साल 2021 में होंगे भारत के ओलंपिक क्वालीफाइंग इवेंट

नेशनल थ्रोव्स ओपन चैंपियनशिप एकमात्र घरेलू प्रतियोगिता है, जो इस साल ही खेली जाएगी और इसके बाद सभी स्पर्धाओं को अगले साल यानी 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने 2020-21 में होने वाली ज़्यादातर प्रतियोगिताओं को अगले साल तक टालने का फैसला कर लिया है। मीडिया को दी गई जानकारी में यह कहा गया है कि भारत के शासी निकाय ने खिलाड़ियों की सेहत को लेकर यह कदम उठाया है।

अध्यक्ष आदिल सुमरिवाला (Adille J Sumariwalla) ने कहा, “देश में COVID-19 के केसों को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगिताओं की तारीखों को बदला जाएगा। फिलहाल सभी स्पर्धाओं को इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में कराने पर ज़ोर डाला जा रहा है।”

सितंबर 12 से शुरू होने वाले घरेलू सीज़न को भी स्थगित कर दिया गया है और इसका कारण खिलाड़ियों का वेन्यू पर सुरक्षा पूर्वक पहुंच पाने की समस्या को बताया गया है।

नए कैलेंडर के मुताबिक़, सीज़न की शुरुआत नेशनल थ्रोव्स ओपन चैंपियनशिप के ज़रिए की जाएगी, जिसे 26-27 अक्टूबर तक खेला जाएगा। ग़ौरतलब है कि यह प्रतियोगिता नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स (National Institute of Sports – NIS) पटियाला में खेली जाएगी।

नेशनल यूथ (U-18) चैंपियनशिप 2021 एशियन यूथ (U-18) चैंपियनशिप के क्वालिफिकेशन की नींव रखेगा। आपको बता दें कि यह स्पर्धा विजयवाड़ा में 11-13 दिसंबर के बीच खेली जाएगी। साथ ही एशियन मीट की तारीख़ को 11 से 14 मार्च में रखा गया है और इस प्रतियोगिता को कुवैत में अंजाम दिया जाएगा।

आने वाले साल की शुरुआत 15-17 जनवरी के बीच होने वाले जूनियर फेडरेशन कप से होगी। इतना ही नहीं इसके बाद ओलंपिक क्वालीफाइंग इवेंट को भी कराया जाएगा।

भारत की पहली ग्रां प्री का आयोजन 12 फरवरी को किया जाएगा। ग़ौरतलब है कि इस अद्भुत स्पर्धा को तिरुवनन्तपुरम में कराया जाएगा और साथ ही फरवरी 19 से 27 के बीच दूसरी और तीसरी GP इवेंट को भी आयोजित किया जाएगा।

भारतीय स्प्रिंटर दुती चंद की नज़रें भी टोक्यो 2020 की क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं पर होंगी।

भारतीय एथलेटिक्स का कारवां NIS पटियाला में मार्च 10-14 के बीच खेले जाने वाले फेडरेशन कप तक पहुंच जाएगा। इसके बाद नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 25-29 जून तक किया जाएगा। टोक्यो ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने का यह आखिरी मौका हो सकता है।

अब जब अंतरराष्ट्रीय आवागमन बंद है तो ऐसे में खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग शुरू करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि डायमंड लीग में भारतीय खिलाड़ियों को जाने की अनुमति नहीं मिली थी।