हेप्टाथलॉन में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के बाद तेजस्विन शंकर का अगला लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक

भारतीय युवा खिलाड़ी का मानना है कि उन्हें टोक्यो ओलंपिक के कट में जगह बनाने के लिए और मेहनत की जरुरत है।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

डबल राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजस्विन शंकर (Tejaswin Shankar) का मानना ​​है कि इस साल के अंत में टोक्यो ओलंपिक के लिए कट बनाने के लिए उन्हें अतिरिक्त मेहनत करने की जरुरत होगी।

तेजस्विन ने डेलॉस डोड्स इनवेसिव में हाई जंप में एक प्रभावशाली प्रदर्शन की बदौलत हेप्टाथलॉन में  नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। 

22 साल के इस खिलाड़ी ने 5650 अंक हासिल किए, 2008 एशियाई इनडोर चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उनके पीजे विनोद टैली (PJ Vinod) 5561 से बेहतर था।

लेकिन आने वाले महीनों में आउट सीजन की शुरुआत के लिए भारतीय एथलीट का पूरा फोकस टोक्यो ओलंपिक पर है।

तेजस्विन ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि “आउटडोर सीजन की शुरुआत बस होने ही वाली है और अगर मुझे टोक्यो ओलंपिक के क्वालिफिकेशन मार्क तक पहुंचना है तो और कड़ी मेहनत की जरुरत होगी।” 

हाई जंप में 2.29 के पर्सनल बेस्ट के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले दिल्ली के इस एथलीट को अगर ओलंपिक के क्वालिफाइंग मार्क 2.33 तक पहुंचना है तो उन्हें काफी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

अब समय भी तेजी के साथ बीतता जा रहा है और तेजस्विन शंकर को अपनी रणनीति को जल्दी ही लागू करना पड़ेगा। ईएसपीएन इंडिया को उन्होंने बताया कि “ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने की संभावना के बारे में सोचना मुश्किल है जब तक कोई क्वालिफाइंग इवेंट नहीं होता।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि एक कॉलेजिएट एथलीट होने के कारण यह मुमकिन नहीं है कि रैंकिंग पॉइंट्स के लिए हर जगह ट्रैवल किया जा सके। मैं फिलहाल 2.33 मार्क पर ध्यान दे रही हूं। सभी के पास समय की कमी है, यहां तक की वास्तव में, हम नहीं जानते कि समय की परिभाषा क्या है या ओलंपिक खेल क्या होने वाले हैं। मैं देख रहा हूं कि खबर चल रही है कि गेम्स रद्द भी हो सकते हैं लेकिन मैं इन सब बातों को इग्नोर करने की कोशिश करता हूं।”

प्रदर्शन के नजरिए से देखा जाए तो भारतीय एथलीट आश्वस्त है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में कॉलेजिएट स्तर पर इनडोर रन ने उन्हें पूरी फिटनेस हासिल करने में मदद की, वह इसका काफी वक्त से इंतजार कर रहे थे।

भारतीय एथलीट ने कहा कि हाई जंपर बनने के लिए एक मजबूत शरीर के  साथ कई तरह के कौशल की जरुरत पड़ती है। ये सभी इवेंट एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं, हाई जंप और लॉंग जंप में आखिरी तीन स्टेप एक जैसे होते हैं, एकमात्र अंतर यह होता है कि ऊंची कूद में टेक-ऑफ शरीर के बाहर होता है जबकि लंबी कूद में यह शरीर के नीचे होता है और आप आगे बढ़ते हैं।"

इसके अलावा तेजस्विन शंकर जो कि कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री ले रहे हैं, वह अपनी हाल में उपलब्धि से संतुष्ट हैं। युवा भारतीय का मानना ​​था कि एक कम स्कोर (हेप्टाथलॉन में) ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को अच्छी तरह पहचान नहीं दिलाई।