खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग को फ्रीज़ करने के लिए BWF कर रहा है विचार

BWF ने पहले अप्रैल के अंत तक सभी बैडमिंटन टूर्नामेंट को स्थगित करने का फैसला किया था।

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन बैडमिंटन खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग को फ्रीज करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि टोक्यो ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है

बीडब्ल्यूएफ ने 20 मार्च को अप्रैल के अंत तक सभी बैडमिंटन टूर्नामेंट्स को स्थगित करने का फैसला किया था, जिसमें तीन कॉन्टिनेंटल कॉन्फेड्रेशन चैंपियनशिप के अलावा बीडब्ल्यूएफ इंडिया ओपन (सुपर 500), मलेशिया ओपन (सुपर 750) और सिंगापुर ओपन (सुपर 500) जैसे बड़े-टिकट वाले बैडमिंटन टूर्नामेंट शामिल थे।

अब टोक्यो ओलंपिक के 2020 से आगे 2021 की गर्मियों में पुनर्निर्धारित होने की उम्मीद है" जिसके बाद विश्व बैडमिंटन निकाय अब रैंकिंग को रोकने पर विचार कर रहा है।

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने एक बयान में कहा, "एथलीटों के लिए, हम ओलंपिक और पैरालिंपिक क्वालिफिकेशन सिस्टम पर ध्यान रखेंगे और किसी भी प्रकार के पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा करेंगे, ताकि स्थगित खेलों के लिए खिलाड़ियों को क्वालिफिकेशन के लिए बेहतर रास्ता मिल सके।"

"बीडब्ल्यूएफ विश्व रैंकिंग को फिर से फ्रीज़ करने पर विचार कर रहा है, जब तक कि अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट फिर से शुरू न हो जाए।

बयान में आगे कहा गया है कि, "हम अभी भी तकनीकि समाधान पर काम कर रहे हैं, ताकि विश्व रैंकिंग की फ्रीजिंग और अन-फ्रीजिंग सभी खिलाड़ियों के लिए उचित हो। हम जल्द ही इसकी घोषणा करेंगे।"

बी साई प्रणीत टोक्यो ओलंपिक में सीधे एंट्री पाने के लिए तैयार हैं
बी साई प्रणीत टोक्यो ओलंपिक में सीधे एंट्री पाने के लिए तैयार हैंबी साई प्रणीत टोक्यो ओलंपिक में सीधे एंट्री पाने के लिए तैयार हैं

ओलंपिक क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया

ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के अनुसार एकल बैडमिंटन खिलाड़ियों को BWF की रैंकिंग में शीर्ष 16 खिलाड़ियों में शामिल होना चाहिए, तब वो टोक्यो के लिए क्वालिफाई कर पाएगा – जबकि डबल्स खिलाड़ियों को BWF ओलंपिक क्वालिफिकेशन रैंकिंग में ओलंपिक के लिए जगह हासिल करने के लिए शीर्ष आठ में होना चाहिए।

सिंगल्स में पुरुष और महिला के प्रत्येक इवेंट में 38 शटलर होंगे, जहां प्रत्येक देश के पास प्रत्येक इवेंट में अधिकतम दो खिलाड़ियों को भेजने की अनुमति होगी, बशर्ते दोनों खिलाड़ी BWF ओलंपिक क्वालिफिकेशन रैंकिंग सूची में दुनिया के शीर्ष 16 में हों।

यदि कोई देश सीधे क्वालिफाई (शीर्ष 16 रैंकिंग) की रेस से बाहर हो जाता है, तो उसे शेष 22 स्थानों में जगह हासिल करने के लिए दूसरा मौका मिल सकता है, जब तक 38 खिलाड़ियों का रोस्टर पूरा नहीं हो जाता।

डबल्स के लिए सिर्फ एक ही नियम है, जहां जोड़ी को सीधे क्वालिफाई करने के लिए BWF रैंकिंग में शीर्ष आठ होना चाहिए।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की स्थिति

अंतिम BWF इवेंट जो ऑल इंग्लैंड ओपन थी, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम दो महीने के लिए रूक गई थी।

यदि BWF विश्व रैंकिंग को फ्रीज करने का फैसला करता है, तो 24 मार्च को जारी रैंकिंग के अनुसार, केवल दो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सीधा ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर पाएंगे।

बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) रेस टू टोक्यो में बने रहेंगे - BWF ओलंपिक क्वालिफिकेशन रैंकिंग में पुरुषों की एकल श्रेणी में वो 51,527 अंकों के साथ 13वें स्थान पर हैं। बी साई प्रणीत के साथी और पूर्व विश्व नंबर एक शटलर किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) 40,469 अंकों के साथ 22 वें स्थान पर सीधी क्वालिफाई रैंकिंग रेंज से बाहर हैं।

पीवी सिंधु (PV Sindhu) ऑल इंग्लैंड ओपन के अंतिम आठ में स्थान हासिल करने के बाद महिला एकल में 70,754 अंकों के साथ सातवें स्थान पर हैं। दूसरी ओर साइना नेहवाल (Saina Nehwal) की शुरूआती दौर में हार ने उन्हें 41,847 के साथ 22 वें स्थान पर पहुंचा दिया है, जो अब सीधी क्वलिफाई रैंज से बाहर हो गई हैं।

सात्विकसाईराज रैंकिरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की पुरुष युगल जोड़ी ऑल इंग्लैंड ओपन में प्रतिस्पर्धा नहीं करने का फैसला करने के बाद सीधे क्वालिफिकेशन स्पॉट से बाहर हो गई है। वो 57,500 अंकों के साथ पुरुषों की युगल रैंकिंग में नौवें स्थान पर हैं।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!