पुलेला गोपीचंद ने भारतीय शटलरों को अपनी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा 

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने साल 2020 की शुरूआत में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, और कोई भी खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं जा सका है, जिनसे ओलंपिक में उम्मीद लगाई जा रही है। 

लेखक ओलंपिक चैनल ·

राष्ट्रीय कोच और पूर्व भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) ने अपने शटलरों से कहा है कि वो आने वाले टूर्नामेंट्स के लिए अपने प्रदर्शन को बेहतर करने पर ध्यान दें, न कि जो इवेंट नहीं हुए हैं या रद्द हो गएं हैं उसको लेकर चिंता करें।

"मुझे लगता है कि हमारे लिए दूसरे इवेंट के बारे में बहुत ज्यादा सोचना सही नहीं होगा। आपका प्रदर्शन ही एक विषय है जिसके बारे में आप सोच सकते हैं।

पुलेला गोपीचंद ने द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि “हम अच्छी तरह से तैयार हैं। और मुझे उम्मीद है कि जब भी खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, वो बेहतर प्रदर्शन करेंगे”।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap) और साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) से शनिवार को ट्वीट के माध्यम से 30 अप्रैल को निर्धारित ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए कट-ऑफ समय को बढ़ाने का आग्रह किया था।

BWF ने कहा बदलाव करना उचित नहीं

आपको बता दें कि मार्च में पहले ही तीन बड़े ओलंपिक बैडमिंटन क्वालीफायर मुकाबलों को स्थगित या रद्द कर दिया गया है। इन टूर्नामेंट में जर्मन ओपन, पोलिश ओपन और चाइना मास्टर्स शामिल थे, जिनमें 16,500 अंक अर्जित किए जा सकते थे, जिसे शटलर्स हासिल करने से चूक गए।

हालांकि, विश्व बैडमिंटन निकाय का मानना है कि दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामलों के बढ़ने के कारण ओलंपिक क्वालिफायर इवेंट्स के स्थानांतरण या रद्द हो जाने के बावजूद बदलाव करना उचित नहीं है।

BWF के बयान में कहा गया है कि, "मौजूदा ओलंपिक क्वालिफिकेशन नियमों में किसी भी तरह का सकारात्मक या नकारात्मक बदलाव दोनों तरह के खिलाड़ियों को सकारात्मक या नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा और स्थानांतरित और रद्द होने के बावजूद बदलाव उचित नहीं है।"

आगे कहा गया कि, "ओलंपिक क्वालिफिकेशन के संदर्भ में BWF इस समय ओलंपिक क्वालिफिकेशन अवधि से संबंधित नियमों में कोई फेरबदल करने की योजना नहीं बना रहा है।"

ऑल इंग्लैंड ओपन 2020 के दूसरे राउंड में सुंग जी-ह्यून से भिड़ेंगी पीवी सिंधु।

2020 में भारतीय शटलरों की निराशाजनक शुरूआत

2019 सीज़न का शानदार अंत करने के बाद, भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को ओलंपिक क्वालिफिकेशन सूची में अपने रैंकिंग अंक में सुधार करने के लिए अपने खेल में श्रेष्ठ होना था।

हालांकि, मलेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय महिला बैडमिंटन शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) और मलेशिया मास्टर्स और बार्सिलोना स्पेन मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली साइना नेहवाल को छोड़ दें, तो शीर्ष शटलर्स में से किसी ने भी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए आगे का सफर

सीज़न की निराशाजनक शुरुआत ने आने वाले दो महीने भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण बना दिए हैं और उनके पास मार्च में होने वाले दो बड़े इवेंट्स हैं, जहां वो ओलंपिक का टिकट हासिल कर सकते हैं।

11 से 15 मार्च तक निर्धारित ऑल इंग्लैंड ओपन (All England Open) में अधिकतम 12,000 अंक अर्जित करने का मौका होगा, जबकि महीने के अंतिम सप्ताह में इंडियन ओपन में 9,200 अंक दाव पर होंगे।