विमल कुमार को उम्मीद है कि भारतीय शटलर जल्द ही फिर शुरू करेंगे ट्रेनिंग

विमल कुमार का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को COVID-19 के जरूरी टेस्ट के बाद उनको ट्रेनिंग की अनुमति दी जानी चाहिए।

जहां एक तरफ कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में तमाम खेलों पर रोक लगा दी गई है, वहीं भारतीय एथलीटों को टोक्यो 2020 के लिए उनकी रूटीन ट्रेनिंग करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन यू विमल कुमार (former national champion U Vimal Kumar) चाहते हैं कि चीन (China), दक्षिण कोरिया (South Korea) और जापान (Japan) जैसे देशों की तरह ही भारत अपने एथलीटों को टोक्यो 2020 के लिए तैयार करने में उनकी मदद करे। 

चीनी बैडमिंटन खिलाड़ी फरवरी से नॉटिंघम में प्रशिक्षण ले रहें हैं। विमल कुमार जो मुख्य रूप से साइना नेहवाल को प्रशिक्षण देते थे, वह अब लक्ष्य सेन को भी प्रशिक्षण दे रहें हैं। विमल कुमार ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से बात करते हुए कहा, "भारतीय अधिकारियों को अपने एथलीटों की ट्रेनिंग के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।"  

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा, "आप बैडमिंटन में अन्य देशों को देखिए। जहां चीन, जापान या कोरिया अपने एथलीटों को कैसे प्रशिक्षण दे रहें हैं। वे विभिन्न देशों में रह रहे हैं और प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। यहां हमारे पास मुश्किल से 100 एथलीट हैं, जो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। हमें उन्हें थोड़ा अलग नज़रिए से देखना होगा।"

भारतीय बैडमिंडन खिलाड़ी ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप (All England Open Badminton Championships) से अपने घर वापस लौट आए हैं। दरअसल, तेलंगाना और कर्नाटक सरकार के आदेश के बाद हैदराबाद स्थित गोपीचंद अकादमी (Gopichand Academy) और बेंगलुरु स्थित प्रकाश पादुकोण अकादमी (Prakash Padukone Academy) को बंद कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में विमल कुमार का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को COVID-19 के जरूरी टेस्ट के बाद उनको ट्रेनिंग की अनुमति दे देनी चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा, "मैं खेल समुदाय के लिए दुखी हूं। वे एक स्वस्थ जीवन शैली का पालन करते हैं, उनके पास आम लोगों के मुकाबले प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है। मेरा मानना ​​है कि सरकार को इन एथलीटों के परीक्षण करने के तरीकों पर गौर करना चाहिए, जो पहले से ही क्वालिफाई कर चुके हैं और उन्हें ट्रेनिंग लेने की अनुमति दे दी जानी चाहिए।"

"अगर ओलंपिक के लिए कोई एक और साल होता तो मैं ऐसा नहीं कहता। यह हर चार साल के बाद आता है। इसलिए उन्हें लगातार परीक्षण के माध्यम से रखें और यहां तक कि अगर परीक्षण के दौरान कोई पॉजिटिव पाया जाता है तो वह दो सप्ताह के अंदर ठीक हो जाएगा।"

2019 वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप (2019 World Badminton Championships) में कांस्य पदक जीतने वाले बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) ने भी उम्मीद जताई है कि उन्हें जल्द से जल्द इस स्थिति का पता चल जाएगा। उन्होंने कहा, "यहां अभी बहुत अनिश्चितता है। अगर चीजें सुधरी नहीं तो BWF इवेंट्स के आयोजन के बारे में कैसे मालूम होगा। इस बारे में फिलहाल हम कुछ नहीं जानते, लेकिन हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "दो सप्ताह का ब्रेक हमारी फिटनेस को काफी प्रभावित करेगा। मेरे अपार्टमेंट में जिम भी बंद कर दिया गया है, इसलिए मेरे पास अपनी फिटनेस पर काम करने का कोई तरीका नहीं है। मैं कैंपस के अंदर लंबी सैर और जॉगिंग करता हूं।"

बताते चलें कि पीवी सिंधु (PV Sindhu) के साथ-साथ साई प्रणीत और सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की पुरुष युगल जोड़ी ने टोक्यो 2020 में अपना स्थान हासिल कर चुके हैं।

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