भारतीय एथलेटिक्स के हाई परफॉर्मेंस निदेशक वोल्कर हरमैन अपनी भूमिका से पीछे हटे

जर्मनी के वोल्कर हरमैन ने यह कहते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है कि वह इस भूमिका के साथ आने वाली अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर सकते हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय एथलेटिक्स टीम के हाई परफॉर्मेंस निदेशक वोल्कर हरमैन (Volker Herrmann) ने अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए एक राह निर्धारित किए जाने के अगले दिन ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

जर्मनी के हरमैन ने अपने फेसबुक पेज पर इस बात की घोषणा करते हुए लिखा, “भारत में डेढ़ साल के बाद अब वो दिन आ गया है जब मैं एएफआई के हाई परफॉर्मेंस निदेशक की भूमिका के साथ खुद की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर सकता, इसलिए मैंने तीन हफ्ते पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया।”

34 वर्षीय हरमैन को 2019 में एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) द्वारा नियुक्त किया गया था। वह संयुक्त राज्य अमेरिका के 1968 के ओलंपियन डेरेक बूसी के बाद इस भूमिका को संभालने वाले दूसरे व्यक्ति थे। उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक से पहले थोड़े समय के लिए इस पद को संभाला था।

वोल्कर हरमैन को पहली बार टोक्यो ओलंपिक तक भारतीय एथलेटिक्स टीम के हाई परफॉर्मेंस निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था।

लेकिन ओलंपिक खेलों को एक साल तक के लिए स्थगित करने के साथ ही खेल मंत्रालय ने 2024 पेरिस ओलंपिक तक वोल्कर हरमैन के अनुबंध का विस्तार करने की पेशकश की थी। हालांकि, जर्मनी के वोल्कर ने नए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।

AFI और SAI के साथ कोई समस्या नहीं

उन्होंने इस बात को स्विकार किया कि भारत में उनके कार्यकाल ने उनके जीवन को समृद्ध किया है और एक बहुत ही सकारात्मक समय गुजरा है। वोल्कर हरमैन ने यह भी कहा कि भारत में एथलेटिक्स सभी लोगों के समर्थन के साथ और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि भारत में एथलेटिक्स का शानदार भविष्य है। इसके अनगिनत प्रतिभाशाली एथलीटों और कोचों का समर्थन करने के लिए इसे एक अनुकूल और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। इसमें भी दुनिया के मंच पर सफल होने के लिए मजबूत, आत्मविश्वास और स्वतंत्र मानसिकता वाले खिलाड़ियों की जरूरत है।”

पीटीआई से बात करते हुए एएफआई के एक सूत्र ने कहा कि फेडरेशन ने वोल्कर हरमैन को अगले साल टोक्यो ओलंपिक तक कम से कम रहने के लिए राजी करने की कोशिश की। लेकिन जर्मनी के हरमैन ने पहले ही अपना मन बना लिया था।

सूत्र ने कहा, “उन्होंने कोई कारण नहीं बताया। वह बोले कि वह सब छोड़कर वापस (घर) जाना चाहते हैं... अन्यथा, उनके और एएफआई और भारतीय खेल प्राधिकरण के बीच कोई दिक्कत नहीं है।

भारतीय एथलेटिक्स पिछले एक साल में वोल्कर हरमैन के साथ देश में कोचों के मानक को बेहतर बनाने पर जोर दे रहा है।

अक्टूबर के शुरू में हरमैन टोक्यो ओलंपिक के साथ प्राथमिक रूप से भारतीय एथलेटिक्स के लिए आगे का रास्ता तैयार करने में व्यस्त थे। इस तरह उनका जाना एक आश्चर्य की बात मानी जा रही है।