कैसे मोर्टन फ्रॉस्ट ने लक्ष्य सेन को उनका लक्ष्य बनाए रखने में की मदद

युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने बताया कि कैसे इस डेनमार्क के दिग्गज ने उनका फोकस बनाए रखने में मदद की, और साथ ही 2019 सीज़न को सफल बनाने की राह दिखाई।

भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) का 2019 सीज़न ख़ास रहा था और ऐसे में उन्होंने बताया कि दिग्गज मोर्टन फ्रॉस्ट (Morten Frost) ने उन्हें 5 BWF खिताब जीतने में मदद की। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने साथी राहुल भारद्वाज (Rahul Bharadwaj) किरण जॉर्ज (Kiran George) और मिथुन मंजुनाथ (Mithun Manjunath) के साथ मोर्टन फ्रॉस्ट और प्रकाश पादुकोण (Prakash Padukone) की अकादमी में 12 हफ्ते गुज़ारे थे। गौरतलब है कि यह संरक्षण 2019 सितंबर के महीने में हुआ था।

लक्ष्य सेन ने संजना घोष के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान कहा, “वह यानी मोर्टन फ्रॉस्ट बेल्जियन इंटरनेशनल (Belgian International) और डच ओपन (Dutch Open) के दौरान भी मेरे साथ थे। वह अभ्यास के समय भी मेरे पास आते थे और मुझसे बातचीत करते थे।”

इस युवा खिलाड़ी ने उन दोनों ही प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी और इसके साथ 3 में भी अपना नाम अव्वल दर्जे पर लिखा था। यह सभी सफलताएं भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को सितंबर से दिसंबर के बीच मिली हैं। यह सीज़न उनके करियर का सबसे अच्छा सीज़न रहा है।

View this post on Instagram

Episode 4: #SanjSpeaks with Lakshya Sen

A post shared by Sanjana Santosh (@sanjanasant) on

‘हमेशा अपना 100 प्रतिशत दें’

भारतीय शटलर ने आगे बताया कि कैसे इस दिग्गज ने उनका हर कदम पर साथ दिया। उन्होंने बताया, “ट्रेनिंग के समय और मुकाबलों से पहले वह हमेशा मेरे पास आया करते थे और ज़रूरी बातचीत करते थे। वह हमेशा से सपोर्ट और मदद करते आएं हैं।

आपको बता दें कि मोर्टन फ्रॉस्ट ने ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियनशिप (All England Open Badminton Championships) में 4 बार गोल्ड मेडल जीते हैं। इतना ही नहीं वह बैडमिंटन हॉल ऑफ़ फेम के सदस्य भी हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि मोर्टन फ्रॉस्ट खेल के इतिहास के सबसे अच्छे खिलाड़ियों से एक हैं और यह कहना भी गलत नहीं होगा कि भरतीय शटलर का इनसे ट्रेनिंग लेना एक सौभाग्य की बात है।

फिलहाल डेनमार्क का यह दिग्गज BWF के कमेंटेटर भी है और लक्ष्य सेन का मानना है कि खेल को लेकर उनकी अंतर्दृष्टि का कोई सानी नहीं है। 2018 यूथ ओलंपिक (2018 Youth Olympics) में सिल्वर मेडल जीतने वाले लक्ष्य सेन ने आगे अपने अल्फ़ाज़ साझा करते हुए कहा, “खिलाड़ियों का विश्लेषण वह बहुत उम्दा करते हैं। खिलाड़ी की कमज़ोरी और ताकत को वह बखूबी परखते हैं। वह हर मैच से पहले साथ में रणनीति बनाते थे, जो कि मेरे लिए हमेशा मददगार साबित हुई।

एक कोच या ट्रेनर तब महान माना जाता है जब उसका शिष्य नीचे से ऊपर पहुंच जाए। लक्ष्य सेन ने मोर्टन फ्रॉस्ट की इस खूबी का भी ज़िक्र करते हुए कहा, “डच ओपन के फाइनल में मैं पहला गेम हार चुका था। ब्रेक के दौरान उन्होंने मुझे कहा कि चाहे लम्बी रैली हो या छोटी, कोई फर्क नहीं पड़ता, बस आपको अपना सब कुछ देना है।” 

“मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर आप कोर्ट में उल्टी भी कर दें, आपको बस अपना 100 प्रतिशत देना है। जापानी शटलर युसुके ओनोडेरा (Yusuke Onodera) इसे जारी नहीं रख पाएंगे और न ही तुम कर सकते हो।” भारतीय बैडमिंटन के युवा सितारे लक्ष्य सेन ने आगे की दो गेम जीत कर डच ओपन का खिताब अपने नाम किया था।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!