ओलंपिक का टिकट हासिल करने तक मैं सांस नहीं लूंगा: मोहम्मद अनस 

4x400 मीटर मिश्रित रिले में अपने हमवतन के साथ टिकट हासिल करने वाले भारतीय धावक क्वार्टर-मिलर की व्यक्तिगत स्पर्धा में भी अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय क्वार्टर-मिलर मोहम्मद अनस (Muhammad Anas) का मानना ​​है कि वो अगले साल जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए अच्छे से तैयार होंगे।

रियो 2016 में अपने ओलंपिक पदार्पण करने वाले इस भारतीय धावक ने 400 मीटर पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में भाग लिया था। अब भारतीय धावक उस अनुभव का फायदा टोक्यो खेलों में उठाने के लिए उत्सुक हैं।

“यह मेरा दूसरा ओलंपिक होगा। मुझे अब चीजें बेहतर तरीके से समझ में आ रही हैं। इसलिए जब मैं ट्रैक पर उतरूंगा, तो मैं बेहतर तरीके से तैयार हो जाऊंगा।”

“ओलंपिक सबसे बड़ा मंच है। वहां प्रदर्शन करना हर एथलीट का सपना होता है, और ये मेरे लिए अलग नहीं है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की दिशा में काम कर रहा हूं। अब मैं इंतजार नहीं कर सकता।”

25 वर्षीय अनस 2019 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का हिस्सा थे जहाँ उन्होंने 4x400 मीटर मिश्रित रिले टीम में ज़ोरदार प्रदर्शन के साथ टोक्यो 2020 के लिए टिकट हासिल किया था।

ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करने वाले मोहम्मद अनस ने कहा कि वो व्यक्तिगत इवेंट में भी क्वालिफाई होने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

Muhammed Anas: "It's a very wonderful experience in my life"

Indian runner Muhammed Anas reflected on a groundbreaking performance at th...

"रिले दौड़ के लिए क्वालिफाई होना अच्छी बात है। लेकिन मैंने पूरी तरह से 400 मीटर पर ध्यान केंद्रित किया हुआ है। दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। जब तक मैं क्वालिफाई नहीं हो जाता, तब तक मैं आराम नहीं कर सकता। जब ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स फिर से शुरू होगा, तो मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा होउंगा।”

लगातार फ़िट रहने की कोशिश

कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप के मद्देनज़र भारत में नेशनल लॉकडाउन कर दिया गया है, जिसके कारण केरल के इस एथलीट को पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

लेकिन कोच गैलिना बुखारेना की उपलब्धि की वजह से अनस की तैयारी बंद नहीं हुई है। अनस ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं है कि एथलीटों पर लॉकडाउन का असर पड़ा हो।"

"लेकिन जब से मैं इस सेंटर में हूं, मैं सभी आवश्यक वर्कआउट करने में सक्षम हूं। कोच ने मुझे ये सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मैं अपनी फिटनेस बनाए रखूं। जो मुझे प्रेरित करती है।”

“ये जानते हुए कि हम कुछ महीनों में ट्रैक पर दौड़ना शुरू कर सकते हैं ये भी एक अच्छी प्रेरणा है। लेकिन पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए हमें एक से दो महीने की जरूरत होगी।”

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने एक साल भर का कॉम्पैक्ट कैलेंडर तैयार किया है, जिसकी प्रतियोगिताएं 12 सितंबर से शुरू होंगी। एशियन गेम्स के पदक विजेता उनमें से हैं, जो किसी प्रतियोगिता का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

मोहम्मद अनस ने कहा कि, “हर कोई उत्सुकता से चीजों को फिर से शुरू किए जाने की प्रतीक्षा कर रहा है। ये एक लंबा इंतजार है। एथलीट होने के नाते हम प्रतिस्पर्धा करना पसंद करते हैं। यही वो चीज है जो हम सबसे अच्छा करते हैं। इसलिए, ऐसा करने में सक्षम होना बहुत अच्छा होगा।”