अश्विनी पोनप्‍पा ने अपनी फ़िटनेस को किया बेहतर, कोर्ट पर वापसी की जताई उम्मीद

रियो ओलंपिक खेलों के बाद चोट से जूझती हुई इस खिलाड़ी ने आख़िरकारअपनी शारीरिक फ़िटनेस को बेहतर कर ही लिया है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कोरोना वायरस ने एक तरफ जहां सारी दुनिया को अपने-अपने घरों तक सीमित कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ कुछ खिलाड़ी इस समय को अपनी फिटनेस को बेहतर करने में इस्तेमाल कर रहे हैं। भारतीय बैडमिंटन स्टार अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponnappa) भी अपनी फिटनेस को बेहतर करने के प्रयास में लगी हुई हैं।

इस खिलाड़ी का पिछला साल चोट की वजह से वैसा नहीं रहा जैसा उनका खेल कौशल है। इस शटलर को बड़ा झटका तब लगा, जब चोट की वजह से उनके ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर असर पड़ा।

पिछले साल 20 प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके इस भारतीय स्टार शटलर को 13 बार पहले ही राउंड में हार का सामना करते हुए कोर्ट को छोड़ना पड़ा। इस दौरान एन सिक्की रेड्डी (N Sikki Reddy) के साथ हैदराबाद ओपन और मालदीव अंतरराष्ट्रीय चैलेंज (Hyderabad Open and the Maldives International Challenge) के फाइनल में पहुंचना उनकी इस साल की कुछ बड़ी उपलब्धियां रहीं।

अश्विनी पोनप्पा मिश्रित युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के साथ ओलंपिक रैंकिंग टेबल में 31वीं रैंक पर काबिज़ हैं। 

हालांकि, अश्विनी पोनप्पा अब खुद को आज़माने के लिए तैयार हैं।

रेडिफ वेबसाइट से बातचीत के दौरान इस खिलाड़ी ने कहा, “मैं नर्वस नहीं हूं, बल्कि उत्साहित हूं। मेरा मानना है कि जब आप शारीरिक तौर पर फिट होते हैं तो खुद-ब-खुद ही मानसिक तौर पर मज़बूत हो जाते हैं। इस लंबे समय के विराम के बाद मैं दोबारा से खेलने के लिए उत्सुक हूं।”

टोक्यो 2020 (Tokyo 2020) की रेस में अभी इस शटलर को बहुत कुछ करना बाकी है। BWF ओलंपिक क्वालिफिकेशन रैंकिंग की बात की जाए तो पोनप्पा का सफ़र अभी मुश्किल है। गौरतलब है कि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा फिलहाल महिला युगल की फेहरिस्त में 28वें नंबर पर काबिज़ हैं और वहीं सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी  (Satwiksairaj Rankireddy) के साथ मिश्रित युगल में 31वें पायदान पर हैं। अब जब केवल 8 सर्वश्रेष्ठ जोड़ियां ही आगे जा सकती हैं तो ऐसे में बेंगलुरु की पोनप्पा का सफ़र बेहद संघर्षपूर्ण रहेगा।

इंजरी ने किया पीछे

वहीं, अगर 2012 ओलंपिक की बात की जाए तो ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) और अश्विनी पोनप्पा का सफ़र अच्छा रहा था। यह जोड़ी क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने से महज़ एक अंक दूर रह गई थी। हालांकि 2016 ओलंपिक गेम्स में चोट के कारण यह खिलाड़ी अपने देश को उन बुलंदियों तक नहीं ले जा सकीं।

पोनप्पा ने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा, “रियो गेम्स के बाद मुझे डेंगू हो गया था। जिस वजह से मुझे 1 से 1.5 साल तक कोर्ट से बाहर रहना पड़ा। इन चीज़ों का असर खराब था, मुझे खांसी जुखाम और बुखार रहता था और पिछले साल मुझे काफी इंजरी भी हुई।”

चोट को मात देते हुए यह खिलाड़ी साल 2020 के तीन महीनों में केवल एक ही जीत को अपने खेमे में लाने में सफल रहीं हैं और इसका प्रभाव उनकी रैंकिंग पर भी पड़ा।

(Badminton World Federation - BWF) द्वारा सभी प्रतियोगिताओं को रोक दिया गया है और ऐसे में अश्विनी पोनप्पा दोबारा से खेलने के लिए उत्साहित तो हैं ही और साथ ही वह क्वालिफिकेशन के मापदंडो को परखने के लिए भी उत्सुक हैं।