टोक्यो की तैयारी के लिए डायमंड लीग में भाग लेंगे स्टीपलचेज़र अविनाश साबले

साबले, जो 3000 मीटर स्टीपलचेज में अपने ओलंपिक की शुरुआत करेंगे, वह टोक्यो खेलों के लिए यूरोप में भी प्रशिक्षण ले सकते हैं।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

भारतीय स्टीपलचेज़र अविनाश साबले (Avinash Sable) का लक्ष्य अगले साल होने वाले प्रतिष्ठित डायमंड लीग (Diamond League) में हिस्सा लेकर खुद को टोक्यो ओलंपिक के लिए तैयार करना है। इस लीग की बदौलत वह खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत करना चाहते हैं।

साल भर आयोजित होने वाली प्रीमियर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की श्रृंखला डायमंड लीग को 2020 में कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण अपने कुछ कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे।

हालांकि, विश्व एथलेटिक्स (World Athletics) ने 2021 में पूरे सीजन की घोषणा की है, इसमें 32 ट्रैक-एंड-फील्ड इवेंट शामिल हैं, जिसमें 3000 मीटर स्टीपलचेज़ शामिल हैं। भारतीय एथलीट के लिए यह अच्छी खबर है।

साबले के कोच अमरीश कुमार (Amrish Kumar) ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान बताया कि “इस प्रतिष्ठित लीग में हिस्सा लेना निश्चित तौर पर उनके आत्मविश्वास के लिए अच्छा होगा। वैसे भी साबले की रनिंग पिछले साल की तुलना और बेहतर हुई है।”

26 वर्षीय साबले का प्रदर्शन साल 2019 में शानदार रहा था, उन्होंने दोहा में 2019 IAAF वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार राष्ट्रीय 3000 मीटर स्टीपलचेज रिकॉर्ड तोड़ा, जिसमें से दूसरे की बदौलत वह अपने पहले ओलंपिक बर्थ को पाने में सफल हो सके।

इसके अलावा, साबले भारत में राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान भी गहन प्रशिक्षण ले रहे थे और प्रतिस्पर्धी मानसिकता में आने के लिए पिछले महीने एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन (Airtel Delhi Half Marathon) में हिस्सा लिया था। उन्होंने इवेंट में 10वां स्थान हासिल करते हुए राष्ट्रीय हाफ-मैराथन रिकॉर्ड को तोड़ा।

2021 डायमंड लीग मई में मोरक्को के रबात में शुरू होने वाली है। साबले के पास संभवतः खुद को परखने के लिए सात इवेंट होंगे, लेकिन यह दिलचस्प होगा कि वह कितने में भाग लेंगे।

उनकी तैयारियों में मदद करने के लिए, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Athletics Federation of India) भी उन्हें ओलंपिक तक बेलारूस में एक प्रशिक्षण बेस में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है।

बेलारूस में अभ्यास सेबल को डायमंड लीग के यूरोपीय लेग और महाद्वीप में अन्य इवेंट के लिए तैयार करेगा, जिसकी वजह से उन्हें ओलंपिक खेलों में भी काफी मदद मिलेगी।