अपनी फिटनेस पर फोकस करने वाली साइना नेहवाल अभी टोक्यो ओलंपिक के बारे में नहीं सोच रहीं

डेनमार्क ओपन से अपना नाम वापस लेने वाली साइना नेहवाल जनवरी में होने वाले प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी करना चाहती हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

लंदन 2012 ओलंपिक की कांस्य-पदक विजेता साइना नेहवाल (Saina Nehwal) का पहला लक्ष्य ये है कि वो अगले साल जनवरी में बैडमिंटन कोर्ट में वापसी करें और टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के बारे में ज्यादा न सोचें।

नेहवाल ने आईएएनएस को बताया, "मेरी कोई योजना नहीं है कि मैं अगले साल ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन कैसे हासिल करुंगी।"

“मैं केवल अपनी फिटनेस में सुधार करने की कोशिश कर रही हूं और इस दौरान मैं अपनी चोट से उबरने की कोशिश कर रही हूं और प्रतियोगिताओं में अच्छा करने की उम्मीद कर रही हूं। मैं ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के बारे में ज्यादा नहीं सोच रही हूं।”

30 वर्षीय नेहवाल से अगले हफ्ते सुपर 750 डेनमार्क ओपन में प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में लौटने की उम्मीद की गई थी। लेकिन वो अपने पति और साथी शटलर पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) के साथ टूर्नामेंट से नाम वापस लेने का फैसला किया। डेनमार्क ओपन मंगलवार को ओडेंस में शुरू हो रहा है।

इसके बजाय दोनों ने जनवरी 2021 में थाईलैंड में 2020 के BWF विश्व दौरे के तीन-टूर्नामेंट एशियाई लेग में कोर्ट में वापसी की योजना बनाई है।

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने COVID-19 महामारी के कारण सीज़न रोक दिया और रैंकिंग को फ्रीज कर दिया था, उससे पहले साइना नेहवाल ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में कोर्ट में आखिरी बार नज़र आई थीं।

उस समय साइना नेहवाल ‘रेस टू टोक्यो’ रैंकिंग में 22 वें नंबर पर थीं और टोक्यो ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई करने के लिए शीर्ष -16 में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं।

पूर्व विश्व नंबर 1 महिला बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा, “मैंने कुछ हफ्तों के लिए उचित ब्रेक लिया। मेरे घुटने और पिंडली में कुछ समस्याएँ थीं, इसलिए उस ब्रेक को लेना अच्छा था।”

"मुझे पता था कि अपने लय को वापस पाने में कुछ महीने लगेंगे और मैंने पूरी फिटनेस हासिल करने के लिए धीरे-धीरे इसकी ओर कदम बढ़ाया है।"

हालांकि ओलंपिक योग्यता उसके दिमाग में सबसे ऊपर नहीं हो सकती है, साइना नेहवाल को अपने चौथे ओलंपिक खेलों में जगह बनाने के इरादे से अगले साल जनवरी से अप्रैल तक योग्यता अवधि तक पहुंचने की उम्मीद है।