भारतीय लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर की ट्रैक पर वापसी, साथ ही प्लानिंग में करने होंगे बदलाव

लॉन्ग जंप के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर मुरली श्रीशंकर ने करल में ही अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी है और अब उनकी नज़रे टिकी हैं टोक्यो 2020 पर।

कोरोना वायरस (COVID-19) के कहर ने खेल जगत को पूरी तरह से रोक दिया है और ऐसे में कई खिलाड़ियों को अपना शेड्यूल दोबारा से प्लान करना होगा। इन्ही खिलाड़ियों में नाम आता है भारतीय लॉन्ग जंप चैंपियन मुरली श्रीशंकर (Murali Sreeshankar) का। जहां केरल का यह एथलीट टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने की तैयारियों में जुटा हुआ था वहीं कोरोना वायरस महामारी ने इस खेल की भी कई प्रतियोगिताओं को भंग कर रद्द या पोस्टपान कर दिया है और ओलंपिक क्वालिफायर्स भी इससे अछूते नहीं रहे हैं।

वर्ल्ड एथलेटिक्स ने टोक्यो गेम्स के क्वालिफिकेशन के दौर को अगले साल तक के लिए रोक दिया है तो ऐसे में भारतीय लॉन्ग जंप एथलीट मुरली श्रीशंकर को अपने तैयारी के मापडंडों की एक बार दोबारा जांच करनी होगी।

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए इस खिलाड़ी ने कहा “अब जहां 4 से 6 महीने तक कोई स्पर्धा नहीं है तो मेरा फोकस ताकत और गतिशीलता को बढाने में है। कोरोना वायरस की वजह से अपने घर में रह कर श्रीशंकर ने इस लॉकडाउन में नए उपकरणों में भी दिलचस्पी दिखाई ताकि वे बिना किसी रुकावट के वेट ट्रेनिंग कर सकें।''

श्रीशंकर ने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “नए शेड्यूल में मैं 2 से 3 घंटे की वेट ट्रेनिंग करता हूं और ऐसा मैं हफ्ते में तीन बार दोहराता हूं। इसमें स्क्वाट और डेडलिफ्ट्स शामिल हैं। सुबह 90 मिनट के ट्रेनिंग सेशन में गतिशीलता को बढ़ाता हूं। सारा परिश्रम मुझे बाहरी सर्किट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करेगा।”

घर के बाहर ट्रेनिंग शुरू

वहीं केरल में पिछले कुछ हफ़्तों में लॉकडाउन के नियमों में राहत बरती गई है और ऐसे में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर मुरली श्रीशंकर ने घर के बाहर जाकर अपने पिता एस मुरली की निगरानी में ट्रेनिंग की शुरुआत की। गौरतलब है कि एस मुरली अंतरराष्ट्रीय ट्रिपल जंपर रह चुके हैं। उन्हें घर के पास में ही एक मेडिकल हाउस ने उन्हें ट्रेनिंग करने व् उनके उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति देदी है जो कि भारतीय लॉन्ग जंपर के लिए अच्छा है।

मुरली श्रीशंकर ने आगे कहा “दो महीने के बाद जब मैंने ट्रैक पर कदम रखे तो मुझे काफी अच्छा लगा। मैं अपनी छलांग में स्प्रिंग सा महसूस करता हूं। मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरे लिए सभी साधन उपयोगी हैं। मैं आइसोलेशन में भी ट्रेनिंग कर सकता हूं। वह स्थान मेरे घर से केवल 1.5 किलोमीटर दूर है।”

घरेलू सीज़न सितम्बर के महीने से शुरू होगा और ऐसे में अभी से ट्रेनिंग करना भारतीय लॉन्ग जंप खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर के लिए फ़ायदेमंद होगा। वहीं दूसरी तरफ ओलंपिक गेम्स की ओर बढ़ते कदम उन्हें मज़बूती प्रदान करेंगे।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!