भारतीय मैराथन रनर नितेन्द्र सिंह रावत की नज़रें हैं टोक्यो 2020 फ़तह करने पर

वर्ल्ड एथलेटिक्स अपने ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स 1 सितंबर से शुरू कर देगा लेकिन भारतीय एथलीटों को सीज़न 2021 का इंतज़ार करना होगा।

एथलेटिक्स ओलंपिक गेम्स के क्वालिफिकेशन के सिलसिले को 1 सितंबर से शुरू करेगा और इसमें मैराथन और रेसवॉकिंग के इवेंट्स खेले जाएंगे। हालांकि भारत में कोरोना वायरस ने चारो ओर आने पैर पसारे हुए हैं और ऐसे में भारतीय एथलीटों को ओलंपिक में जगह बनाने के लिए 2021 तक का इंतज़ार करना होगा।

भारत के मैराथन रनर नितेन्द्र सिंह रावत (Nitendra Singh Rawat) ने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए कहा “यह कुछ महीने मेरे लिए मुश्किल थे। मेरी फिटनेस का स्तर बहुत तेज़ी से नीचे आया है और फिलहाल मेरा पहला मकसद इसे ही ठीक करना है। मैं फिलहाल बाकी प्रतिभागियों का नहीं सोच रहा हूं।”

रियो ओलंपिक गेम्स में भाग लेने वाले नितेन्द्र रावत टोक्यो 2020 से काफी उम्मीदें रख रहे न थे लेकिन कोरोना वायरस की महामारी ने उनकी सभी योजनाओं को बदल कर रख दिया।

आगे का सफ़र

पूरे भारत में लॉकडाउन की स्थिति की वजह से नितेन्द्र रावत को अपना ट्रेनिंग कैंप छोड़ना पड़ा। गौरतलब है कि वह पुणे में स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट में ट्रेनिंग करते हैं। 30 वर्षीय इस एथलीट ने रानीखेत के रेजिमेंट को ज्वाइन किया और वहीं पर वह अपनी कला को निखारते हैं।

कुमाऊं रेजिमेंट के नैब सूबेदार ने कहा “मैं अपने साथोयों के साथ यहां काफी समय से हूं। इस समय घर पर रहने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि मैं वहां वैसे ट्रेनिंग नहीं कर पाऊंगा जैसे की यहां कर पा रहा हूं।”

“मेरा पहला मकसद फिट होना है और लॉकडाउन के दौरान जो मैंने वज़न बढ़ाया है उसे घटना है। जब मुझे लगेगा कि मैं एक स्तर तक पहुंच गया हूं उस समय में मसल मेमोरी को बढ़ाना शुरू करूंगा।”

रियो ओलंपियन नितेन्द्र सिंह रावत उत्तराखंड में रानीखेत रेजिमेंट में ट्रेनिंग करते हुए। फोटो TMM मीडिया 
रियो ओलंपियन नितेन्द्र सिंह रावत उत्तराखंड में रानीखेत रेजिमेंट में ट्रेनिंग करते हुए। फोटो TMM मीडिया रियो ओलंपियन नितेन्द्र सिंह रावत उत्तराखंड में रानीखेत रेजिमेंट में ट्रेनिंग करते हुए। फोटो TMM मीडिया 

नितेन्द्र रावत और उनके साथियों को 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले लंदन मैराथन को भी छोड़ना होगा अब सीधा अपना निशाना बनाना होगा सीज़न 2020 को।

“क्वालिफ़ाई करना तो अब हम 2021 में देखेंगे।”

उन्होंने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “अगर हम ट्रेवल भी करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि मैं इस समय तैयार हूं और मैं टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई कर सकूंगा।”

नितेन्द्र रावत के प्रदर्शन की बात करें तो उनका सर्वश्रेष्ठ 2 घंटे, 15 मिनट और 18 सेकेंड है और ओलंपिक क्वालिफिकेशन का समय 2 घंटे, 11 मिनट और 18 सेकेंड है। एक एथलीट टोक्यो 2020 के लिए उसके स्टैण्डर्ड के अनतर्गत रेस को ख़त्म कर के क्वालिफाई कर सकता है और साथ ही एथलीट वर्ल्ड एथलेटिक्स वर्ल्ड रैंकिंग की बिनाह पर भी गेम्स के लिए क्वालिफाई कर सकता है।

इसी बीच अगर बात करें टी गोपी (T Gopi) की जो कि एशियन मैराथन चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय हैं वह और सुधा सिंह (Sudha Singh) भारतीय रेस को लीड कर रहे हैं जो 2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने में जुटे हुए हैं।

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