं।”

अंजू बॉबी जॉर्ज ने अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “अभी तक सबके लिए में एक परफेक्ट एथलीट हूं। लेकिन अब वह गए हैं कि ऐसा कुछ नहीं है। मुझे लगता है कि अगर किसी कमी के कारण मैंने अपने करियर में वह सब हासिल किया है तो ऐसे में लोग मेरी कहानी से प्रेरित हो कर खुद को और ज़्यादा प्रेरित कर आगे बढ़ा सकते है।”