COVID-19 प्रोटोकॉल के चलते जर्मनी में फंसे शटलरों को SAI की आर्थिक मदद

वर्तमान में क्वारंटीन में फंसे अजय जयराम और शुभंकर डे के जर्मनी में रहने का खर्च भारतीय खेल प्राधिकरण उठाएगा।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने गुरुवार को जर्मनी में फंसे दो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की वित्तीय सहायता करने की बात कही, जिन्हें कोरोना वायरस (COVID-19) पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद 10 नवंबर तक के लिए सेल्फ-आइसोलेशन में भेज दिया गया है।

लक्ष्य के पिता और कोच डीके सिंह को रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद जर्मनी के सारब्रुकेन में चल रहे सारलोरलक्स ओपन सुपर 100 इवेंट से अजय जयराम (Ajay Jayaram), शुभंकर डे (Subhankar Dey) और लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) हट गए हैं।

जबकि बैडमिंटन खिलाड़ियों को टेस्ट के दौरान नेगेटिव पाया गया और डीके सेन अभी भी इस महामारी से संक्रमित हैं।

लक्ष्य सेन और उनके पिता का खर्च भारत सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत आता है। अब इस नई घोषणा से जयराम और शुभंकर डे को राहत मिलेगी, जिन्हें अपने लिए सारा इंतज़ाम खुद ही करना पड़ रहा था।

गुरुवार को SAI ने कहा, "भारतीय खेल प्राधिकरण बैडमिंटन खिलाड़ी अजय जयराम और शुभंकर की 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक जर्मनी में मानवीय आधार किए गए खर्चों का वित्तीय भुगतान करेगा।"

SAI उनके होटल में ठहरने और भोजन के खर्च के लिए कुल 1.46 लाख रुपये का भुगतान करेगा और 90 प्रतिशत राशि तुरंत जारी कर देखा। SAI फ्रैंकफर्ट में भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है ताकि दोनों खिलाड़ी इस बाधा से जल्द से जल्द उबरकर वापसी कर सके।

भारतीय शटलरों ने इस महीने की शुरुआत में डेनमार्क ओपन सुपर 750 इवेंट में भाग लिया था, और वे जर्मनी में अगले साल होने वाले एशियन लेग ऑफ इवेंट्स का इंतजार कर रहे थे।