किदांबी श्रीकांत और साइना नेहवाल अब भी टोक्यो 2020 में जगह बना सकती हैं: पुलेला गोपीचंद 

क्वालिफ़िकेशन में बदलाव होने के कारण भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत और साइना नेहवाल अपनी रैंकिंग बढ़ाकर टोक्यो ओलंपिक गेम्स में क्वालिफ़ाई कर सकते हैं।

भारतीय बैडमिंटन कोच पुल्लेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) मानते हैं कि भारतीय टॉप रैंक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) और साइना नेहवाल (Saina Nehwal) अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई कर सकते हैं।

अपने करियर में चार चांद लगते हुए नेहवाल ने 2012 लंदन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया था और श्रीकांत 2016 रियो ओलंपिक का हिस्सा रहे थे। फिलहाल दोनों ही शटलर BWF क्वालिफिकेशन में रैंकिंग को बढ़ाकर टोक्यो 2020 में अपनी जगह बनाने की होड़ में लगे हुए हैं।

गौरतलब है कि दोनों ही खिलाड़ी इस समय मेंस और वुमेंस रैंकिंग में 22वें स्थान पर हैं। जहां श्रीकांत की झोली में 40,469 अंक हैं वहीँ नेहवाल 41,847 अंक बटोर चुकी हैं।

अब जब कोरोना वायरस (COVID 19) की वजह से ओलंपिक क्वालिफिकेशन को आगे बढ़ा दिया है तो ऐसे में पुल्लेला गोपीचंद को इन दोनों ही खिलाड़ियों से ख़ास उम्मीदें हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए गोपीचंद ने कहा “हमे खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म को अगले साल जांचना होगा। उस समय होने वली 6 से 7 प्रतियोगिताएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। 2 से 3 अच्छे प्रदर्श के बल पर वह अपनी जगह बना सकते हैं।”

कोच ने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “उनके पास क्वालिफाई करने के मौके पूरे हैं और मैं उम्मीद करता हूं कि दोनों साइना और श्रीकांत क्वालिफाई कर जाएं।”

BWF का निर्णय सही

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते रैंकिंग को फ्रीज़ कर दिया है और अब अगले साल प्रतियोगिताओं के बिनाह पर एक खिलाड़ी का आंकलन किया जाएगा।

टोक्यो 2020 की क्वालिफिकेशन में बदलाव कर इसे दो भागों में बांटा गया है। इसका एक भाग गिना जाएगा 19 अप्रैल, 2019 से 15 मार्च, 2020 के बीच और एक 4 जनवरी, 2021 से 2 मई, 2021 के बीच।

पुल्लेला गोपीचंद ने BWF के निर्णय को सरहाया 
पुल्लेला गोपीचंद ने BWF के निर्णय को सरहाया पुल्लेला गोपीचंद ने BWF के निर्णय को सरहाया 

पुल्लेला गोपीचंद का मानना है कि अगले साल की शुरुआत में क्वालिफिकेशन को 17 हफ़्तों का रखा गया है और इस निर्णय से वह खुश भी हैं।

उन्होंने आगे कहा “मेरे ख्याल में बीडब्लूएफ ने अच्छा निर्णय लिया है। पिछले क्वालिफिकेशन वाली प्रतियोगिताओं को आने वाली विंडो में जगह दी गई है और यह सभी के साथ न्याय है। यह उन खिलाड़ियों के लिए भी न्याय की स्थिति हैं जिन्होंने पहले अयोजित की गई क्वालिफिकेशन में अच्छा प्रदर्शन किया है।”

“तो अब जब बची हुईं प्रतियोगातों को नए दौर में शामिल किया है तो वह सही निर्णय है और यह सबके साथ न्याय करेगा।”

भारतीय शटलरों की स्थिति

फिलहाल भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी केवल मेंस और वूमेंस सिंगल्स और साथ ही मेंस डबल्स में क्वालिफाई कर सकते हैं।

वुमेंस सिंगल्स की बात करें तो पीवी सिंधु (PV Sindhu) फिलहाल क्वालिफिकेशन की तालिका में 70,754 अंक के साथ 7वीं रैंक पर हैं। वहीं दूसरी ओर बी साईं प्रणीत (B Sai Praneeth) 51,527 अंक के साथ 13वीं रैंक पर कायम हैं। मेंस डबल्स पर नज़र डालें तो चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) की जोड़ी 57,500 अंक प्राप्त कर 10वीं रैंक पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।

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