विदेशी कोचों के कारण खेल में आया सुधार- चिराग शेट्टी

भारत बैडमिंटन के युगल स्पेशलिस्ट का मानना है कि एक अनुभवी विदेशी कोच उन्हें इंटरनेशनल स्टेज के अगले स्तर तक पहुंचने में मदद करेगा।

जहां एक तरफ भारत के एकल बैडमिंटन खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं युगल खिलाड़ियों से भी अब उम्मीद की जाने लगी है कि वह भी कुछ ऐसा ही कारनामा करें। एकल में पीवी सिंधु ( PV SINDHU) ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीता, इसके बाद से युगल खिलाड़ी भी फैंस अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

 युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) के प्रदर्शन से फैंस के मन में उम्मीद भी जगी है। इस जोड़ी ने इस सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है और इसी के साथ यह जोड़ी बीडबल्यूएफ सुपर 500 टाइटल (BWF Super 500 title) जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी। इन दोनों की जोड़ी ने पूरे सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया।

इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण साल 2004 के एथेंस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता फ्लैंडी लिमपेल (Flandy Limpele) है।

फ्लैंडी लिमपेल का प्रभाव

इंडोनेशिया के इस रणनीतिकार के मार्गदर्शन में रंकीरेड्डी- शेट्टी के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई बल्कि उन्होंने मैच के दौरान स्मार्ट वर्क दिखाया।

 चिराग शेट्टी ने ओलंपिक चैनल से पहले हुई बातचीत में बताया था कि “फ्लैंडी के साथ काम करते हुए हमने ये सीखा है कि धीरज कैसे रखा जा सकता है। उनके साथ ट्रेनिंग के दौरान हमने सीखा कि मैच में आप कैसे धीरज के साथ खेल सकते हो। इससे हमारे प्रदर्शन पर भी फर्क पड़ा है। खासकर मैचों में, अब तक हमने तीन मैच खेले हैं और तीनों ही मैच लंबे चले हैं।”

 सब कुछ सही चल रह था लेकिन पिछले महीने लिमपेल ने भारतीय जोड़ी का साथ छोड़ दिया था, जिससे इन दोनों खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अभी युगल जोड़ी के लिए कोई भी स्पेशलिस्ट कोच नहीं है। पिछले सीजन टॉप 10 में जगह बनाने वाले चिराग शेट्टी ने स्पोर्टस्टार से बातचीत के दौरान कहा कि “हमे अनभवी कोच की जरुरत है। अगर हमारे पोस अनुभवी कोच है तो इससे काफी फर्क पड़ता है।”  

अगले स्तर तक पहुंचने का समय: चिराग शेट्टी

इस भारतीय स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा कि “हम वहां लगभग पहुंच गए हैं, यह फासला अब 2-3 पॉइंट का ही रह गया है”। उन्होंने कहा कि “हम 90 प्रतिशत तक वहां पहुंच गए हैं और अब एक अच्छे कोच की मदद से हम अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं”। शेट्टी ने थाईलैंड के कोच रेक्सी  मेनकी (Rexy Mainaky) का उदाहरण देते हुए कहा कि “उनके जैसे कोच की मदद से हम वर्ल्ड की टॉप-3 में स्थान हासिल कर सकते हैं”।

 रेक्सी  मेनकी 1996 ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट है और फिलहाल वह इंडोनेशियन बैडमिंटन टीम के हाई- परफॉर्मेंस डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) इस परेशानी का समाधान खोजने में लगी है और कोरोना वायरस के कारण उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।

बीएआई के जनरल सेक्रेटरी अजय सिंघानिया ने वादा करते हुए हुए कहा कि “स्थिति सामान्य होने के बाद डबल्स का कोच ही हमारी प्राथमिकता होगी। ओलंपिक स्थगित होने के साथ, हम कोचिंग स्टाफ को मजबूत करने के लिए हमे एक युगल कोच की जरुरत है।” 

 इसके अलावा उन्होंने कहा कि “पहले एक बार लॉकडाउन खुल जाए, जिसके बाद हम ये मुद्दा साई और स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री के समक्ष रखेंगे, वैसे इस मामले में मेरी बात नेशनल कोच पुलेला गोपीचंद (P. Gopichand) से पहले ही हो चुकी है। उनका भी यह कहना है कि पहले कोविड-19 की स्थिति सही हो, उसके बाद ही फैसला करना सही होगा।”

अब जब ओलंपिक साल 2021 तक टल गया है तो नए कोच के पास भारतीय जोड़ियों से तालमेल बैठाने का काफी समय होगा।

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