नीरज चोपड़ा को विश्वास है कि टोक्यो ओलंपिक में फ़ैन्स मौजूद रहेंगे

मेजर इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा कर रहे भारतीय जेवलिन दिग्गज नीरज चोपड़ा मानते हैं कि कठिन हालातों में बेहतर करने में फ़ैन्स की अहमियत बहुत होती है।

लेखक सैयद हुसैन ·

टोक्यो ओलंपिक के आयोजक इस बात पर पूरा ज़ोर दे रहे हैं और अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि दर्शकों की मौजूदगी ज़रूर हो। भारतीय दिग्गज जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) भी मानते हैं अगर टोक्यो 2020 में फ़ैन्स मौजूद रहें तो इससे उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ेगा।

ओलंपिक चैनल के साथ हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “ये शानदार होगा, अगर हमारी हौसलाअफज़ाई के लिए वहां फ़ैन्स मौजूद रहें।“

“मुझे लगता है कि फ़ैन्स की मौजूदगी से बहुत असर पड़ता है। अगर आप ग़ौर करेंगे तो पाएंगे कि ज़्यादातर थ्रोअर काफ़ी आक्रामक होते हैं, और ये भीड़ से ही संभव होता है। दर्शक आपको उकसाते हैं और प्रोत्साहित करते हैं जिससे आप और भी ज़्यादा दूर फेंक सकते हैं। फिर चाहे वह नाम लेकर पुकारें या फिर तालियां बजाएं इससे जोश काफ़ी बढ़ जाता है।“

हालांकि कई एथलीट्स ये भी कहते हुए पाए गए हैं कि एक एथलीट जब अपने ज़ोन में होता है तो फिर उस हाल में दर्शकों का हल्ले से प्रदर्शन प्रभावित हो जाता है। लेकिन भारतीय जेवलिन थ्रोअर की सोच इसपर कुछ और है।

“मेरे लिए वहां मौजूद भीड़ आपको और अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है, और कई बार बड़े स्टेज पर मैंने ये महसूस भी किया है। अगर मुझे स्वर्ण पदक के लिए कोई एनर्जी चाहिए होगी तो वह होंगे दर्शक जो उस समय थकने के बावजूद मुझे हौसला देंगे।“

नए साल की नीरज की प्रतिज्ञा

भुवनेश्वर में अपने ट्रेनिंग बेस पर नीरज चोपड़ा इस बात की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि टोक्यो ओलंपिक के लिए ख़ुद को फ़िट रखा जाए। 23 वर्षीय इस एथलीट ने नए साल में प्रतिज्ञा ली है कि वह 90 मीटर के मार्क को पीछे छोड़ने के लिए वह जी जान लगा देंगे।

इस भारतीय एथलीट ने ये भी माना कि, “90 मीटर मार्क आज के दौर में एक नया बेंचमार्क बन गया है। जबकि पहले ये 70 मीटर हुआ करता था, फिर 80 हुआ और अब 90 तक पहुंच चुका है। जिन्होंने इस मार्क को हासिल किया है वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर में शुमार होते हैं।“

जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर को पूरी उम्मीद है कि वह इस मार्क को छूते हुए एक नया इतिहास रचेंगे।