चोट से परेशान तो मेरे हीरो सचिन तेंदुलकर और एम एस धोनी भी रहे हैं: हिमा दास

भारत की स्टार धावक हिमा दास लगातार अभ्यास कर रही हैं लेकिन वह मानती हैं कि उन्हें अगले साल टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने से पहले अपनी फ़िटनेस में सुधार लाना ज़रूरी है।

हिमा दास (Hima Das) पिछले कुछ महीनों से पीठ में समस्या की वजह से लगातार एक्शन से बाहर थीं, जिसके बाद एक बार तो लगने लगा था कि शायद इस वजह से वह टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफ़ाई न कर पाएं। हिमा दास को अप्रैल 2019 में ही एशियन एथलीट्स चैंपियनशिप के दौरान चोट आई थी।

हालांकि अब जब ओलंपिक गेम्स एक साल के लिए स्थगित हो गया है तो हिमा दास एक बार फिर आशान्वित हैं कि वह टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर जाएंगी। क्वालिफ़िकेशन की नई कट ऑफ़ तारीख़ अब बढ़ाकर 29 जून 2021 कर दी गई है।

अब जब उनका ध्यान 200 मीटर दौड़ पर है तो इसके लिए उन्हें अपने पसंदीदा 400 मीटर दौड़ से ज़्यादा फ़िट होने की दरकार है।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में हिमा दास ने कहा, ‘’मैं अब पूरी तरह से फ़िट हूं और प्रैक्टिस भी कर रही हूं लेकिन ज़ाहिर है ये प्रतिस्पर्धा में शिरकत करने से अलग है। मुझे कुछ प्रतिस्पर्धा तो चाहिए ताकि मैं अपनी फ़िटनेस स्तर को परख सकूं। जब तक कि कुछ इवेंट्स में शिरकत न करूं मैं नहीं बता पाऊंगी कि मैं कितनी फ़िट हूं।‘’

अपने करियर में पहली बार इस तरह की चोट के बाद हिमा दास काफ़ी मायूस हो गईं थीं, लेकिन अब वह मानती हैं कि ये एक खिलाड़ी के करियर का हिस्सा है।

चोट एक एथलीट की ज़िंदगी का हिस्सा ही है। जिस शख़्स को मैं ख़ुदा की तरह मानती हूं, सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) वह भी चोटिल होते थे। यहां तक कि एम एस धोनी (MS Dhoni) और उसैन बोल्ट (Usain Bolt) को भी इससे गुज़रना पड़ा है, कभी कभी ठीक होने में समय भी लगता है।

प्रतिस्पर्धा छोटी या बड़ी नहीं होती

हिमा दास ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में लगातार पांच स्वर्ण पदकों के साथ वापसी की थी। हालांकि वह अपेक्षाकृत छोटे इवेंट थे लेकिन भारतीय धावक की सोच इससे अलग है।

भले ही वह पोलैंड हो या फिर कहीं और, मेरे लिए कभी भी प्रतिस्पर्धा छोटी या बड़ी नहीं होती। मुझे दौड़ना पसंद है और यही मेरी प्राथमिकता है। अगर मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ टाइमिंग हासिल कर सकती हूं, तो मेरे लिए वह अहम है। इसलिए मैं कहती हूं कि मैं टाइमिंग के लिए दौड़ती हूं पदक के लिए नहीं।

भारतीय धावक इस वक़्त पटियाला के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स (NIS) में अभ्यास कर रही हैं, जह वह ख़ुद को सितंबर में होने वाले इंडियन एथलेटिक्स सत्र के लिए तैयार कर रही हैं। इस इवेंट के ज़रिए उनकी नज़र टोक्यो 2020 में जगह बनाने पर होगी।

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