एचएस प्रणॉय ने एशियन गेम्स चैंपियन क्रिस्टी को थाईलैंड ओपन में किया पस्त

भारतीय शटलर एचएस प्रन्नॉय ने पहले लिन डैन और तौफीक हिदायत जैसे दिग्गजों को मात दी है और आज वह एक और बड़े खिलाड़ी के उपर जीत हासिल करने में सफल रहे।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

टोयोटा थाईलैंड ओपन के फेल राउंड में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) ने एशियन गेम्स चैंपियन जोनाथन क्रिस्टी (Jonatan Christie) को धूल चटाते हुए अपने कारवां को आगे बढ़ाया।

प्रणॉय ने क्रिस्टी को बैंकॉक के IMPACT एरीना में 18-21, 21-16, 23-21 से हराया। इस घमासान मुकाबले में भारतीय शटलर ने धीमी शुरुआत की लेकिन खेल के बीच में ही उन्होंने मानों एक अलग ही रफ़्तार पकड़ ली थी। प्रन्नॉय ने कुछ बेहतरीन क्रॉस-कोर्ट शॉट्स भी दिखाए जो उन्हें अंक दिलाने में भी मदद कर रहे थे।

इंडोनेशियाई खिलाड़ी गेम के मध्य तक 11-9 से उपर चल रहा था और खेल के दोबारा शुरू होने पर उन्होंने लगातार 3 अंक भी हासिल किए जिस वजह से दोनों का अंतर बढ़ चुका था। हालांकि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणॉय ने नेट के पास वाले शॉट्स मारने शुरू किए और स्कोर को 17-17 बराबर कर दिया। इसके बाद बेहतरीन खेल दिखाते हुए क्रिस्टी ने लगातार 4 अंक हासिल कर पहली गेम अपने हक में कर ली थी।

एचएस प्रणॉय दूसरी गेम में थोड़े आक्रामक नज़र आए और अपनी स्मैश शॉट्स पर काफी निर्भर भी किया। प्रणॉय के रफ़्तार भरे खेल की वजह से उनके प्रतिद्वंदी को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था और ऐसे में उनसे गलतियां भी ज़्यादा होने लगी।

भारतीय बैडमिंटन स्टार ने दूसरी गेम में को चालाकी से अपने नाम किया और विश्व नंबर 7 के शटलर को फाइनल गेम तक ले गए।

तीसरे गेम में जोनाथन क्रिस्टी थोड़े ज़्यादा सतर्क दिखे और प्रणॉय की रणनीति को भी पूरी तरह भांपने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि आगे समय तक बहर्तीय खिलाड़ी के पास 11-8 की बढ़त थी लेकिन मुकाबले अभी कहीं भी जा सकता था।

मुकाबला दोबारा शुरू हुआ और इस बात इसकी गति और ज़्यादा बढ़ चुकी थी। दोनों ही खिलाड़ी एक दूसरे का डट कर सामना कर रहे थे और देखते ही देखते क्रिस्टी स्कोर को 20-18 कर दिया।

अपनी नव्जों को काबू में करते हुए एचएस प्रणॉय ने अगले दो अंक हासिल कर मुकाबले पर अपने नाम की मुहर लगा दी लेकिन भारतीय प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय यह है कि इस मुकाबले के दौरान प्रन्नॉय के उलटे कंधे में चोट के निशान देखे गए हैं।

इस चोट की वजह से भारतीय शटलर को मुकाबले ख़त्म होने से थी पहले फिजियो को भी दिखाना पड़ा था।

मैच के ख़त्म होने के बाद प्रणॉय ने कहा “मुझे अपनी जीत पर गर्व है। मैंने पिछले कुछ दिनों से अभ्यास नहीं किया था और मेरी रिब में भी दर्द था। शायद मेरी मांसपेशियों में सूजन थी क्योंकि कोरोना के समय में मुझे खांसी बहुत थी। आज मुझे उस जगह पर खड़े होना था जहां कोई उम्मीद नहीं थी।

इसी के साथ मेंस डबल्एमआर अर्जुन (MR Arjun) और ध्रुव कपिला (Dhruv Kapila) की जोड़ी ने ओलिवर लेडन-डेवि (Oliver Leydon-Davis) और अभिनव मानोता (Abhinav Manota) को 23-21, 21-17 से मात दी।

वहीं दूसरी ओर इंडियन वुमेंस डबल्स के खेल में अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponnappa) और एन सिक्की रेड्डी(N Sikki Reddy) की जोड़ी को जर्मन जोड़लिंडा एफ्लर (Linda Efler) और इसाबेल हर्ट्रिक (Isabel Herttrich) ने 21-11, 21-19 से हराते हुए अपने कारवां को आगे बढ़ाया।

अब दोनों ही भारतीय खिलाड़ियों को काफी ज़्यादा मेहनत करनी है। जहां एन सिक्की रेड्डी का सामना मिक्स्ड डबल्स में पतिबी सुमीत रेड् (B Sumeeth Reddy) के साथ खेलेंगी तो वहीं अश्विनी पोनप्पा दूसरे राउंड में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) की जोड़ीडरा बनेंगी।

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