ओलंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी दीपांकर भट्टाचार्य की होगी मस्तिष्क के ट्यूमर की सर्जरी

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी दीपांकर भट्टाचार्य ने बार्सिलोना 1992 और अटंलाटा 1996 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और फिलहाल वह बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

दो बार के ओलंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी दीपांकर भट्टाचार्य (Dipankar Bhattacharjee) को मस्तिष्क का ट्यूमर है और वह मुंबई के अस्पताल में भर्ती है।

48 साल  के दीपांकर भट्टाचार्य ने 1992 बार्सिलोना और 1996 अटंलाटा ओलंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। ऑल इंग्लैंड चैंपियन पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) की तरह दीपांकर भट्टाचार्य भी तीन बार के नेशनल चैंपियन रहे हैं।

1992 बार्सिलोना ओलंपिक गेम्स में पहली बार बैडमिंटन को शामिल किया गया था और वहां दीपांकर ने वहां प्री-क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था। वहां उन्हें उस समय के वर्ल्ड चैंपियन चीन के झाओ जियानुआ (Zhao Jianhua) के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी।

भारतीय शटलर उस समय 20 साल के थे और पहले दौर में उन्होंने बुल्गारिया के इवान इवानोव (Ivan Ivanov) और दूसरे में आस्ट्रिया के हेंस फुच्स (Hannes Fuchs) को हराया था। भट्टाचार्जी ने विमल कुमार (Vimal Kumar) के साथ मिलकर पुरुषों के डबल्स के लिए भी शुरुआत की, लेकिन शुरुआती राउंड में ही उन्हें हार झेलनी पड़ी।

अटंलाटा ओलंपिक के मेंस सिंगल्स में दीपांकर को पहले राउंड में बाई मिला था लेकिन दूसरे राउंड में उन्हें हार झेलनी पड़ी। इस बार भी उन्हें उस समय के वर्ल्ड चैंपियन इंडोनेशिया के हरियानतो अरबी (Hariyanto Arbi) ने हराया।

गुवाहाटी में जन्म लेने वाले दीपांकर असम के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलंपिक तक का सफर तय किया। इसके अलावा नेशनल चैंपियनशिप जीतने वाले वह नॉर्थईस्ट के इकलौते खिलाड़ी हैं। 

हाल ही के समय में दीपांकर नवी मुंबई स्थित अपनी एकेडमी में बच्चों को बैडमिंटन के गुर सिख रहे है।

पीटीआई से बातचीत में दीपांकर ने बताया था कि "मैं सिर्फ अपने हिस्से का काम करना चाहता हूं, मेरे पास जो भी ज्ञान और विशेषज्ञता है, उसे मैं भविष्य के खिलाड़ियों के साथ साझा करना चाहता हूं।"

दीपांकर भट्टाचार्जी की सर्जरी गुरुवार को मुंबई के हिदुंजा हॉस्पिटल में होगी।