नीरज चोपड़ा और शिवपाल सिंह 90 मीटर मार्क को कर सकते हैं पार: यूवे हॉन

जर्मनी के दिग्गज यूवे हॉन भारतीय जेवलिन थ्रो में अच्छा ख़ासा प्रभाव डाल चुकें हैं और अब उनकी भी नज़र है टोक्यो 2020 पर।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

यूवे हॉन (Uwe Hohn) भारतीय जेवलिन थ्रो से पिछले कुछ समय से जुड़े हुए हैं और वे हर खिलाड़ी के खेल को भलीभांति जानते हैं। यूवे हॉन का मानना है कि नीरज चोपड़ा और शिवपाल सिंह 90 मीटर प्रतिस्पर्धा में अच्छा कर सकते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए हॉन ने बताया “मेरा लक्ष्य नीरज को 91, 92 मार्क तक ले जाना है। इसमें समय लगेगा लेकिन यह मुमकिन है। अगर अप शिवपाल के बारे में पूछें तो मुझे लगता है कि उन्हें भी 90 मीटर मार्क से आगे ही थ्रो फेंकना चाहिए। दोनों ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं इसलिए हम उन्हें लेकर सकारात्मक सोच रखते हैं। गौरतलब है कि हॉन 100 मीटर मार्क से ज़्यादा थ्रो करने वाले अब तक दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं।

जेवलिन थ्रो में 100 मीटर से अधिक की दूरी तक भाला फेंकने वाले जर्मनी के यूवे हॉन एकमात्र एथलीट हैं।

हॉन ने शिवपाल को साउथ अफ्रीका में भी ट्रेनिंग दी है और हालातों को देख कर लगता है कि इन्हें भारतीय खिलाड़ियों पर अभी और ज़्यादा भरोसा करना होगा। उन्होंने आगे बताया “भारतीय खिलाड़ियों के साथ काम करना थोडा मुश्किल होता है क्योंकि वे उन्हीं चीज़ों का पालन करते हैं जो उनके पूर्व कोच उन्हें सिखा कर गए हैं, वे बदलाव को लेकर हमेशा सहज नहीं होते।”

57 वर्षीय इस दिग्गज जैवलिन थ्रोअर ने आगे कहा “किसी भी खिलाड़ी की तकनीक को बदलना आसान नहीं होता, इसमें समय लगता है। अब चीज़ें पहले से बेहतर हैं।”

जेवलिन थ्रो खेल देखने में आसान लगता है लेकिन यूवे हॉन का कहना है कि यह इतना आसान खेल नहीं है। यही सबसे बड़ी वजह है कि जर्मनी के यूवे हॉन पहले भारतीय खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहते हैं, और फिर आगे बढ़ना चाहते हैं।

उन्होंने आगे बताया “जेवलिन थ्रो का मतलब सिर्फ ताकत लगाना नहीं है। रिलीज़ स्पीड बहुत महत्वपूर्ण है और शरीर का हर एक अंग उत्तम दिशा में होना चाहिए। खिलाड़ी को इवेंट को समझना चाहिए और प्रक्रिया पर भरोसा जताना चाहिए और एक टीम की तरह खेलना चाहिए।”

भारतीय जेवलिन थ्रो में यूवे हॉन के प्रभाव की बात करें तो इसका अंदाजा नीरज चोपड़ा और शिवपाल सिंह के प्रदर्शन को देख कर लगाया जा सकता है। अब जब टोक्यो 2020 नज़दीक है तो यह कहना ग़लत नहीं होगा कि यह भारतीय खिलाड़ी यूवे हॉन की अगुवाई में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने की क़ाबिलियत रखते हैं।